60 सैलानियों से भरी नाव गोदावरी नदी में पलटी, मृतकों की संख्या 46 तक बढ़ने का डर

रविवार को आंध्र प्रदेश में गोदावरी नदी में नाव में कुछ लोग जा रहे थे। मॉनसून ट्रिप पर निकले इन 72 लोगों को अंदाजा भी नहीं होगा कि वह कितने बड़े हादसे का शिकार होनेवाले हैं।

नई दिल्ली : रविवार को आंध्र प्रदेश में गोदावरी नदी में नाव में कुछ लोग जा रहे थे। मॉनसून ट्रिप पर निकले इन 72 लोगों को अंदाजा भी नहीं होगा कि वह कितने बड़े हादसे का शिकार होने वाले हैं।

यह नाव गोदावरी में तेज बहाव के चलते पलट गई, जिसमें अबतक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। यह आंकड़ा 46 तक बढ़ने का डर बना हुआ है क्योंकि कई लोग लापता हैं। इसे 1964 के बाद हुआ सबसे बड़ा हादसा बताया जा रहा है, उसमें 60 लोगों ने जान गंवाई थी।

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सीएम जगनमोहन रेड्डी ने सरकार में मंत्री अवंती श्रीनिवास को घटना स्थल पर पहुंचने के लिए कहा है। वहीं सीएम जगनमोहन रेड्डी ने हादसे पर दुःख प्रकट करते हुए इसकी रिपोर्ट मांगी है।

सीएम जगनमोहन रेड्डी

सीएम जगनमोहन रेड्डी ने अधिकारियों को घटना स्थल पर राहत एवं बचाव कार्य करने का आदेश दिया हैं। सीएम ने अधिकारियों से राहत कार्य में ओनजीसी और नौसेना के हेलिकॉप्टरों का भी उपयोग करने को कहा है।

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सीएम के कहने पर अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नौका संचालन पर रोक लगाने के साथ ही सभी नाव संचालकों के लाइसेन्स चेक करने को कहा है। आंध्र प्रदेश में हुए इस बड़े भयानक हादसे में अभी तक सिर्फ 10 ही लोगों बचा जा सका है। बाकियों की खोज और बचाव कार्य चल रहा है।

सेफ्टी जैकेट नहीं पहना था

इस हादसे में लोगों की लापरवाही भी सामने आई है। बरामद किए गए शवों में से किसी की बॉडी पर लाइफ सपोर्ट जैकेट नहीं था। वहीं बचनेवालों ने सेफ्टी जैकेट पहना हुआ था। उन्होंने ही बताया कि अन्य लोगों ने जैकेट उतार दी थी क्योंकि वह गर्म होने की वजह से असुविधाजनक थी।

हादसे में बचे एक शख्स सुरेश ने बताया कि जैसे ही नाव के निचले हिस्से में पानी भरने लगा तो उन्होंने लाइफ जैकेट बांटना शुरू कर दिया था। जिन-जिनके पास लाइफ जैकेट थी वे किनारे पहुंच गए और उन्हें गांववालों ने बचा लिया। फिलहाल एनडीआरएफ और सीडीआरएफ के करीब 100 कर्मी बाकी लोगों की खोज में जुटे हैं।

नहीं था लाइसेंस

राज्य के पर्यटन मंत्री अवंती श्रीनिवास राव ने रविवार को इस हादसे पर दुख जताया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस नाव (रॉयल वशिष्ठ) के पास विभाग से कोई लाइसेंस नहीं था।

उन्होंने बताया कि पानी के ऐसे बहाव में टूरिस्ट ट्रिप की इजाजत नहीं दी जाती, उन्होंने यह भी दावा किया कि नाव चला रहे लोगों ने बैराज पर लगे चेतावनी संदेश को भी नजरअंदाज किया। पर्यटन मंत्री ने आगे कहा कि इस बारे में गहन जांच होगी।

हादसे पर पीएम मोदी समेत सभी बड़े नेताओं ने दुख जताया। मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने रविवार को ही जिले के सभी उपलब्ध मंत्रियों को घटना स्थल पर बचाव कार्यों की निगरानी करने का आदेश दे दिया था।

साथ ही सीएम ने मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा भी की थी। वहीं तेलंगाना सीएम के चंद्रशेखर राव ने जान गंवानेवालों के परिवार को 5-5 लाख देने की बात कही।