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इतना तो बरेली का झुमका भी नहीं गिरा, जितना 'चाचा' गिर गए; राजनीति में नया क्लेश

Bihar Politics: ओ चाचा... अब और कितना गिरोगे? इतिहास में जब पलटी मारने के नाम आएगा तो आपका सबसे पहले होगा।

Snigdha Singh
Published on: 5 April 2025 2:57 PM IST
इतना तो बरेली का झुमका भी नहीं गिरा, जितना चाचा गिर गए; राजनीति में नया क्लेश
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Bihar Politics: बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू नेता नीतीश कुमार पर एक बार फिर राष्ट्रीय जनता दल ने जबरदस्त हमला किया है। वक्फ संशोधन बिल पर एनडीए के साथ जाने और समर्थन देने के बाद नीतीश कुमार पर लगातार निशाना साधा जा रहा है। वक्फ बिल के समर्थन में जाने के बाद राष्ट्रीय जनता दल की ओर से एक पोस्टर जारी किया गया। इसमें नीतिश कुमार के कई बड़ी बातें लिखी गई।

ओ चाचा... अब और कितना गिरोगे? वक्फ पर अपना असली चेहरा दिखा ही दिया। इतिहास में जब पलटी मारने के नाम आएगा तो आपका सबसे पहले होगा। कब्रिस्तान की घेराबंदी का ढिंढोरा पीटने वाली पार्टी अब उसी को बेचेगी। इस बार पांचवीं नंबर पर आने के लिए तैयार रहिए। ये भाषा और लेखनी है राजद नेत्री संजू कोहली द्वारा लगाए गए पोस्टर की। बता दें कल तेजस्वी ने भी निशाना साधते हुए आरएसएस का मुख्यमंत्री बता दिया था। वहीं इस पोस्टर के वायरल होने पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी खूब चुटकी ली।



नीतीश के फैसले से नाराज हैं नेता

बता दे कि नीतीश कुमार के वक्फ बिल को समर्थन देने से पार्टी के कई नेता नाराज हैं। बीते दिन जेडीयू के दो मंत्रियों ने तो मंत्रिपद से इस्तीफा भी दे दिया है। वहीं, शनिवार को जेडीयू के नेताओं ने प्रेस कॉनफ्रेंस करके अपना विरोध और नाराजगी जाहिर की है। बिहार चुनाव के देखते हुए नीतीश कुमार पहले बिल में समर्थन को लेकर शांत रहे, लेकिन बाद में समर्थन दे दिया।

नीतीश की पल्टीमार स्थिति पर एक नजर

राजनीति में नीतीश कुमार के लिए लोग 'पल्टीमार' टाइटल इस्तेमाल करते हैं। नीतीश कुमार ने 1994 में जनता दल से अलग होकर पार्टी बनाई। 90 के दशक में ही पहली बार भाजपा की उंगली पकड़ी थी। भाजपा के साथ से ही 2005 में पहली बार सरकार बनाई। 2013 में 17 साल का रिश्ता तोड़कर पहली पलटी मारी। वजह थी नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करना। 2014 में अकेले चुनाव लड़ा और मात्र दो सीटें मिलीं जबकि इससे पहले जेडीयू ने 18 सीटों पर जीत दर्ज की थी। 2014 में खराब प्रदर्शन के बाद सीएम पद से इस्तीफा देकर मांझी को मुखिया बना दिया।

दूसरी पलटी थी जब जदयू ने कांग्रेस-राजद से हाथ मिलाकर महागठबंधन किया। इससे 2015 के चुनाव में भारी बहुमत मिला। इसके बाद 2017 में नीतीश ने सहयोगी दलों से संपर्क साधा तेजस्वी का नाम सीबीआई में आने के बाद इस्तीफा मांगा। तीसरी बार पलटी मारते हुए भाजपा से हाथ मिला लिया। इसके बाद 2020 में चुनाव जीत कर सीएम बनें लेकिन 2022 में फिर जेडीयू प्रमुख ये कहते हुए चौथी बार यू टर्न लिया कि बीजेपी उनकी पार्टी को खत्म करना चाहती है। फिर राजद से हाथ मिलाया और इंडिया गठबंधन की अध्यक्षता करने लगे। इसी दौरान पांचवी बार पलटी मार कर एनडीए में चले गए।


Snigdha Singh

Snigdha Singh

Leader – Content Generation Team

Hi! I am Snigdha Singh, leadership role in Newstrack. Leading the editorial desk team with ideation and news selection and also contributes with special articles and features as well. I started my journey in journalism in 2017 and has worked with leading publications such as Jagran, Hindustan and Rajasthan Patrika and served in Kanpur, Lucknow, Noida and Delhi during my journalistic pursuits.

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