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Nitish Cabinet Expansion: चुनाव से पहले नीतीश सरकार का हुआ कैबिनेट विस्तार, सारे पद BJP की झोली में गिरे, आखिर क्या है इसके मायने

Nitish Cabinet Expansion: बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश सरकार ने कैबिनेट विस्तार किया। राज्यपाल ने 7 बीजेपी विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई, जबकि दिलीप जायसवाल ने पद से इस्तीफा दे दिया।

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Published on: 26 Feb 2025 4:27 PM IST (Updated on: 26 Feb 2025 6:22 PM IST)
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बिहार में बीजेपी के 7 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली (फोटो-सोशल मीडिया)

Nitish Cabinet Expansion: साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में नीतीश सरकार ने कैबिनेट का विस्तार किया है। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने शाम चार बजे नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। वहीं, नीतीश कैबिनेट के विस्तार से ठीक पहले बीजेपी के दिलीप जायसवाल ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। बीजेपी के 7 विधायकों ने एक-एक करके मंत्री पद की शपथ ली, जिनमें जाले विधायक जीवेश मिश्रा, साहेबगंज विधायक राजू कुमार सिंह, रिगा विधायक मोती लाल प्रसाद, विजय कुमार मंडल, दरभंगा विधायक संजय सरावगी, बिहारशरीफ से विधायक सुनील कुमार और कृष्ण कुमार मंटू शामिल थे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा चुनाव से पहले कैबिनेट विस्तार करने और सारे महत्वपूर्ण पद बीजेपी के पीछे राजनीतिक मायने हो सकते हैं, जो बिहार की राजनीति और आगामी चुनावी रणनीति से जुड़े हैं। आइये इसे विस्तार से समझते हैं।

गठबंधन की मजबूती और स्थिरता

नीतीश कुमार और बीजेपी के बीच गठबंधन कई बार उतार-चढ़ाव से गुजर चुका है। CM नीतीश कुमार का यह कदम एक तरह से गठबंधन की स्थिरता को बनाए रखने का प्रयास हो सकता है। चुनाव से पहले किसी भी प्रकार की राजनीतिक उथल-पुथल से बचने के लिए यह फैसला लिया गया है ताकि गठबंधन को मजबूत दिखाया जा सके और सहयोगी दलों को भी एकजुट रखा जा सके।

वोट बैंक को साधने का प्रयास

इस विस्तार के पीछे एक अन्य महत्वपूर्ण उद्देश्य वोट बैंक को साधने का हो सकता है। बीजेपी का सामाजिक आधार और राजनीतिक प्रभाव बिहार में काफी मजबूत है, और ऐसे में यदि बीजेपी को कैबिनेट में प्रमुख पद दिए जाते हैं, तो इसका लाभ चुनावी दृष्टिकोण से नीतीश कुमार को मिल सकता है। इस प्रकार के कदम से वे बीजेपी के समर्थकों और खासकर उनके वोट बैंक को भी अपनी ओर आकर्षित कर सकते हैं।

बीजेपी की छत्र-छाया में नीतीश

कैबिनेट विस्तार में सारे मंत्री पद बीजेपी को ही मिले हैं, तो इससे यह सवाल उठ सकता है कि क्या नीतीश कुमार की नेतृत्व क्षमता को लेकर कोई संशय है या फिर उन्हें बीजेपी के प्रभाव में काम करना पड़ रहा है।

बीजेपी की बढ़ती ताकत

बीजेपी को इतना बड़ा हिस्सा देना यह दर्शाता है कि पार्टी को राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण स्थिति में दिख रही है। बीजेपी के पास प्रमुख विभागों की जिम्मेदारी होने से उनका प्रभाव और रणनीतिक दिशा और भी प्रभावशाली हो सकती है, जो कि चुनावों में उनके लिए फायदेमंद हो सकता है। यह विस्तार बीजेपी के लिए भी एक अवसर हो सकता है। पार्टी के अंदर कई नेताओं को कैबिनेट पद मिलने से उनकी स्थिति मजबूत हो सकती है। यह बीजेपी के राज्य नेतृत्व को भी ज्यादा जिम्मेदारी और प्रभाव देने का संकेत हो सकता है।

राजनीतिक संतुलन साधने का प्रयास

चुनाव से पहले कैबिनेट विस्तार पूर्ण रूप से चुनाव को साधने का हिस्सा है। नीतीश कुमार शायद इससे यह करना चाहते हों कि उनका बीजेपी कैडर चुनाव में डट कर खड़ा हो।



Shivam Srivastava

Shivam Srivastava

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