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मोदी सरकार का बड़ा फैसलाः बदल जाएगा इंडियन मेडिकल सिस्टम

राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा प्रणाली आयोग विधेयक, 2019 (एनसीआईएम) में आधिकारिक संशोधन के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी जो राज्यसभा में अभी लंबित है। दूसरी ओर मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग विधेयक, 2019 में अधिकारिक संशोधनों को मंजूरी भी दी।

राम केवी

राम केवीBy राम केवी

Published on 29 Jan 2020 12:45 PM GMT

मोदी सरकार का बड़ा फैसलाः बदल जाएगा इंडियन मेडिकल सिस्टम
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नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज मेडिकल क्षेत्र में कई बड़े फैसले लिए। इस बैठक में राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा प्रणाली आयोग विधेयक, 2019 (एनसीआईएम) में आधिकारिक संशोधन के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी जो राज्यसभा में अभी लंबित है। दूसरी ओर मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग विधेयक, 2019 में अधिकारिक संशोधनों को मंजूरी भी दी।

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प्रस्तावित कानून से भारतीय मेडिकल शिक्षा प्रणाली के क्षेत्र में आवश्यक नियामक सुधार सुनिश्चित किया जाएगा। इस आयोग से आम लोगों के हितों की सुरक्षा करने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही तय होगी। यह आयोग देश के सभी हिस्सों में किफायती स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं की उपलब्धता को बढ़ावा देगा।

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भारतीय मेडिकल सिस्टम से जुड़े शैक्षणिक संस्थानों के शैक्षिक मानकों, मूल्यांकन, आकलन और मान्यता से संबंधित कार्यों को सरल बनाने के लिए आयोग का गठन किया गया है।

एनसीआईएम की स्थापना का मुख्य उद्देश्य पर्याप्त संख्या में दक्ष चिकित्सा पेशेवरों की आपूर्ति और भारतीय मेडिकल सिस्टम में चिकित्सा सेवाओं के सभी पहलुओं में उच्च नैतिक मानकों को बढ़ावा देना है।

होम्यो सर्विसेज में भी होगा बदलाव

इसके अलावा मंत्रिमंडल ने होम्योपैथी केंद्रीय परिषद (एचसीसी) अधिनियम, 1973 में संशोधन के लिए राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग विधेयक, 2019 में अधिकारिक संशोधनों को भी अपनी मंजूरी दे दी। फिलहाल यह विधेयक भी राज्यसभा में लंबित है।

इन संशोधनों से होम्योपैथी शिक्षा के क्षेत्र में आवश्यक नियामक सुधार सुनिश्चित होंगे। आम जनता के हितों की रक्षा के लिए पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित होंगे। आयोग देश के सभी हिस्सों में किफायती स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं की उपलब्धता को बढ़ावा देगा।

होम्योपैथी की शिक्षा एवं प्रैक्टिस के नियमन, केंद्रीय होम्योपैथी रजिस्टर के रखरखाव तथा तत्संबंधी मामलों को लेकर केंद्रीय होम्योपैथी परिषद के गठन के लिए होम्योपैथी केंद्रीय परिषद (एचसीसी) अधिनियम, 1973 को लागू किया गया था। इस अधिनियम को भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम, 1956 के प्रारूप पर तैयार किया गया है।

भारतीय चिकित्सा परिषद के मुख्य क्रियाकलापों में शक्तियों का निर्धारण एवं नियमन करना शामिल है। जबकि यह अधिनियम होम्योपैथी चिकित्सा शिक्षा एवं प्रैक्टिस के विकास के लिए एक ठोस आधार प्रदान करता है, किंतु परिषद के क्रियाकलापों में अनेक बाधाओं का अनुभव किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण होम्योपैथी स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं पर गंभीर नुकसानदेह प्रभाव पड़ा है।

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