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जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या हुई 92, 46 पुलिसवाले हुए लाइनहाजिर

बता दें कि सहारनपुर के 64, रुड़की में 20 और कुशीनगर में 8 लोगों की मौत हुई है। इनमें से सहारनपुर के 18 लोगों की मौत इलाज के दौरान मेरठ में हुई है।

Shivakant Shukla

Shivakant ShuklaBy Shivakant Shukla

Published on 9 Feb 2019 3:34 PM GMT

जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या हुई 92, 46 पुलिसवाले हुए लाइनहाजिर
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या थमने का नाम नहीं ले रही है। सहारनपुर, रुड़की और कुशीनगर में जहरीली शराब पीने से अब तक कुल मरने वालों की संख्या 92 हो गई है।

बता दें कि सहारनपुर के 64, रुड़की में 20 और कुशीनगर में 8 लोगों की मौत हुई है। इनमें से सहारनपुर के 18 लोगों की मौत इलाज के दौरान मेरठ में हुई है।

वहीं आज आईजी जय नारायन सिंह और कमिश्नर अमित गुप्ता कुशीनगर के प्रभावित गांवों में पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद जल्द मिलने का भरोसा दिलाया। इसके बाद आईजी ने तरया सुजान थाने और उसके अंतर्गत आने वाली चौकियों के सभी 46 पुलिसवालों को लाइनहाजिर कर दिया।

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सहारनपुर के अधिकारियों के मुताबिक तेरहवीं संस्कार उततराखंड में गए लोग वापस आए तो मौत होनी शुरू हुई। अब तक इस मामले में 46 लोगों का पोस्टमॉर्टम हो चुका है जिसमें 36 लोगों की मौत शराब की वजह से बताई जा रही है। वहीं मेरठ में मरने वाले 18 लोग सहारनपुर से लाए गए थे, जिनकी इलाज के दौरान मौत हुई है। सहारनपुर जिले के नागल, गागलहेड़ी और देवबंद थाना क्षेत्र के कई गांव में जहां देर रात शराब पीने से 44 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 30 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती हैं। कई लोगों की हालत मेरठ के मेडिकल अस्पताल में नाजुक बनी हुई है।

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प्रशासन की लापरवाही के लिए सरकार ने नागल थाना प्रभारी सहित दस पुलिसकर्मा और आबकारी विभाग के तीन इंस्पेक्टर व दो कांस्टेबर को सस्पेंड कर दिया है। वहीं आबकारी विभाग के सिपाही अरविंद और नीरज भी निलंबित किए गए हैं। सरकार की तरफ से साफ निर्देश दिए गए हैं कि जिस जिले में लापरवाही होगी वहां के पुलिस कप्तान और जिलाधिकारी को इसका खामियाजा भुगतना होगा।

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शासन ने जहरीली शराब से मरने वालों को दो-दो लाख और बीमारों को 50-50 हजार की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। डीएम डॉ.अनिल कुमार सिंह ने बताया कि पारिवारिक लाभ योजना के तहत नौ पीड़ित परिवारों को 30-30 हजार की आर्थिक मदद दी गई है।

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