Health : उम्र की मोहताज नहीं रूमेटाइड अर्थराइटिस

Published by seema Published: October 11, 2019 | 3:47 pm

Health : उम्र की मोहताज नहीं रूमेटाइड अर्थराइटिस

नई दिल्ली : कई लोगों को ऐसा लगता है कि अर्थराइटिस या गठिया बुजुर्गों की बीमारी है लेकिन सच्चाई ये है कि ये बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है। मूल रूप से ऑस्टियोअर्थराइटिस, अर्थराइटिस का ही एक रूप है, जो कि उम्र बढऩे पर अधिक पाई जाती है, लेकिन रूमेटाइड अर्थराइटिस किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है। व्यायाम में दिलचस्पी न लेना, खाने का अस्वस्थकर तरीका या असक्रिय जीवनशैली आदि के कारण रूमेटाइड अर्थराइटिस की बीमारी लोगों में अधिक देखने को मिल रही है। यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जहां आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली अत्यधिक सक्रिय हो जाती है और शरीर के अंदरूनी जोड़ों पर हमला करने लगती है। जोड़ों में सूजन, सुबह उठने पर उनमें कड़ापन और लगातार दर्द इसके सामान्य लक्षणों में शामिल हैं।

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ऐसे लोग जिनका अधिकांश समय कार या ऑफिस के अंदर बीतता है, उन्हें सुबह के समय थोड़ी देर धूप में जरूर बिताना चाहिए। साथ ही उन्हें सेहतमंद जीवनशैली जीने पर जोर देना चाहिए। इसमें नियमित रूप से जिम जाना, फिजिकल एक्टिविटी वाले खेलों में हिस्सा लेना, जॉगिंग, स्विमिंग आदि शामिल है। इससे जोड़ों के आस-पास की मांसपेशियां मजबूत रहती हैं। यदि आपके पैरों में एक हफ्ते से अधिक जोड़ों में दर्द या कड़ापन हो, तो देर न करें। तुरंत ही रूमेटोलॉजिस्ट से सलाह लें।