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मस्जिदों पर वक्फ बोर्ड ने कसा सिकंजा, जारी किया आदेश; करना होगा अब ये काम

Chhattisgarh News: राज्य वक्फ बोर्ड ने 1223 मस्जिदों के मौलानाओं को ऑडिट कराने का आदेश जारी किया है। बोर्ड के पास मस्जिदों की लगातार शिकायतें पहुंच रही थीं।

Sakshi Singh
Published on: 8 March 2025 8:21 PM IST (Updated on: 8 March 2025 8:43 PM IST)
Chhattisgarh Waqf Board News
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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने मस्जिदों पर सिकंजा कसा है। बोर्ड ने एक आदेश जारी किया है जिसमें मस्जिदों को अब संपत्तियों के हिसाब-किताब के बाद अब मस्जिदों को भी आय-व्यय के एक-एक रुपये की जानकारी देनी होगी। अभी तक मस्जिदें इससे मुक्त थीं। राज्य वक्फ बोर्ड ने 1223 मस्जिदों के मौलानाओं को ऑडिट कराने का आदेश जारी किया है।

ऑडिट का परीक्षण वक्फ बोर्ड की ओर से किया जाएगा। वक्फ बोर्ड के पास मस्जिदों की राशि के दुरूपयोग की लगातार शिकायतें पहुंच रही थीं। इसके बाद से ऑडिट कराने का निर्णय लिया गया है।

प्रदेश में 1800 से अधिक छोटी-बड़ी मस्जिदें हैं, लेकिन फिलहाल उन्हें ही आदेश जारी किया गया है, जिनकी आमदनी ज्यादा है। राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज का कहना है कि मस्जिदों के आय-व्यय में पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूर है। इसलिए यह कदम उठाया गया है। जारी आदेश में कहा गया कि मस्जिदों को बैंक में अपना खाता खुलवाना होगा। वक्फ बोर्ड की ओर से पोर्टल तैयार किया जा रहा है, जिसमें मौलाना को आमदनी और खर्च का हिसाब डालना जरुरी होगा।

इतने लाख की कमाई

बोर्ड ने कहा है कि अगर तीन साल तक ऑडिट नहीं कराया जाता है तो जिम्मेदार को जेल तक जाना पड़ सकता है। वक्फ बोर्ड अपनी संपत्ति से होने वाली कमाई और मस्जिदों की आमदनी का 30 प्रतिशत राशि शिक्षा पर खर्च करेगा। बोर्ड का अनुमान है कि बड़ी मस्जिदों में महीने की कमाई डेढ़ लाख और वर्षभर में 15 से 20 लाख रुपये तक होती है।

छह मौलवी को हटाया गया

राज्य वक्फ बोर्ड ने छह मुतवल्लियों को पद से हटा दिया है। इसमें से रायपुर के दो, दल्लीराजा, कांकेर, बिलासपुर और अंबिकापुर के एक-एक शामिल हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में समाज के लोगों से एक राष्ट्रीय पार्टी के पक्ष में मतदान करने की अपील की थी। बोर्ड ने मुतवल्लियों को नोटिस देकर जवाब मांगा था, संतोषजनक जवाब न पाए जाने पर कार्रवाई की गई है।

Sakshi Singh

Sakshi Singh

Senior Content Writer

मेरा नाम साक्षी सिंह है। मूलत: प्रयागराज की रहने वाली हूं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट हूं। मैंने बैचलर और मास्टर दोनों ही जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन विषय से किया है। पत्रकारिता की शुरुआत दैनिक जागरण (प्रिंट) से किया। दैनिक भास्कर (डिजिटल) में प्रयागराज में फील्ड रिपोर्टर रही। इसके बाद मैंने अमृत विचार, राजस्थान पत्रिका और नवभारत डिजिटल में लगभग 18 महीने बतौर कंटेट राइटर काम किया। इस संस्थान में नेशनल और इंटरनेशनल की रियल टाइम की खबरें लिखती रही। इसके साथ ही इस संस्थान में मैंने यहां शिफ्ट इचार्ज के तौर पर टीम भी लीड किया है। इस क्षेत्र में काम करते हुए लगभग साढ़े तीन साल से ज्यादा समय हो गए हैं। मेरी रुचि और पकड़ लगभग सभी विषयों पर है। लेकिन इंडियन पॉलिटिक्स और इंटरनेशनल रिलेशन्स में विशेष दिलचस्पी है।

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