‘आप’ के निशाने पर BJP, लगाया देश को गुमराह करने का आरोप, कहा-

निर्भया रेप और हत्या मामले को लेकर बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच वार-पलटवार शुरू हो गया है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के निर्भया के दोषियों की फांसी में देरी के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार को जिम्मेदार बताए जाने के बाद AAP के सांसद संजय सिंह ने बीजेपी पर पलटवार किया है।

Published by suman Published: January 16, 2020 | 8:00 pm

नई दिल्ली : निर्भया रेप और हत्या मामले को लेकर बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच वार-पलटवार शुरू हो गया है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के निर्भया के दोषियों की फांसी में देरी के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार को जिम्मेदार बताए जाने के बाद आप  के सांसद संजय सिंह ने बीजेपी पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा, ‘पूरा देश जानता है पुलिस और कानून व्यवस्था बीजेपी के पास है, फिर बेशर्मी के साथ केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर देश को गुमराह कर रहे हैं। फांसी में विलंब के लिए केंद्र सरकार माफी मांगे।’

 

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संजय सिंह ने कहा, बीजेपी चुनाव के प्रभारी और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावेड़कर ने बयान दिया कि निर्भया के आरोपियों को सज़ा देने में दिल्ली सरकार की वज़ह से विलंब हो रहा है।  इससे बड़ा हास्यास्पद और झूठा बयान हो नहीं सकता। संजय सिंह ने कहा, पूरा देश जानता है कि दिल्ली की कानून व्यवस्था, दिल्ली पुलिस और बीजेपी की केंद्र सरकार के अधीन है।

बता दें कि निर्भया रेप और हत्या मामले में देरी के लिए बीजेपी ने दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।   केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने गुरुवार को कहा, ‘अरविंद केजरीवाल सरकार के वकील कह रहे हैं कि निर्भया के दोषियों को 22 को फांसी नहीं हो सकती क्योंकि अभी अपील का वक्त है।’

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जावड़ेकर ने कहा, ‘ये वक्त दिया किसने? 2017 में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद एक सप्ताह में अगर उनको नोटिस दिया जाता तो आजतक उनके अपील के सारे अधिकार खत्म हो गए होते और वो पहले ही फांसी पर लटक गए होते है। प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कहा था कि इस मामले में मौत की सजा के खिलाफ दोषियों की याचिका को सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2017 में खारिज किए जाने के ढाई साल बाद भी दिल्ली सरकार ने उन लोगों को नोटिस नहीं भेजा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के एक हफ्ते के भीतर सभी दोषियों को अगर आप सरकार ने नोटिस दे दिया होता तो अब तक उन्हें फांसी हो चुकी होती और देश को इंसाफ मिल चुका होता।

बता दें कि उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार ने बुधवार को निर्भया दुष्कर्म और हत्या मामले में मौत की सजा पाए चार दोषियों में से एक मुकेश की दया याचिका खारिज करने की सिफारिश की और उसे ‘बिजली की गति’ से उपराज्यपाल के पास भेज दिया। दिल्ली सरकार ने उच्च न्यायालय को यह भी सूचित किया कि दोषियों को 22 जनवरी को फांसी पर नहीं लटकाया जाएगा क्योंकि उनमें से एक मुकेश ने दया याचिका दायर की है। चारों दोषियों मुकेश (32), विनय शर्मा (26), अक्षय कुमार सिंह (31) और पवन गुप्ता (25) को तिहाड़ जेल में 22 जनवरी की सुबह सात बजे फांसी दी जानी थी। चारों दोषियों को सुनाई गई मौत की सजा पर अमल के लिए दिल्ली की एक अदालत ने सात जनवरी को आदेश जारी किया था।