Budget 2019: जानिए वित्त मंत्री ने रेलवे को बजट में क्या-क्या दिया

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को संसद में बजट पेश किया। इस दौरान रेल बजट को पेश करते हुए निर्मला सीतारमण ने साफ, सुरक्षित और समयबद्ध रेल यात्रा का मंत्र दिया। उन्होंन कहा कि आदर्श किराया कानून बनाया जाएगा और रेलवे में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) का इस्तेमाल किया जाएगा।

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को संसद में बजट पेश किया। इस दौरान रेल बजट को पेश करते हुए निर्मला सीतारमण ने साफ, सुरक्षित और समयबद्ध रेल यात्रा का मंत्र दिया। उन्होंन कहा कि आदर्श किराया कानून बनाया जाएगा और रेलवे में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) का इस्तेमाल किया जाएगा।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि वर्ष 2030 तक रेलवे आधारभूत ढांचे को 50 लाख करोड़ रूपये की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि तीव्र विकास एवं यात्री माल ढुलाई सेवा के लिए ‘पीपीपी मॉडल’ का उपयोग किया जाएगा। इस बजट में रेल और मेट्रो की 300 किलोमीटर की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। बजट में राष्ट्रीय परिवहन कार्ड का ऐलान किया गया, जिसका उपयोग सड़क, रेलवे समेत परिवहन के सभी साधनों में किया जा सकता है।

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वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार माल वहन के लिए नदी मार्ग का उपयोग करने की परिकल्पना भी कर रही है, ताकि सड़क एवं रेल मार्ग पर भीड़भाड़ के कारण रूकावटें कम हो सकें।

मेट्रो रेल के लिए पीपीपी का अधिक इस्तेमाल

सीतारमण ने लोकसभा में वित्त वर्ष 2019-20 का आम बजट पेश करते हुए कहा कि देश में 657 किलोमीटर मेट्रो रेल नेटवर्क परिचालन में आ गया है। वित्त मंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि मेट्रो रेल में ज्यादा से ज्यादा पीपीपी का इस्तेमाल किया जाएगा।

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क्या है आदर्श किराया कानून

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रेलवे किराए में सुधार के लिए आदर्श किराया कानून बनाने का भी प्रस्ताव पेश किया। इस कानून के जरिए रेल यात्रियों की जरूरत, सुविधाओं और विभागीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रेलवे किराया तय करेगी।

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रेलवे में बढ़ेगी निजी भागीदारी

रेल बजट पेश करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि रेल ढांचे के लिए 2018 से 2030 के बीच 50 लाख करोड़ रुपये की जरूरत है। इस जरूरत को पूरा करने के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशीप (पीपीपी) का इस्तेमाल किया जाएगा। बजट में रेलवे ट्रैक के लिए पीपीपी मॉडल को मंजूरी दी गई है। इसके जरिए रेल ट्रैक के विस्तार और सुधारीकरण के साथ स्टेशन के ढांचागत विकास पर जोर दिया जाएगा।