ये हैं गुजरात के आनंद कुमार, दे रहे हैं गरीब व वंचित छात्रों को चार्टर्ड एकाउंटेंट की फ्री शिक्षा

ज्यादातर बच्चे गरीबी के चलते पढ़ नहीं पाते। पैसों की तंगी के चलते कुछ बच्चे बचपन में ही अपनी पढ़ाई छोड़ देते है। लेकिन सूरत में दर्जनों अप्रशिक्षित छात्रों को शहर के प्रमुख रवि छावछरिया द्वारा एक पहल की गई है जिसमें जो चार्टर्ड एकाउंटेंट बनना चाहता है उसके सपने को पूरा करने का अवसर मिलेगा।

Published by suman Published: July 20, 2019 | 3:34 pm

जयपुर:आजकल पढ़ाई सबसे ज्यादा महंगी हो गई है। लेकिन आप में योग्यता है तो कोई भी आगे बढ़ने से आपको नहीं रोक सकता है। ज्यादातर बच्चे गरीबी के चलते पढ़ नहीं पाते। पैसों की तंगी के चलते कुछ बच्चे बचपन में ही अपनी पढ़ाई छोड़ देते है। लेकिन सूरत में दर्जनों अप्रशिक्षित छात्रों को शहर के प्रमुख रवि छावछरिया द्वारा एक पहल की गई है जिसमें जो चार्टर्ड एकाउंटेंट बनना चाहता है उसके सपने को पूरा करने का अवसर मिलेगा। गुजरात के सूरत में वंचित छात्रों को फ्री शिक्षा पाने का मौका मिला है।

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रवि छावछरिया खुद एक सीए है। वो सीए की पढ़ाई में दिलचस्प रखने वाले बच्चों को फ्री शिक्षा देते है। उन्होंने उन बच्चों के लिए ‘सीए स्टार्स प्रोग्राम’ का अभियान चलाया है, जो गरीबी के चलते सीए की पढ़ाई नहीं कर पाते। वह हर साल लगभग 40-45 छात्रों का चयन करते है और उन्हें परीक्षा पास करने के लिए ट्रेनिंग देते है। वो उन्हें सीए की पढा़ई के लिए पूरी जानकारी देते है। इतना ही नहीं, वो चार साल की अवधि के लिए छात्रों को मुफ्त आवास और भोजन भी प्रदान करते हैं। उनके ज्यादातर सीए स्टूडेंट पहली बार में ही सफल हो जाते है और उनके माता-पिता कम वेतन वाले श्रमिक, फुटपाथ विक्रेता, छोटे किसान या रिक्शा चालक हैं और कुछ अनाथ भी हैं।

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ऐसा पहली बार नहीं है। मेडिकल की पढ़ाई अन्य कोर्स के मुकाबले बहुत महंगी होती है, पैसों की कमी के चलते कुछ स्टूडेंट इसकी पढ़ाई नहीं कर पाते।  राजस्थान में भी एक ऐसा अभियान शुरू किया गया था जिसके द्वारा मेडिकल स्टूडेंट्स को फ्री शिक्षा दी जा रही थी।  राजस्थान में चिकित्सक समाज आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से संबंधित मेडिकल छात्रों को मुफ्त कोचिंग प्रदान कर रहा था।

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डॉ भारत सरन ’50 ग्रामीणों’ के नाम से यहां एक कोचिंग संस्थान चला रहे थे, जहां वे कक्षा 11वीं के 25 पिछड़े छात्र और 12 वीं के 25 छात्रों को मुफ्त शिक्षा देते थे। एक इंटरव्यू  डॉ सरन ने कहा था ‘मैं पिछले 7 सालों से ’50 ग्रामीणों ‘को चला रहा हूं। यह दूरदराज के गांवों में सरकारी स्कूलों के मेडिकल छात्रों के लिए एक नि: शुल्क कोचिंग संस्थान है। यह संस्थान हर साल 50 छात्रों को कोचिंग देता है, जिसमें 25 छात्र 11वीं के और 25 छात्र 12 वीं के होते है।