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BJP Party History: बीजेपी का उदय कैसे हुआ, कभी दो सीटों को जीतने वाली पार्टी आज है भारत के ज्यादातर राज्यों में, आइए जानते हैं भाजपा का गणित
BJP Ka Sthapana Diwas: 6 अप्रैल, 1980 को भारतीय जनता पार्टी का गठन हुआ था। आइए जानते हैं पार्टी का इतिहास और इसके उदय के बारे में विस्तार से।
BJP Party History
Formation of BJP History In Hindi: भारतीय जनता पार्टी (BJP) भारत की एक प्रमुख राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी है, जिसकी स्थापना 6 अप्रैल, 1980 को हुई थी। यह पार्टी हिंदुत्व की विचारधारा पर आधारित है और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से प्रभावित है। वर्तमान में यह भारत की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है और केंद्र सहित कई राज्यों में सत्ता में है।
भारतीय जनता पार्टी का इतिहास (Bhartiya Janta Party Ka Itihas)
(फोटो साभार- सोशल मीडिया)
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का गठन 6 अप्रैल, 1980 को हुआ। लेकिन इसका मूल इतिहास भारतीय जनसंघ से जुड़ा हुआ है। स्वतंत्रता प्राप्ति और देश विभाजन के साथ ही नई राजनीतिक परिस्थितियाँ उत्पन्न हुईं। गांधीजी की हत्या के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर प्रतिबंध लगाया गया, जिससे राष्ट्रवादी शक्तियों के खिलाफ षड्यंत्र की आशंका बढ़ गई। सरदार पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) के निधन के बाद कांग्रेस में नेहरू का अधिनायकवाद मजबूत हुआ, जिससे अल्पसंख्यक तुष्टिकरण, लाइसेंस-परमिट-कोटा राज, राष्ट्रीय सुरक्षा की उपेक्षा और कश्मीर जैसे मसलों पर घुटनाटेक नीति अपनाई गई।
नेहरूवाद और पाकिस्तान एवं बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने नेहरू मंत्रिमंडल से त्यागपत्र दे दिया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कुछ स्वयंसेवकों ने महसूस किया कि संघ की राजनीतिक क्षेत्र से दूरी के कारण उसे निशाना बनाया जा रहा है। ऐसे में एक राष्ट्रवादी राजनीतिक दल की आवश्यकता महसूस हुई, जिसके परिणामस्वरूप 21 अक्टूबर, 1951 को दिल्ली में भारतीय जनसंघ (Bharatiya Jana Sangh) की स्थापना डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (Syama Prasad Mukherjee) की अध्यक्षता में हुई।
भारतीय जनसंघ का उदय और संघर्ष (Rise Of Bharatiya Jana Sangh)
(फोटो साभार- सोशल मीडिया)
भारतीय जनसंघ ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में कश्मीर और राष्ट्रीय अखंडता के मुद्दे पर आंदोलन छेड़ा और कश्मीर को विशेषाधिकार देने का विरोध किया। नेहरू सरकार के विरोध के चलते डॉ. मुखर्जी को गिरफ्तार कर लिया गया और कश्मीर की जेल में उनकी रहस्यमय मृत्यु हो गई। इसके बाद जनसंघ की बागडोर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने संभाली।
भारत-चीन युद्ध (1962) में जनसंघ ने राष्ट्रीय सुरक्षा की अनदेखी के लिए नेहरू सरकार की तीव्र आलोचना की। 1967 के चुनावों में जनसंघ के नेतृत्व में कांग्रेस के एकाधिकार को पहली बार चुनौती मिली और कई राज्यों में कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई।
भारतीय जनसंघ का जनता पार्टी में विलय
(फोटो साभार- सोशल मीडिया)
1970 के दशक में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार के अधिनायकवादी रवैये के कारण देश में असंतोष बढ़ने लगा। गुजरात और बिहार में छात्र आंदोलनों का दमन किया गया, जिससे लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में ‘संपूर्ण क्रांति’ आंदोलन उभरा। 1971 में भारत-पाक युद्ध के बाद लगाया गया आपातकाल नहीं हटाया गया, जिससे असंतोष और बढ़ा।
25 जून, 1975 को इंदिरा गांधी सरकार ने देश में आंतरिक आपातकाल लागू कर दिया। विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया गया, प्रेस पर सेंसरशिप लगा दी गई और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सहित कई संगठनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया। लोकतंत्र खतरे में पड़ गया और विरोध तेज हुआ।
जनसंघ सहित सभी विपक्षी दलों ने मिलकर ‘जनता पार्टी’ (Janta Party) का गठन किया। 1977 के चुनावों में कांग्रेस की करारी हार हुई और जनता पार्टी की सरकार बनी। 1 मई, 1977 को भारतीय जनसंघ का जनता पार्टी में विलय हो गया।
भाजपा की स्थापना (Foundation of BJP)
(फोटो साभार- सोशल मीडिया)
जनता पार्टी का प्रयोग अधिक दिनों तक नहीं चल पाया और अंतर्विरोध बढ़ने लगे। कांग्रेस ने जनता पार्टी में फूट डालने के लिए ‘दोहरी सदस्यता’ का मुद्दा उठाया, जिसमें जनसंघ के सदस्यों के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े होने पर सवाल खड़े किए गए।
4 अप्रैल, 1980 को जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति ने आरएसएस से जुड़े सदस्यों पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके विरोध में पूर्व जनसंघ सदस्यों ने जनता पार्टी से अलग होकर 6 अप्रैल, 1980 को ‘भारतीय जनता पार्टी’ की स्थापना की। इस प्रकार भारतीय जनसंघ का नया रूप भारतीय जनता पार्टी के रूप में सामने आया।
विचारधारा और नीतियाँ (Bhartiya Janta Party Ideology and Policies)
BJP की मूल विचारधारा ‘एकात्म मानववाद’ पर आधारित है, जिसे पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने विकसित किया था। पार्टी हिंदुत्व और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को प्राथमिकता देती है। इसके मुख्य सिद्धांत निम्नलिखित हैं:
राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक विरासत – भारतीय संस्कृति और हिंदुत्व की रक्षा करना।
गुड गवर्नेंस (सुशासन) – पारदर्शी और भ्रष्टाचारमुक्त प्रशासन देना।
समावेशी विकास – ‘सबका साथ, सबका विकास’ का लक्ष्य।
आत्मनिर्भर भारत – आर्थिक सुधारों और स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देना।
राष्ट्रीय सुरक्षा – सशक्त रक्षा नीति और आतंकवाद पर कठोर कार्रवाई।
1980 से 1990: संघर्ष और संगठन निर्माण
BJP के शुरुआती वर्ष चुनौतियों से भरे रहे। 1984 के लोकसभा चुनावों में पार्टी को केवल 2 सीटें मिलीं। लेकिन 1989 के आम चुनावों में पार्टी ने 85 सीटें जीतीं और विपक्ष की मजबूत ताकत बनी।
BJP की पहली बड़ी सफलता 1990 के दशक में राम मंदिर आंदोलन (Ram Mandir Andolan) के दौरान मिली। लालकृष्ण आडवाणी की रथ यात्रा ने हिंदू समुदाय को एकजुट किया और 1991 के चुनावों में BJP ने 120 से अधिक सीटें जीतीं।
1996 से 2004: सत्ता में प्रवेश
1996 में, BJP ने सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर पहली बार सरकार बनाई। लेकिन बहुमत न होने के कारण 13 दिनों में ही गिर गई। 1998 में फिर से सरकार बनी। लेकिन 13 महीने बाद गिर गई। 1999 में, अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में NDA गठबंधन की स्थायी सरकार बनी, जिसने 2004 तक शासन किया।
वाजपेयी सरकार के कार्यकाल में:
(फोटो साभार- सोशल मीडिया)
पोखरण परमाणु परीक्षण (1998) किया गया।
कश्मीर मुद्दे पर कूटनीति और कारगिल युद्ध (1999) में सफलता मिली।
सड़क विकास योजनाएं जैसे ‘गोल्डन क्वाड्रिलेटरल’ प्रोजेक्ट शुरू किया।
आर्थिक उदारीकरण और आईटी सेक्टर का विकास किया।
हालांकि, 2004 के चुनावों में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा और कांग्रेस सत्ता में आई।
2004 से 2014: विपक्ष में संघर्ष
2004 और 2009 के चुनावों में BJP विपक्ष में रही। इस दौरान पार्टी ने संगठन को मजबूत किया और नरेंद्र मोदी जैसे नेताओं को आगे लाया। 2013 में मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया।
2014 से अब तक: मोदी युग और BJP का स्वर्णकाल
2014 के आम चुनावों में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में BJP ने 282 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया।
मोदी सरकार के प्रमुख निर्णय (Modi Government Major Decisions)
(फोटो साभार- सोशल मीडिया)
2016: नोटबंदी – काले धन और नकली करेंसी पर प्रहार।
2017: GST लागू – एक देश, एक कर की नीति।
2019: धारा 370 हटाई – जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा समाप्त।
2019: तीन तलाक कानून – मुस्लिम महिलाओं को न्याय।
2020: नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) लागू।
2023: राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त।
भारतीय जनता पार्टी: स्थापना, विचारधारा और योगदान
(फोटो साभार- सोशल मीडिया)
1. भारतीय जनता पार्टी की स्थापना
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की स्थापना 6 अप्रैल, 1980 को हुई थी। इसकी जड़ें भारतीय जनसंघ (1951) में हैं, जिसे श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने स्थापित किया था। 1977 में आपातकाल के बाद, जनसंघ अन्य दलों के साथ जनता पार्टी में विलय कर सत्ता में आया। लेकिन वैचारिक मतभेदों के कारण 1980 में भारतीय जनता पार्टी के रूप में पुनर्गठित हुआ। अटल बिहारी वाजपेयी इसके पहले अध्यक्ष बने। 1984 के आम चुनावों में पार्टी को केवल दो सीटें मिलीं, लेकिन अगले चुनावों में तेजी से उभरकर राष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त दल बन गई।
2. विचारधारा एवं दर्शन
भारतीय जनता पार्टी की राजनीतिक विचारधारा हिंदुत्व, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, एकात्म मानववाद और अंत्योदय पर आधारित है।
मुख्य विचारधारात्मक स्तंभ:
एकात्म मानववाद: पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा प्रतिपादित, जो मानव केंद्रित विकास को बढ़ावा देता है।
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद: भारत की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण एवं संवर्धन।
अंत्योदय: समाज के सबसे अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना।
राष्ट्रीय अखंडता: देश की सुरक्षा और संप्रभुता को सर्वोपरि रखना।
गांधीवादी समाजवाद: आर्थिक विकास को नैतिकता और आत्मनिर्भरता से जोड़ना।
प्रमुख उपलब्धियां (BJP Major Achievements)
1989 में भाजपा ने जनता दल की सरकार को समर्थन दिया। लेकिन राम मंदिर आंदोलन के दौरान समर्थन वापस ले लिया।1991 के चुनावों में प्रमुख विपक्ष के रूप में उभरी।लालकृष्ण आडवाणी की रथ यात्रा ने भाजपा को व्यापक जन समर्थन दिलाया।भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी, अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने, लेकिन सरकार 13 दिनों में गिर गई।
1998-2004: भाजपा ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के तहत सरकार बनाई। इस दौरान पोखरण परमाणु परीक्षण, कारगिल विजय और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं हुईं।
2014-2024: नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा पूर्ण बहुमत से सरकार में आई। इस काल में ‘सबका साथ, सबका विकास’ की नीति अपनाई गई।
मोदी सरकार की प्रमुख योजनाएं और सुधार (Modi government Major schemes and reforms)
(फोटो साभार- सोशल मीडिया)
मेक इन इंडिया: भारत को निर्माण हब बनाना।
डिजिटल इंडिया: डिजिटल सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाना।
स्वच्छ भारत अभियान: सफाई और स्वच्छता को बढ़ावा देना।
जनधन योजना: गरीबों को बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराना।
आयुष्मान भारत: स्वास्थ्य बीमा योजना।
तीन तलाक प्रतिबंध: मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाने की पहल।
राम मंदिर निर्माण: अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण।
भारतीय राजनीति में भाजपा का योगदान (BJP Party Contribution In Indian Politics)
राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता को मजबूत करने में अग्रणी भूमिका।लोकतांत्रिक प्रणाली को सुदृढ़ करने में योगदान।आतंकवाद, नक्सलवाद और अलगाववाद के खिलाफ सख्त नीति।अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की साख बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका।
भारतीय जनसंघ के प्रमुख नेताओं का संक्षिप्त परिचय
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (1901-1953) – भारतीय जनसंघ के संस्थापक और अनुच्छेद 370 के विरोधी, जिनका 1953 में रहस्यमय परिस्थितियों में निधन हुआ।
अटल बिहारी वाजपेयी (1924-2018) – भाजपा के पहले प्रधानमंत्री, उत्कृष्ट वक्ता और भारत को परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नेता।
लाल कृष्ण आडवाणी (जन्म: 1927) – भाजपा के वरिष्ठ नेता, जिन्होंने 1990 में राम मंदिर आंदोलन के लिए रथ यात्रा निकाली और उपप्रधानमंत्री रहे।
डॉ. मुरली मनोहर जोशी (जन्म: 1934) – भाजपा के पूर्व अध्यक्ष, कट्टर राष्ट्रवादी विचारधारा के समर्थक और मानव संसाधन विकास मंत्री रहे।
कुशाभाऊ ठाकरे (1922-2003) – भाजपा के प्रमुख संगठनकर्ता, जिन्होंने पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
के. जना कृष्णमूर्ति (1928-2007) – भाजपा के अध्यक्ष (2001), जिन्होंने दक्षिण भारत में पार्टी को विस्तार देने में अहम योगदान दिया।
बंगारू लक्ष्मण (1940-2014) – भाजपा के पहले दलित अध्यक्ष, जो एक स्टिंग ऑपरेशन में फंसने के बाद विवादों में आए।
राजनाथ सिंह (जन्म: 1951) – भाजपा के वरिष्ठ नेता, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और वर्तमान में भारत के रक्षा मंत्री।
अमित शाह (जन्म: 1964) – भाजपा के सबसे प्रभावशाली रणनीतिकार, जिन्होंने पार्टी को देशव्यापी शक्ति बनाने में अहम भूमिका निभाई।
भारतीय जनता पार्टी ने 1980 से अब तक भारतीय राजनीति में एक मजबूत राष्ट्रवादी दल के रूप में अपनी पहचान बनाई है। पार्टी की नीतियां ‘राष्ट्र प्रथम’ के सिद्धांत पर आधारित हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा भारत को एक विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की दिशा में कार्य कर रही है. 2019 के चुनावों में BJP ने 303 सीटें जीतकर और भी मजबूत सरकार बनाई।
भारतीय जनता पार्टी ने 1980 से अब तक एक लंबी यात्रा तय की है। यह पार्टी अब न केवल भारत की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बना चुकी है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी की पकड़ और मजबूत हुई है और आने वाले वर्षों में यह भारत की राजनीति में प्रमुख भूमिका निभाती रहेगी।