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BJP Parliamentary Board: बीजेपी में घटा गडकरी और शिवराज का कद, फडणवीस-येदियुरप्पा के आये 'अच्छे दिन'

BJP Parliamentary Board : बीजेपी संसदीय बोर्ड से नितिन गडकरी के बाहर जाने को उनके घटे कद से जोड़कर देखा जा रहा है। गडकरी को बीजेपी की चुनाव समिति से भी बाहर कर दिया गया है।

aman
Written By aman
Updated on: 2022-08-17T17:34:01+05:30
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Nitin Gadkari and Shivraj Singh Chouhan 

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BJP Parliamentary Board : भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) ने बुधवार को पार्टी के संसदीय बोर्ड (BJP Parliamentary Board) के नए सदस्यों का ऐलान किया। बीजेपी के संसदीय बोर्ड को पार्टी की सबसे ताकतवर संस्था कहा जाता है। लेकिन, इस बोर्ड से केंद्रीय मंत्री और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) तथा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। वहीं, कर्नाटक के पूर्व सीएम और कद्दावर नेता बीएस येदियुरप्पा (B.S.Yeddyurappa) को संसदीय बोर्ड में जगह दी गई है।

गडकरी का नाम संसदीय बोर्ड से बाहर किया जाना कई लोगों को चौंका गया। इतना ही नहीं, नितिन गडकरी को बीजेपी की चुनाव समिति से भी बाहर कर दिया गया है। बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने केंद्रीय चुनाव समिति से सिर्फ गडकरी और शिवराज सिंह चौहान को ही बाहर नहीं किया, बल्कि शाहनवाज हुसैन को भी हटा दिया गया। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा इस समिति के अध्यक्ष हैं।


गडकरी का कद घटा, फडणवीस का बढ़ा

बीजेपी की तरफ से बुधवार को जारी दोनों नई सूची के कई राजनीतिक मायने हैं। सियासी हलके में इसकी चर्चा भी हो रही है। गौरतलब है कि, हाल ही में महाराष्ट्र (Maharashtra) में भारतीय जनता पार्टी ने शिवसेना के एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) खेमे के साथ मिलकर सरकार बनाई है। ये अलग बात है कि महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को बनाया गया। जबकि देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) को उप मुख्यमंत्री पद से ही संतोष करना पड़ा था। तब केंद्रीय नेतृत्व के आदेश के बाद फडणवीस ने डिप्टी सीएम की कुर्सी संभाली थी।

मगर, बीजेपी के आज के फैसले के बाद राष्ट्रीय स्तर पर फडणवीस का कद बढ़ते रूप में देखा जा रहा है। फडणवीस पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके थे, बावजूद उन्होंने आलाकमान की बात मानते हुए डिप्टी सीएम का पद संभाला। आज उसका ईनाम मिला। अब तक महाराष्ट्र की राजनीति का सबसे बड़ा चेहरा माने जाने वाले नितिन गडकरी को संसदीय बोर्ड और चुनाव समिति से हटाया गया है जबकि देवेंद्र फडणवीस का कद बढ़ाया गया है।


गडकरी की बेबाक छवि

दरअसल, नितिन गडकरी की पहचान बीजेपी के बेबाक नेताओं में रही है। गडकरी पूर्व बीजेपी अध्यक्ष भी रह चुके हैं। पार्टी के अंदर उनका कद बड़ा रहा है। मगर, हाल के महीनों में पार्टी के भीतर ही उनके लगातार घटते कद को लेकर कई बातें होती रही हैं। नितिन गडकरी की गिनती ऐसे नेताओं में होती रही है, जो अपनी पार्टी के फैसले की आलोचना से भी गुरेज नहीं करते। कभी-कभी तो उनके बयान से केंद्र की सत्ताधारी पार्टी असमंजस की स्थिति में आ चुकी है।


येदियुरप्पा की एंट्री

बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पार्टी की पार्लियामेंट्री बोर्ड की नई सूची में बी.एस. येदियुरप्पा (B.S. Yeddyurappa), सर्बानंद सोनोवाल (Sarbananda Sonowal), के लक्ष्मण (K Laxman), सुधा यादव (Sudha Yadav), इकबाल सिंह लालपुरा (Iqbal Singh Lalpura), सत्यनारायण जटिया (Satyanarayan Jatiya) और बी एल संतोष (B L Santosh) को शामिल किया गया है। कर्नाटक के पूर्व सीएम येदियुरप्पा को संसदीय बोर्ड में शामिल करने के पीछे बीजेपी की बड़ी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। आपको बता दें कि, अगले साल कर्नाटक में विधानसभा चुनाव होने हैं। येदियुरप्पा को कर्नाटक की राजनीति का बड़ा चेहरा माना जाता रहा है। बीजेपी आलाकमान उनके जरिए 2023 में एक बार फिर सत्ता में आने की कोशिश करेगी।


शाहनवाज को लगा दोहरा झटका

वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री और हाल में नीतीश सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे शाहनवाज हुसैन का भी पत्ता कट गया है। बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति से बाहर होने वालों में शाहनवाज हुसैन का नाम भी शामिल है। दरअसल, जब 2020 में बिहार में बीजेपी ने जेडीयू के साथ मिलकर नीतीश के नेतृत्व में सरकार बनाई तो शाहनवाज हुसैन को दिल्ली से पटना भेज दिया गया था। उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। चूंकि, अब जनता दल यूनाइटेड ने बीजेपी से नाता तोड़ राजद के साथ मिलकर सरकार बनाई है तो बीजेपी के मंत्रियों को भी अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी, जिनमें शाहनवाज का नाम भी है।

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