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‘डे’ इन हिस्ट्री, 9 सितंबर: आज ही के दिन कारगिल युद्ध के शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा का हुआ था जन्म

Aditya Mishra

Aditya MishraBy Aditya Mishra

Published on 9 Sep 2018 9:07 AM GMT

‘डे’ इन हिस्ट्री, 9 सितंबर: आज ही के दिन कारगिल युद्ध के शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा का हुआ था जन्म
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लखनऊ: इतिहास एक दिन में नहीं बनता, लेकिन हर दिन इतिहास के बनने के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। 9 सितम्बर के इतिहास के लिए भी यही मायने हैं। इस दिन इतिहास की कुछ बहुत महत्वपूर्ण घटनाएं हुईं। उसमें से एक घटना कारगिल युद्ध के शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा से जुड़ी हुई है। इस दिन कैप्टन बत्रा का जन्म हुआ था। वहीं इंडियन स्पेस एजेंसी ने सबसे भारी विदेशी सेटेलाइट को अंतरिक्ष में स्थापित करने का कारनामा किया था। तो आईए जानते हैं, आज के दिन देश -विदेश में घटी कुछ अन्य प्रमुख घटनाओं के बारे में:-

बत्रा ने बचपन में देखा था अफसर बनने का सपना

9 सितंबर 1974 को कारगिल युद्ध में शहीद हुए कैप्टन विक्रम बत्रा का जन्म हुआ था। विक्रम बत्रा जुड़वा पैदा हुए थे। इनके पैरेंट्स प्यार से दोनों भाई को लव, कुश पुकारते थे। लव यानी विक्रम औऱ कुश यानी विशाल। विक्रम बत्रा बचपन से बहुत ही होशियार थे। वे पढ़ाई से लेकर खेलकूद तक में अव्वल थे। स्कूल के समय में वह प्रतियोगिता में बेहद सक्रिय थे। उनके स्कूल के पास ही आर्मी का बेस कैंप था। जहां से आती सेना के कदमताल करने और ड्रमबीट की आवाज को सुनकर अक्सर वहां रुक जाते थे। यहीं से आर्मी के प्रति उनमें रुझान बढ़ा।

मर्चेंट नेवी की जॉब को ठुकराया

उन्होंने बचपन में ही आर्मी अफसर बनने का सपना देखा था। इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने डीएवी कॉलेज में दाख़िला ले लिया। यहां से साइंस में ग्रेजुएशन की पढ़ाई शुरू की। बताया जाता है कि विक्रम बत्रा को मर्चेंट नेवी की ओर से भी बुलावा आया था, लेकिन उन्होंने उसे जॉइन नहीं किया।

ऐसे बने सेना में लेफ्टिनेंट

कॉलेज के दौरान उन्होंने एनसीसी जॉइन की। एनसीसी के प्रति उनकी निष्ठा देखकर उन्हें सर्वश्रेष्ठ कैडेट चुना गया। यही नहीं उन्हें गणतंत्र दिवस की परेड का हिस्सा भी बनाया गया। साल 1996 में विक्रम बत्रा का चयन आर्मी में हुआ। आर्मी का प्रशिक्षण मिलने के बाद 16 दिसंबर 1997 को उनको जम्मू के सोपोर में भेज दिया गया। यहां उन्हें 13 जम्मू-कश्मीर राइफल्स में लेफ्टिनेंट नियुक्त कर दिया गया।

18 महीने की नौकरी के बाद ही जाना पड़ा था कारगिल

पाकिस्तानियों से लोहा लेते समय फायरिंग में एक गोली कैप्टन विक्रम बत्रा के सीने को चीरती हुई आर-पार हो गई। फिर भी उनके हौसले नहीं टूटे। गोली लगने के बावजूद भी वह अंत तक लड़ते रहे। हालांकि, शरीर से ज्यादा खून बह जाने के कारण बाद में वह शहीद हो गए।

तो आइए, ऐसी ही देश-विदेश की अन्य घटनाओं के लिए 9 सितंबर के इतिहास पर नजर डाल लेते हैं –

2012 - आज ही के दिन इंडियन स्पेस एजेंसी ने सबसे भारी विदेशी सैटेलाइट को कक्षा में स्थापित किया।

1974 - कारगिल युद्ध में शहीद हुए कैप्टन विक्रम बत्रा का जन्म 9 सितंबर को हुआ था. उन्हें मरणोपरान्त परमवीर चक्र से नवाजा गया था।

1940 - जॉर्ज स्टिबिट्ज ने कम्प्यूटर का पहला रिमोट ऑपरेशन शुरू किया।

1939 - म्यांमार के राष्ट्रीय नायक यू ओत्तमा की मृत्यु जेल में ब्रिटेन की औपनिवेशिक सरकार के खिलाफ भूख हड़ताल करते हुए आज ही के दिन हुई।

1923 - तुर्की को गणराज्य का दर्जा दिलाने वाले मुस्तफा कमाल अतातुर्क ने 9 सितंबर को ही रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी की स्थापना की थी।

1791 - यूनाइटिड स्टेट्स की राजधानी का नाम वॉशिंगटन डी.सी. आज के दिन ही राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन के नाम पर रखा गया।

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