तत्काल शुरू करे रजिस्ट्रेशन, देरी होने पर अधिकारी जाएंगे जेल

आम्रपाली के बायर्स के लिए शीर्ष अदालत ने राहत भरी खबर दी है। अदालत ने नोएडा ग्रेटरनोएडा प्राधिकरण को रजिस्ट्री खोलने का निर्देश दिया है। त्रिपक्षीय रजिस्ट्री होने के चलते प्राधिकरण ने अब तक रजिस्ट्री की अनुमति नहीं दी थी।

Published by Roshni Khan Published: August 13, 2019 | 1:11 pm
Modified: August 13, 2019 | 2:35 pm

नोएडा: आम्रपाली के बायर्स के लिए शीर्ष अदालत ने राहत भरी खबर दी है। अदालत ने नोएडा ग्रेटरनोएडा प्राधिकरण को रजिस्ट्री खोलने का निर्देश दिया है। त्रिपक्षीय रजिस्ट्री होने के चलते प्राधिकरण ने अब तक रजिस्ट्री की अनुमति नहीं दी थी। उसे बकाए की चिंता थी। लेकिन शीर्ष अदालत स्पष्ट कहा कि तत्काल प्रभाव से रजिस्ट्री खोली जाए। इससे नोएडा में करीब 10 हजार होम बायर्स को मालिकाना हक मिल सकेगा। अब तक बायर्स को फ्लैटों पर कब्जा तो मिल गया था। लेकिन रजिस्ट्री नहीं हो सकी थी। इसकी वजह बिल्डर पर प्राधिकरण का 2200 करोड़ रुपए बकाया होना है। बहराल शीर्ष अदालत ने पहले आदेश में स्पष्ट कर दिया था कि प्राधिकरण बकाया वसूलते रहे लेकिन मकानों पर पहला हक बायर्स का है। ऐसे में रजिस्ट्री शुरू की जाए।

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देरी होने पर जाएंगे जेल

शीर्ष अदालत ने कहा कि यदि रजिस्ट्री खोलने में किसी तरह की आनाकानी या देर की गई। यही नहीं बायर्स को परेशानी हुई तो संबंधित अधिकारियों को जेल भेजा जाएगा। यह आदेश नोएडा व ग्रेटरनोएडा प्राधिकरण को दिए है। बता दें 2009 में बायर्स ने घर बुक कराए थे। जिसमे महज 10 हजार लोगों को ही फ्लैट पर कब्जा मिल सका है। लेकिन मालिकाना हक अब तक नहीं मिला। ऐसे में जल्द ही रजिस्ट्री खोलने के लिए कहा है।

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