CAA: कांग्रेस सांसद ने आर्मी चीफ पर दिया ये बड़ा बयान, राष्ट्रपति से की ये मांग

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जारी प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले लोगों की आलोचना की थी, जिसपर राजनीतिक बवाल हो गया। उन्होंने कहा था कि छात्रों और अन्य लोगों की भीड़ का नेतृत्व करते हुए हिंसा फैलाना लीडरशिप नहीं है।

नई दिल्ली: सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जारी प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले लोगों की आलोचना की थी, जिसपर राजनीतिक बवाल हो गया। उन्होंने कहा था कि छात्रों और अन्य लोगों की भीड़ का नेतृत्व करते हुए हिंसा फैलाना लीडरशिप नहीं है। सेना प्रमुख के इस बयान पर केरल के त्रिशूर से कांग्रेस सांसद टीएन प्रथपन ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर उनको बर्खास्त करने की मांग की है।

कांग्रेस सांसद ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर कहा है कि जनरल बिपिन रावत ने रक्षाकर्मियों के लिए तय आचार संहिता का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि सेना प्रमुख के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।

पत्र में टीएन प्रथपन ने कहा है कि सेना प्रमुख द्वारा अनुशासन के गंभीर उल्लंघन के मद्देनजर महामहिम से अपील करता हूं कि वे जनरल बिपिन रावत को तुंरत उनके पद से हटा दें और उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करें।

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उन्होंने कहा कि सेना प्रमुख ने देश के कुछ फासीवादी राजनीतिक दलों की तरफ से राजनीतिक राय देकर सारी हदें पार कर दी हैं, ये गंभीर अनुशासनात्मक, आचार संहिता और रक्षा सेवा नियमों के उल्लंघन से कम नहीं है।

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बता दें कि इसके पहले पूर्व वित्तमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता पी चिदंबरम ने भी सेना प्रमुख के बयान पर आपत्ति जताई थी। चिदंबरम ने उनके बयान पर कहा था कि आप (बिपिन रावत) सेना प्रमुख हैं और अपने काम को ध्यान में रखें। सेना का यह काम नहीं है कि वह राजनेताओं को बताए कि हमें क्या करना चाहिए।

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