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Corona Virus : देशभर के 174 जिलों में मिले कोरोना के नए घातक स्वरूप

कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच राजधानी दिल्ली, पंजाब, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, केरल और गुजरात में कोरोना के गंभीर स्वरूपों का पता चला है जो कोरोना के संक्रमण की रफ्तार को बढ़ा सकते हैं।

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NetworkReport NetworkSushil ShuklaPublished By Sushil Shukla

Published on 8 July 2021 4:04 AM GMT

Delta Plus, a new form of corona virus, that this variant has the ability to neutralize the vaccine and antibodies.
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डेल्टा प्लस (फोटो-सोशल मीडिया)

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Corona Virus : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बीच लोगों खास सतर्कता बरतने की सलाह दी है। दरअसल, देशभर के 174 जिलों में कोरोना के 'अल्फा', 'बीटा', 'गामा' और 'डेल्टा' स्वरूप की मौजूदगी का पता चला है। कोरोना के इन नए स्वरूपों की वजह से एक बार फिर कोरोना के तेजी से संक्रमण का खतरा पैदा हो गया है। यही नहीं, ये नए स्वरूप टीके की खुराक ले चुके लोगों को भी अपनी चपेट में ले रहे हैं।

बता दें, अभी तक कोरोना वायरस (Corona Virus) के 120 से भी अधिक म्यूटेशन (Mutation) की पहचान भारत में हुई है, लेकिन इनमें से अल्फा (Alfa), बीटा (Beta)), गामा (Gama) और डेल्टा (Delta) स्वरूप ने सबसे अधिक असर दिखाया है। इसके बाद 'डेल्टा प्लस' (Delta Plus) स्वरूप भी तेजी से बढ़ रहा है।

जहां संक्रमण अधिक, वहां लग सकता है लॉकडाउन

लाॅकडाउन सांकेतिक फोटो (साभार सोशल मीडिया)


पूर्वोत्तर राज्यों में बढ़ते कोरोना के ग्राफ के मद्देनजर एक बार फिर लॉकडाउन लगाने पर विचार किया जा सकता है। अब तक 73 से अधिक जिलों में संक्रमण दर 10 फीसदी से अधिक हो चुकी है जिनमें से 48 जिले पूर्वोत्तर राज्यों से हैं। बुधवार को केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में फैसला लिया गया है कि जहां संक्रमण अधिक होगा, वहां लॉकडाउन लगाया जा सकता है।

सरकार ने जारी की एडवायजरी

राजेश भूषण, केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव (फाइल फोटो)

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की ओर से अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, केरल, मेघालय, ओडिशा, त्रिपुरा और सिक्किम की राज्‍य सरकारों को पत्र लिखकर कई जरूरी कदम उठाने को कहा गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा, वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सामूहिक प्रयासों को मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में यह चिंता का विषय है कि राज्य में साप्ताहिक संक्रमण दर 16.2 प्रतिशत (28 जून -चार जुलाई) है, जो लगातार चार सप्ताह से बढ़ रही है। भूषण ने कहा, 25 जिलों में से 19 में 10 प्रतिशत से अधिक संक्रमण दर दर्ज की जा रही हैं, जो परेशानी का कारण बन रही हैं। बारह जिलों में पिछले चार हफ्तों में नए मामलों की संख्या में वृद्धि हुई है। चार जुलाई को सप्ताह के अंत में चांगलांग, पूर्वी सियांग, लोहित, पापुम पारे, तवांग और ऊपरी सुबनसिरी जिलों में से प्रत्येक में 100 से अधिक नए मामले सामने आए। इसके साथ ही नामसाई जिले में मौत की संख्या में वृद्धि हुई है। असम के मामले में उन्होंने कहा कि हालांकि राज्य में नए मामलों की संख्या में गिरावट देखी गई है, लेकिन इसके 33 जिलों में से चार में पिछले चार हफ्तों में आंकड़े में वृद्धि दिखाई दी है और चार जुलाई को सप्ताह के अंत तक 29 जिलों में 100 से अधिक नए मामले सामने आए हैं। मणिपुर में, उन्होंने कहा कि 16 में से दो जिलों (बिष्णुपुर और कंगपोकपी) में चार सप्ताह से नए मामलों की संख्या में तेजी देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि हालांकि केरल में नए मामलों की संख्या में गिरावट देखी गई है, लेकिन इसके 14 में से दो जिलों में चार सप्ताह के आंकड़े में वृद्धि दिखाई पड़ती है। मेघालय में अभी भी साप्ताहिक संक्रमण दर 14.05 प्रतिशत (28 जून से चार जुलाई) दर्ज हो रही है। नागालैंड में 13 जून, 20 जून और 27 जून को समाप्त में संक्रमण दर 10 प्रतिशत से अधिक दर्ज की गई है।

अक्तूबर के बाद सबसे कम साप्ताहिक मौतें: डब्ल्यूएचओ

दुनिया भर में पिछले सप्ताह कोरोना के मामले बढ़े हैं, लेकिन एक सप्ताह में मौतों की संख्या घटकर अक्तूबर के बाद से सबसे निचले स्तर पर है। संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने बुधवार को साप्ताहिक महामारी विज्ञान रिपोर्ट में कहा कि यूरोपीय क्षेत्र के 53 देशों में संक्रमण के मामलों में 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि 28 जून से 4 जुलाई के बीच कोरोना के 26 लाख से अधिक नए मामले सामने आए, जो पिछले सप्ताह की तुलना में मामूली वृद्धि थी, जबकि सप्ताह में दर्ज की गई मौतों की संख्या सात प्रतिशत घटकर 54 हजार रह गई। यह अक्तूबर के बाद सबसे कम आंकड़ा है।

Sushil Shukla

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