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फिर जीवित होंगे मृत बाबा! 6 साल से फ्रिज में रखा है शव, भक्तों को है इंतजार

जहां पर आशुतोष महाराज शव रक्खा हुआ है वहां पर 24 घंटे, 20 से 25 भक्त पहरा देते हैं। हर 6 महीने पर सरकारी डाक्टरों की टीम मृत शरीर का परीक्षण करने के लिए आती है। दिव्य ज्योति जागृत संस्थान के डाक्टर भी प्रत्येक 4 दिन पर उनके शव का परीक्षण करते हैं।

Shivakant Shukla

Shivakant ShuklaBy Shivakant Shukla

Published on 31 Jan 2020 1:47 PM GMT

फिर जीवित होंगे मृत बाबा! 6 साल से फ्रिज में रखा है शव, भक्तों को है इंतजार
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नई दिल्ली: पंजाब के लुधियाना मे नूरमहल डेरा में एक बाबा के मृत शरीर को उनके भक्तों ने 6 साल से संभाल कर रखा हुआ है। आज से ठीक 6 साल पहले 28 जनवरी 2014 को बाबा के सीने मे दर्द उठा, लुधियाना के अपोलो अस्पताल से एंबुलेंस आयी थी। डाक्टरों ने जब बाबा को देखा तो उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उन्हें क्लीनिकली मृत घोषित किए जाने के 6 साल के बाद भी उनके समर्थकों ने शव को सुरक्षित रक्खा है, अभी तक उनका अंतिम संस्कार नही किया गया। तो चलिए बताते है कि कौन है वो

कौन है आशुतोष महाराज-

बता दें की जिस बाबा का शव 6 साल से संभाल कर रक्खा गया है, उनका नाम आशुतोष महाराज है लेकिन इनका असली नाम महेश झा है। इनका जन्म 1946 में बिहार में दरभंगा जिले के नखलोर गांव में हुआ था। बताया जा रहा कि शादी के 18 माह बाद ही इन्होंने अपनी पत्‍नी और एक बच्चे को छोड़कर सतपाल महाराज से दीक्षा ले ली थी। सतपाल महाराज मानव उत्थान सेवा समिति के संस्थापक हैं। 1983 में आशुतोष महाराज ने अपना एक अलग आश्रम शुरू किया।

आशुतोष महाराज के देशभर में उनके 100 केंद्र मौजूद-

नूरमहल सिटी में 16 मरला हाउस खरीदने से पहले आशुतोष महाराज गांवों में जाकर सत्संग किया करते थे और अपने आश्रम का प्रचार किया करते थे। आज उनका आश्रम जालंधर में करीब 40 एकड़ से ज्यादा जमीन पर फैला हुआ है और देशभर में उनके 100 केंद्र मौजूद हैं। उन्होंने दिव्य ज्योति जागरण समिति की स्थापना 1991 में की थी और इसका मुख्यालय दिल्ली को बनाया था।

आशुतोष महाराज के शव की रक्षा के लिए 24 घंटे, 20 से 25 भक्त पहरा देते हैं-

जहां पर आशुतोष महाराज शव रक्खा हुआ है वहां पर 24 घंटे, 20 से 25 भक्त पहरा देते हैं। हर 6 महीने पर सरकारी डाक्टरों की टीम मृत शरीर का परीक्षण करने के लिए आती है। दिव्य ज्योति जागृत संस्थान के डाक्टर भी प्रत्येक 4 दिन पर उनके शव का परीक्षण करते हैं। डाक्टरों के मुताबिक उनका शरीर पूरी तरह सुरक्षित है, अभी तक कहीं से भी खराब नही हुआ है। आशुतोष महाराज के समर्थकों का मानना है कि आशु महाराज समाधि मे लीन हैं, और वह अपने शरीर मे पुनः प्रवेश करेंगे।

हाईकोर्ट ने दिया आशुतोष महाराज के शव के संरक्षण की अनुमति

आशुतोष महाराज के शव पर हर छह माह पर परीक्षण होता है-

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद तीन डॉक्टरों का पैन हर छह माह में आशुतोष महाराज के शव का परीक्षण करते हैं कि उनका शव खराब तो नहीं हो रहा। डॉक्टरों के इस पैनल ने हाल में दिसंबर 2018 में उनके शव का निरीक्षण किया था। इस पैनल में शामिल डॉक्टरों के नाम हैं- दयानंद मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर अजय गोयल, इसी कॉलेज के फोरेंसिक मेडिसीन डिपार्टमेंट के डॉ गौतम विश्वास और जालंधर के सिविल सर्जन शामिल हैं।

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