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मौत के बाद भी सुरक्षित नहीं कोरोना संक्रमित, शव के साथ की ये शर्मनाक हरकत

कोरोना संकट के बीच आर्थिक तंगी या गरीबी लोगों पर इस कदर हावी हो गयी कि संक्रमित मरीज मौत के बाद भी सुरक्षित नहीं हैं। अस्पताल में मृतक संक्रमित की जेब तक काट ली गयी।

Shivani Awasthi
Updated on: 12 Jun 2020 4:05 PM GMT
मौत के बाद भी सुरक्षित नहीं कोरोना संक्रमित, शव के साथ की ये शर्मनाक हरकत
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इंदौर: कोरोना संकट के बीच शर्मसार होती मानवता के कई मामले सामने आ रहे हैं। दरअसल कोरोना संकट के बीच आर्थिक तंगी या गरीबी लोगों पर इस कदर हावी हो गयी कि संक्रमित मरीज मौत के बाद भी सुरक्षित नहीं हैं। अस्पताल में मृतक संक्रमित की जेब तक काट ली गयी।

मौत के बाद कोरोना मरीज के सामान की चोरी

मामला मध्य प्रदेश के इंदौर का है, यहां एक अस्पताल में ऐसा मामला सामने आया, जिसके बाद कोई भी शर्मिदा हो जाए। दरअसल, एमजीएम मेडिकल कॉलेज में अंतर्गत आने संचालित हो रहे एमटीएच अस्पताल में भर्ती एक कोरोना पॉजिटिव मरीज की करीब एक महीने पहले मौत हो गयी थी। हरीश गौड़ नाम का मरीज 2 मई को अस्पताल में भर्ती हुआ था, लेकिन 5 मई को रात ढाई बजे उसकी मौत हो गई। जिसके बाद किसी ने उसके सामान तक को चुरा लिया।

मृतक का पर्स और मोबाइल गायब

जानकारी के मुताबिक, संक्रमित मृतक का पर्स और मोबाइल गायब हो गया। वहीं जब परिजन पहुंचे तो शव उनके सुपुर्द कर दिया। हालाँकि जब मृतक की पत्नी ने पति का सामान माँगा तो उसे खाली हाथ लौटा दिया गया। इसके बाद से महिला अस्पताल प्रबंधन से जाकर भी मिली और मृतक पति के फोन और पर्स को तलाशने में मदद मांगी लेकिन उसे भगा दिया गया।

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सामान के लिए दर-दर भटक रही मृतक की पत्नी

मामले में महिला के भाई ने बताया कि मौत से एक घंटे पहले ही हरीश ने अपनी पत्नी से बात की थी, उस दौरान मोबाइल उसके पास ही था। वहीं फिर अस्पताल से उनकी मौत की सूचना आई। शव लेने पहुंचे तो न पर्स मिला और न मोबाइल। मौजूद स्टाफ से इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, अभी शव ले लाओ, बाद में सामान ले जाना।

लेकिन तब से भाई-बहन अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं पर उनका सामान वापस नहीं मिला। पर्स में आधार कार्ड समेत एटीएम और जरुरी कागजात थे। वहीं मोबाइल में लेन देन का हिसाब और जरुरी नंबर थे। इस बारे में पीड़ित ने पुलिस से शिकायत भी की है।

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Shivani Awasthi

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