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चांद की ओर चंद्रयान: इसरो को मिली एक और बड़ी कामयाबी

'चंद्रयान-2' बुधवार को धरती की कक्षा छोड़ चांद पर पहुंचने के लिए 'चंद्रपथ' पर अपनी यात्रा शुरू कर चुका है। इसरो के मुताबिक, आज यानी बुधवार की सुबह करीब 3।30 बजे हमने एक महत्वपूर्ण बदलाव किया, जिसे ट्रांस-ल्यूनर इंजेक्शन कहा जाता है। जिस वजह से चंद्रयान-2 पृथ्वी की कक्षा छोड़कर अपने लक्ष्य चंद्रमा की ओर आगे बढ़ गया। 20 अगस्त को चांद की कक्षा में घुसने के करीब 18 दिन बाद यानी 7 सितंबर को चंद्रयान-2 चांद की सतह पर उतर जाएगा।

Roshni Khan

Roshni KhanBy Roshni Khan

Published on 14 Aug 2019 3:44 AM GMT

चांद की ओर चंद्रयान: इसरो को मिली एक और बड़ी कामयाबी
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नई दिल्ली: 'चंद्रयान-2' बुधवार को धरती की कक्षा छोड़ चांद पर पहुंचने के लिए 'चंद्रपथ' पर अपनी यात्रा शुरू कर चुका है। इसरो के मुताबिक, आज यानी बुधवार की सुबह करीब 3।30 बजे हमने एक महत्वपूर्ण बदलाव किया, जिसे ट्रांस-ल्यूनर इंजेक्शन कहा जाता है। जिस वजह से चंद्रयान-2 पृथ्वी की कक्षा छोड़कर अपने लक्ष्य चंद्रमा की ओर आगे बढ़ गया। 20 अगस्त को चांद की कक्षा में घुसने के करीब 18 दिन बाद यानी 7 सितंबर को चंद्रयान-2 चांद की सतह पर उतर जाएगा।

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इसरो के चेयरमैन डॉ के सिवन ने बताया था कि 3850 किलो वजन वाले चंद्रयान को 22 जुलाई को लॉन्च किया गया था और यह 7 सितंबर को चंद्रमा की सतह पर पहुंचेगा।



उन्होंने आगे बताया, चंद्रयान-2 के लॉन्च के बाद हमने 5 बार उसके साथ प्रयोग किए। अब चंद्रयान-2 धरती की चारों ओर परिक्रमा लगा रहा है।

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चंद्रयान-2 धरती की कक्षा छोड़कर चांद की ओर चला जाएगा। 20 अगस्त को वह चांद की कक्षा तक पहुंच जाएगा। अब चंद्रयान का लूनर ऑर्बिट इंसर्शन होगा। इसके बाद कई और प्रयोग होंगे और 7 सितंबर को चंद्रयान चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा।

इसरो ने पहले ही बताया था कि स्पेसक्राफ्ट अच्छा काम कर रहा है और उसके सारे सिस्टम्स अच्छी तरह काम कर रहे हैं।

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