नौकरी वालों के लिए बड़ी खबर, बदल गया पीएफ से जुड़ा ये नियम…

दिल्ली: अगर आप नौकरी करते हैं तो ये खबर आपके लिए हैं। केंद्र की मोदी सरकार ने आपकी सहूलियत और फायदे से जुड़ा बड़ा फैसला लिया है, इसलिए ऑफिस जाने से पहले जान लें ये खबर…

सरकार ने किये पीएफ में बड़े बदलाव:

नौकरी कर्मी महीने भर काम पर जाते हैं, फिर जब उनके इसका मेहनताना मिलने का मौका आता है तो उनके मालिक व कम्पनी भ्रमात्मक तरीके से कर्मियों की सैलरी में कटौती करने आदि का काम करते हैं। ऐसे में सरकार ने पहले ही ऐसी सरकारी योजना बना रही हैं, जो नौकरी पेशा लोगों को राहत पहुंचाती हैं।

कमर्चारियों के पीएफ में धांधली करने वाली कम्पनियों पर श्रम विभाग सख्त:

इसी कड़ी में अब सरकार कर्मचारियों के पीएफ ( Provident Fund) से जुड़ें नियमों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। अब कर्मचारियों का पीएफ काटकर उसे जमा नहीं कराने वाली कंपनियां बच नहीं सकेंगी, बल्कि उनपर सख्त कार्रवाई भी होगी।

दरअसल, सरकार श्रम कानूनों में बड़े बदलाव करने जा रही है। अगर अब कंपनी पीएफ नहीं देने के लिए बहानेबाजी करती है या गलत जानकारी देती है तो उस पर कठोर कार्रवाई होगी। इतना ही नहीं नए जेल की हवा खाने की भी नौबत आ जायेगी।

कम्पनियां हो जाएं सावधान:

कंपनियां अब अगर अपने कर्मचारियों का पीएफ जमा नहीं करेंगी तो उनपर दस गुना पैनल्टी लगाई जायेगी। अभी श्रम विभाग 10 हजार रुपये की पैनल्टी लगाता है, लेकिन अब इसे बढ़ा कर एक लाख रुपये कर दिया गया है।

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इसके अलावा जेल की सजा भी होगी। बता दें कि पीएफ जमा न करने पर एक से तीन साल तक की जेल का प्रावधान किया गया है।

क्या है पीएफ, कर्मचारियों को इसके फायदे:

एम्प्लॉइज प्रॉविडेंट फंड (Employee Provident Fund) यानी EPF सैलरी पाने वाले कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद आर्थिक फायदा देने वाली स्कीम है, जो एम्प्लॉइज़ प्रॉविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन द्वारा चलाई जाती है। इसकी ब्याज दरें सरकार तय करती है।

इसके अंतर्गत हर महीने कंपनी सभी कर्मचारियों की बेसिक सैलरी से 12 फीसदी पैसा काटकर PF के खाते में डाल देती है। कर्मचारियों के साथ-साथ कंपनी की ओर से भी 12 फीसदी पैसा उस कर्मचारी के PF खाते में डाला जाता है।

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