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आपके बच्चे में बढ़ेगा 'सिक्सथ सेंस', अगर बचपन से उसमें पैरेंट्स डालेंगे ये सारे 'हैबिट्स'

ज्यादातर लोग चाहते है कि वो तेज दिमाग के हो. और उनकी आने वाली पीढ़ी भी तेज हो। स्वस्थ व खुशहाल रहे। हर पैरेंट्स की चाहत होती है कि उनका बच्चा बहुत तेज हो। तेज होने के लिए स्वस्थ रहना भी जरुरी है। पेरेंट्स की चाहत होती हैं कि उनके बच्चे का दिमाग आइंस्टाइन जितना तेज हो

suman

sumanBy suman

Published on 3 Aug 2019 3:10 AM GMT

आपके बच्चे में बढ़ेगा सिक्सथ सेंस, अगर बचपन से उसमें पैरेंट्स डालेंगे ये सारे हैबिट्स
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जयपुर: ज्यादातर लोग चाहते है कि वो तेज दिमाग के हो. और उनकी आने वाली पीढ़ी भी तेज हो। स्वस्थ व खुशहाल रहे। हर पैरेंट्स की चाहत होती है कि उनका बच्चा बहुत तेज हो। तेज होने के लिए स्वस्थ रहना भी जरुरी है। पेरेंट्स की चाहत होती हैं कि उनके बच्चे का दिमाग आइंस्टाइन जितना तेज हो और अपना नाम करें। इसके लिए उनके खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरुरत है।

*हेल्दी फूड फाइबर, फैट और प्रोटीन युक्त खाना खाएं व बच्चों में खाने की आदत डालें।ये शरीर में पोषण की कमी को पूरा करेगा और दिमाग को तेज करते हैं।

*डेली एक्सरसाइज ,खुद व बच्चों में रेगुलर एक्सरसाइज की आदत डालें। इससे दिमाग और शरीर दोनों ही स्वस्थ्य रहते हैं। एक्सरसाइज करने से बच्चों का दिमाग लंबे समय तक स्वस्थ रह सकता हैं।

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*मछली , अगर आप नॉन वेजिटेरियन है तो अपने बच्चे में मछली खाने की आदत डालें। दिमाग के लिए बहुत फायदेमंद है। यह दिमाग को अवसाद और मति-भ्रम से बचाता है। इसमें मौजूद ओमेगा-3 नाम का आवश्यक फैट एसिड होता है, जो दिमाग के लिए हैल्दी होता है।

*माइंड गेम, सुडोकु, शतरंग खेलें और पहेलियां सुलझाएं। नियमित रूप से दिमाग वाले खेल खेलने से दिमाग को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकते हैं, जिससे यादाश्त भी बढ़ती है। बच्चों में इन खेलों के प्रति जिज्ञास विकसित करें।

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*अच्छी नींद लेना, अच्छी नींद शरीर के लिए काफी फायदेमंद है। अच्छी नींद लेने से यादाश्त में सकारात्मक परिवर्तन आता है। सोते समय दिमाग बहुत सी कड़वी और गैर-जरूरी यादों को भूल जाता है। वैज्ञानिकों ने अध्ययन किया है, जब हमारे शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिलता, उस समय हमारा दिमाग ज़रूरी चीज़ों को भूलने लगता है और ऐसे में हमारे लिए नई चीज़ों को याद रखना मुश्किल हो जाता है। बच्चों को सुलाते समय अच्छी अच्छी ज्ञान की बाते बताएं। धर्म का पाठ पढ़ाकर सुलाएं इससे बच्चों को अचछी नींद के साथ सोचने समझने व कल्पना करने की क्षमता बढ़ेगी।

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