TRENDING TAGS :
भारतीय वायुसेना में शामिल हुआ 'चिनूक', PAK सीमा पर होगा तैनात, ये है खासियत
यह दुनिया के 19 देशों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है। चिनूक हेलिकॉप्टर को अमेरिकी वायुसेना 1962 से ही इस्तेमाल कर रही है। कंपनी ने अब तक कुल 1179 चिनूक हेलिकॉप्टर बनाए हैं।
नई दिल्ली: बहुत दिनों से प्रतीक्षित करीब 11 टन के हथियार और सैनिकों को आसानी से उठाने में सक्षम, साथ ही ऊंचाइयों पर भी उड़ान भरने वाला अत्याधुनिक चिनूक हेलिकॉप्टर आज औपचारिक रूप से भारतीय सेना को मिल जाएगा। इसे पाकिस्तानी सीमा पर वायुसेना को और अधिक ताकतवर बनाने में इस्तेमाल किया जाएगा।
ये भी पढ़ें— आगरा में अमित शाह व योगी का ‘विजय संकल्प रैली’ में चुनावी शंखनाद
चंडीगढ़ में एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ इसे चंडीगढ़ में चार भारी क्षमता वाले चिनूक हेलिकॉप्टर को भारतीय वायुसेना को सौंपेंगे। मल्टी मिशन हेलिकॉप्टर को बोइंग कंपनी ने बनाया है। भारत ने ऐसे 15 हेलिकॉप्टर खरीदने के लिए डील किया है।
अमेरिकी वायुसेना 1962 से कर रही है इस्तेमाल
यह दुनिया के 19 देशों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है। चिनूक हेलिकॉप्टर को अमेरिकी वायुसेना 1962 से ही इस्तेमाल कर रही है। कंपनी ने अब तक कुल 1179 चिनूक हेलिकॉप्टर बनाए हैं।
ये भी पढ़ें— प्रमोद तिवारी का अमित शाह से सवाल- आपके बेटे ने कैसे 60 हजार गुना कमाया मुनाफा
ये है इसकी खासियत
1. ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्र में यह हेलिकॉप्टर काफी कारगर हो सकता है।
2. यह हेलिकॉप्टर छोटे से हेलीपैड और घाटी में भी लैंड कर सकता है।
3. खराब मौसम में भी ये हेलिकॉप्टर उड़ान भरने में सक्षम है।
4. इस हेलिकॉप्टर की अधिकतम स्पीड 315 किमी प्रति घंटे है।