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Tamil Bible: सत्रह साल पहले भारत से चोरी हुई बाइबल, अब लंदन के म्यूजियम में मिली

Tamil Bible: 300 साल पहले छपी दुनिया की पहली तमिल बाइबल तमिलनाडु से चोरी करके लंदन के म्यूजियम में पहुंचा दी गई।

Neel Mani Lal
Written By Neel Mani Lal
Updated on: 1 July 2022 4:32 PM GMT
Tamil Bible
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Tamil Bible। (Social Media)

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Tamil Bible: 300 साल पहले छपी दुनिया की पहली तमिल बाइबल (tamil bible) तमिलनाडु से चोरी करके लंदन के म्यूजियम में पहुंचा दी गई। शक है कि 17 साल पहले सरस्वती महल पुस्तकालय का दौरा करने वाले विदेशियों के एक समूह द्वारा पुरातात्त्विक बाइबिल चुराई गई थी।

तमिलनाडु पुलिस (Tamil Nada Police) का स्टेट आइडल विंग (state idol wing) चोरी की पांडुलिपि को भारत वापस लाने के लिए प्रयास कर रहा है। ये बाइबल 2005 में तंजावुर से चोरी हो गई थी। तंजावुर जिले में एक प्रिंटिंग प्रेस स्थापित करने के बाद 1715-1718 के बीच भारत के पहले प्रोटेस्टेंट मिशनरी, बार्थोलोमियस ज़िजेनबल्ग द्वारा तमिल भाषा में बाइबिल को मुद्रित किया गया था। ये पांडुलिपि तंजावुर भोंसले वंश के तत्कालीन शासक तुलाजी राजा सरफोजी को उपहार में दी गई थी।

10 अक्टूबर 2005 में दर्ज की थी प्राचीन बाइबिल की चोरी की शिकायत

10 अक्टूबर 2005 को तंजावुर जिले के सेरफोजी पैलेस के उप प्रशासक ने तंजावुर पश्चिम पुलिस स्टेशन में प्राचीन बाइबिल की चोरी की शिकायत दर्ज कराई। तब पुलिस ने केवल सीएसआर दर्ज कर मामला बंद कर दिया। हालांकि, 17 अक्टूबर, 2017 को सरस्वती महल पुस्तकालय के पदाधिकारी ई राजेंद्रन ने आइडल विंग सीआईडी ​​में पुरातात्त्विक बाइबिल के गायब होने की शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके बाद आईपीसी की धारा 380 (घर में चोरी) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई।

चूंकि जांच में कोई प्रगति नहीं हुई थी, इसलिए पुलिस अधिकारियों से विशेष समीक्षा की मांग की गई थी। पुलिस महानिदेशक (आइडल विंग) के. जयंत मुरली (Director General of Police (Idol Wing) K. Jayant Murali) और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नए निर्देशों के आधार पर, दो साल पहले लापता बाइबिल का पता लगाने के लिए पुलिस निरीक्षक, इंदिरा के तहत एक विशेष टीम का गठन किया गया था। जयंत मुरली ने बताया कि तंजावुर में सरस्वती महल पुस्तकालय में आगंतुक रजिस्टर की जांच से पता चला कि पांडुलिपि के लापता होने से कुछ दिन पहले 7 अक्टूबर 2005 को इस स्थान पर कुछ विदेशियों की मेजबानी की गई थी। आगे की पूछताछ के बाद पाया गया कि तमिल बाइबिल मुद्रित करने वाले डेनिश मिशनरी बार्थोलोमियस ज़ीजेनबाल्ग की स्मृति में आयोजित एक समारोह में भाग लेने के लिए आगंतुक भारत आए थे।

आइडल विंग ने दुनिया के विभिन्न संग्रहालयों की वेबसाइटों की खोज शुरू

इसके बाद आइडल विंग ने दुनिया के विभिन्न संग्रहालयों की वेबसाइटों की खोज शुरू की, साथ ही कलेक्टर्स की वेबसाइटों और बार्थोलोमियस ज़िजेनबाल्ग से जुड़े संगठनों की भी खोज की। पुलिस सूत्रों ने कहा कि दुनिया भर के विभिन्न संग्रहालयों और विशेष रूप से यूरोपीय देशों की कई वेबसाइटों को ब्राउज़ करने के कई दिनों के बाद, आइडल विंग ने जॉर्ज तृतीय के संग्रह में कुछ जानकारी पाई। इसमें हजारों मुद्रित पुस्तकें, पांडुलिपियां और पर्चे शामिल थे, जिनमें से अधिकांश दुर्लभ हैं। हजारों पुस्तकों के बीच चोरी गई बाइबिल भी थी। तमिल में पहली अनुवादित पुरातन बाइबिल जिसे 18 वीं शताब्दी में तंजौर के राजा सेरफोगी के हस्ताक्षर के साथ थारंगमबाड़ी में एक प्रिंटिंग प्रेस में छापा गया था। किंग्स संग्रह की वेबसाइट पर उपलब्ध पुरातात्त्विक बाइबल चोरी की गई बाइबल की तस्वीर से मेल खाती थी। इस तरह ये बाइबिल ढूंढ निकाली गई।

हमने पुस्तकालय में बाइबिल को बहाल करने के लिए कदम उठाए: DG

पुलिस महानिदेशक जयंत मुरली (Director General of Police Jayant Murali) ने कहा कि - हमने पुस्तकालय में बाइबिल को बहाल करने के लिए कदम उठाए हैं। एक डेनिश मिशनरी द्वारा तत्कालीन तंजौर राजा सेरफोजी को दी गई बाइबिल की प्रति एक दुर्लभ पांडुलिपि है। इसका मूल्य इस तथ्य से और बढ़ जाता है कि इस पुस्तक के कवर पर तंजौर के तत्कालीन राजा सरफोजी के हस्ताक्षर हैं। सीआईडी का आइडल विंग जल्द से जल्द यूनेस्को संधि के तहत बाइबिल को पुनः प्राप्त करने और इसे सरस्वती महल पुस्तकालय में बहाल करने की प्रक्रिया में है।

Deepak Kumar

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