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कश्मीर में चोटी कटवा के नाम पर निर्दोषों की बलि, बुजुर्ग की हत्या

Rishi

RishiBy Rishi

Published on 6 Oct 2017 10:46 AM GMT

कश्मीर में चोटी कटवा के नाम पर निर्दोषों की बलि, बुजुर्ग की हत्या
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श्रीनगर : जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले में शुक्रवार को भीड़ ने एक 70 वर्षीय बुजुर्ग को भूलवश चोटी काटने वाला समझकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने कहा कि अनंतनाग जिले के दंतेर गांव निवासी अब्दुल सलाम वाणी शुक्रवार तड़के अपने घर से शौच के लिए निकले थे कि तभी भीड़ ने उन्हें गलती से चोटी काटने वाला समझकर ईंट से उनके ऊपर हमला कर दिया।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "उनकी मौके पर ही मौत हो गई।"

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कश्मीर घाटी में विभिन्न जगहों पर चोटी कटने की घटनाओं के मद्देनजर सजग भीड़ इन घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी कर रही है।

लेकिन, अभी तक भीड़ ने चोटी काटने वाला समझकर सिर्फ बेकसूर लोगों को ही पीटा है।

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पुलिस ने गुरुवार को बारामुला जिले के पट्टन इलाके में गैर स्थानीय मजदूरों को प्रताड़ित कर रही एक ऐसी ही भीड़ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।

चोटी काटने वाले को गिरफ्तार करवाइए, 6 लाख घर ले जाइए

कश्मीर घाटी में चोटी काटने की रहस्यमयी घटनाओं के प्रति लोगों में बढ़ते गुस्से के मद्देनजर पुलिस ने रविवार को घोषणा की कि इन घटनाओं में शामिल अपराधियों को पकड़ने में सहायता करने वाले को छह लाख रुपये इनाम दिया जाएगा।

इससे पहले पुलिस ने तीन लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी।

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पुलिस के एक बयान के मुताबिक, “चोटी काटने की घटनाओं में शामिल किसी भी व्यक्ति के बारे में सूचना देने या उसे पकड़वाने में सहायता करने की राशि दोगुनी कर छह लाख रुपये कर दी गई है। सूचना देने वाले शख्स या लोगों का नाम और अन्य विवरण गोपनीय रखा जाएगा।”

चोटी काटने की घटना दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले से शुरू हुई थी और जल्द ही यह घाटी के मध्य व उत्तरी जिलों में फैल गई। इस मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

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पिछले हफ्ते पुलिस ने तीन लोगों को संदेह के आधार पर पकड़ा था, लेकिन कोई सबूत नहीं मिलने पर बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि इस घटना के पीछे कुछ सुरक्षाकर्मियों का भी हाथ हो सकता है।

मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के आदेश के बाद पुलिस ने इस रहस्य की जांच के लिए हर जिले में विशेष जांच टीमें गठित की हैं।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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