Election Results 2023: चुनावी नतीजों पर बोले गुलाम नबी आजाद, 'अब कांग्रेस नहीं रही अल्पसंख्यकों की चैंपियन'

Assembly Election Results 2023: मैंने बीते 20-25 दिनों में एक चीज महसूस की है कि और वह यह जिस कांग्रेस का 137 साल तक अल्पसंख्यकों का चैंपियन कहा जाता है, अब पार्टी वह नहीं रही है।

Viren Singh
Published on: 3 Dec 2023 10:11 AM GMT (Updated on: 3 Dec 2023 2:40 PM GMT)
Assembly Election Results 2023
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Assembly Election Results 2023 (सोशल मीडिया) 

Assembly Election Results 2023: चार राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और तेलंगाना में हो रही विधानसभा चुनाव की मतगणना के रुझानों पर तेलंगाना को छोड़कर बाकी राज्यों में कांग्रेस को मिल रही हार पर कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस वरिष्ठ नेता एवं डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आज़ाद पार्टी (DPAP) के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद रविवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि ऐसा समय था, जब कांग्रेस पार्टी को अल्पसंख्यों का चैंपियन माना था, अब उसमें वो बात नहीं है।

अब नहीं रहा कांग्रेस अल्पसंख्यकों का चैंपियन

गुलाम आजाद ने कहा कि अभी चुनाव के असली ट्रेंड आने में समय है,क्योंकि अभी जो चुनावी ट्रेंड चल रहा है, वह अरली ट्रेंड है। चुनाव के पूरे नतीजे शाम 8-10 बजे से पहले नहीं आती है। इसलिए सही ट्रेंड तो शाम के 6-7 बजे के बाद ही सामने आएंगे। मैंने बीते 20-25 दिनों में एक चीज महसूस की जिस कांग्रेस को 37 साल तक अल्पसंख्यकों का चैंपियन कहा जाता है, अब पार्टी वह नहीं रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा से तो अल्पसंख्यकों के हितों के बारे में उम्मीद नहीं कर सकते हैं, लेकिन अब कांग्रेस पार्टी में भी उसकी परिपाटी में चली गई है। भाजपा और कांग्रेस में अल्पसंख्यक के कितने मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक हैं। इसके अलावा सरकारी नौकरी और नौकरीशाही में कितने लोगों की भागेदारी है, इस बात की चिंता किसी ने भी इस राज्यों के चुनाव में नहीं की। इस चर्चा की उम्मीद तो भाजाप से कर नहीं सकते हैं, लेकिन कांग्रेस के टॉप लीडर ने भी इन चुनावों में इन विषयों से दूर है।

कांग्रेस एजेंडा से निकल गया अल्पसंख्यक

उन्होंने कहा कि इस चुनाव का यह ट्रेंड निकाला अल्पसंख्यक किसी के खाते में नहीं है, लेकिन उसके बाद भी अल्पसंख्यकों ने कांग्रेस पार्टी को एकतरफा वोटिंग की। हालांकि यह बदकिस्मती है कि दूसरों दलों की तरह कांग्रेस पार्टी के एजेंडे से अल्पसंख्यकों भी निकल गया है। यह ट्रेंड भी कई सालों से मैं देख रहा हूं। उन्होंने कहा कि जब मैं, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ कहीं पर जाता था तो वह कहती थीं मुसलमान और शेड्यूल कास्ट बहुत गरीब है। फिर मुसलमान अससंख्यक में तब्दील हो गया। जब नई लीडरशिप आई तो शेड्यूल कास्ट, एससी एसटी हो गया और अससंख्यक गायब हो गया।

4 राज्यों में से 3 हुआ भगवामय

बता दें कि आज हाल ही में समाप्त हुए चार राज्यों के विधानसभा चुनाव के फैसले आ रहे हैं। इसमें तेलंगाना को छोड़ दें तो मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में हार मिलती दिखाई दे रही है। एमपी में भाजपा दोबारा सत्ता में वापसी करती हुई दिखाई दे रही है। छत्तीसगढ़ और राजस्थान कांग्रेस के हाथों से लेकर भाजपा के पास जाता हुआ दिखाई दे रहा है। जबकि चार राज्य विधानसभा में एक मात्र राज्य कांग्रेस के खाते में आया है और तेलंगाना है। यहां पर कांग्रेस ने केसीआर का सूपड़ा साफ करते हुए तेलंगाना राज्य निर्माण के बाद पहली बार प्रदेश के सत्ता में आती हुई दिख रही है। रुझानों में तेलंगाना में कांग्रेस के खाते में 64, बीआरएस के खाते में 40 और भाजपा के खाते में 07 सीटें आती हुईं दिख रही हैं। रुझानों के बाद अब विस चुनाव के नतीजे भी आना शुरू हो गए हैं। पूरे नतीजों की स्थिति शाम को जाकर साफ होगी कि इन राज्यों में किसकी सरकार आ रही है, लेकिन रुझानों के बाद करें तो भाजपा का परचम लहराता हुआ दिखाई दे रहा है।

Viren Singh

Viren Singh

पत्रकारिता क्षेत्र में काम करते हुए 4 साल से अधिक समय हो गया है। इस दौरान टीवी व एजेंसी की पत्रकारिता का अनुभव लेते हुए अब डिजिटल मीडिया में काम कर रहा हूँ। वैसे तो सुई से लेकर हवाई जहाज की खबरें लिख सकता हूं। लेकिन राजनीति, खेल और बिजनेस को कवर करना अच्छा लगता है। वर्तमान में Newstrack.com से जुड़ा हूं और यहां पर व्यापार जगत की खबरें कवर करता हूं। मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई मध्य प्रदेश के माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्विविद्यालय से की है, यहां से मास्टर किया है।

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