निजामुद्दीन पर बड़ी खबर, युद्धस्तर पर निकाले जा रहे हैं मरकज मुख्यालय से लोग

आखिर किस मुहिम के तहत लोगों को इस तरह जुटाकर संक्रमित करने का अपराध किया गया। इस राष्ट्रीय अपराध के पीछे साजिश क्या थी इसकी उच्चस्तरीय जांच किये जाने की जरूरत है। तीन दिनों से रात दिन मरकज में रहने वाले लोगों को बाहर निकालने का सिलसिला जारी है। पूरे इलाके को पुलिस ने घेर रखा है।

लखनऊ। देश की राजधानी दिल्ली के निजामुद्दीन में तब्लीगी मरकज के मुख्यालय में आखिर हो क्या रहा था। दिल्ली पुलिस और इंटेलीजेंस क्या कर रही थी। जहां से रविवार से लेकर मंगलवार सुबह तक करीब 900 लोग निकले जा चुके थे। अभी मरकज में अनुमानतः 300- 400 लोग और बचे हैं, जिन्हें बाहर निकालने का सिलसिला जारी है। इस घटना से बहुत से सवाल उठ खड़े हुए हैं कि आखिर कोरोना की राष्ट्रीय महामारी के संकट के समय ये लोग आखिर करना क्या चाहते थे। जबकि इनमें से बड़ी संख्या में लोग संक्रमित मिले हैं जिन्हें भर्ती कराया जा रहा।

तब्लीगी मरकज के कार्यक्रम में न सिर्फ देश भर से लगभग दो हजार लोग शामिल हुए थे बल्कि विदेश से भी कई सैकड़ा लोग आए थे। आखिर किस मुहिम के तहत लोगों को इस तरह जुटाकर संक्रमित करने का अपराध किया गया। इस राष्ट्रीय अपराध के पीछे साजिश क्या थी इसकी उच्चस्तरीय जांच किये जाने की जरूरत है। तीन दिनों से रात दिन मरकज में रहने वाले लोगों को बाहर निकालने का सिलसिला जारी है। पूरे इलाके को पुलिस ने घेर रखा है।

बड़ी खबर ये हैं कि तब्लीगी मरकज के कार्यक्रम में शामिल होने वाले उत्तर प्रदेश के 157 लोगों की भी पुलिस तलाश कर रही है। ये लोग निजामुद्दीन से लौट कर गायब हैं।

प्रमाण हैं कि अंडमान में अब तक कोरोना वायरस के 10 मामले सामने आए जिसमें से नौ तबलीगी मरकज के कार्यक्रम से लौटे हैं। इसके अलावा मरकज में शामिल होने वाले छह लोगों की तेलंगाना में सोमवार को मौत हो चुकी है। दिल्ली में सोमवार को 25 और नए मरीज सामने आए हैं। इनमें 18 तब्लीगी मरकज में शामिल होने वाले हैं।

गजब इतना बड़ा जमावड़ा वह भी लॉकडाउन में

दक्षिण दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में तबलीगी जमात के कार्यक्रम ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया है। कार्यक्रम में शामिल लोगों में तेजी से कोरोना वायरस का संक्रमण हुआ है। खबर यह भी है कि मरकज में मलेशिया, अफगानिस्तान, म्यांमार, थाईलैंड, श्रीलंका आदि देशों से भी लोग आए थे।

इसके अलावा हरियाणा, बिहार और पंजाब समेत 20 राज्यों से 1830 लोग शामिल हुए थे।

इस पूरे प्रकरण पर मरकज या उलेमाओं की चाहे जो दलील हो लॉक डाउन के निर्देश को धता बताकर मरकज में इतनी बड़ी तादाद में लोग जमा कैसे हुए ये एक बड़ा सवाल है?

अब तक 1034 लोगों को यहां से निकाल कर अलग-अलग जगहों पर भेज दिया गया है। 334 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि 700 लोगों को क्वारंटाइन सेंटर भेजा गया है। इसके लिए बसों ने 34 चक्कर लगाए। भीड़ में शामिल 34 लोगों को कोरोना वायरस संक्रमित पाया गया है।