×

जेवर में बनेगा दिल्ली-एनसीआर का दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, केंद्र की मिली मंजूरी

केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर में एक ग्रीन फील्ड हवाईअड्डे के निर्माण को 'सैद्धांतिक मंजूरी' दे दी है।

tiwarishalini
Updated on: 24 Jun 2017 1:57 PM GMT
जेवर में बनेगा दिल्ली-एनसीआर का दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, केंद्र की मिली मंजूरी
X
जेवर में बनेगा एनसीआर का दूसरा हवाईअड्डा, केंद्र की मिली मंजूरी
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo

नई दिल्ली: नया हवाईअड्डा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए दूसरा अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा होगा।

जेवर में नए अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे के निर्माण से नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर बुनियादी ढांचे से संबंधित दबाव कम होगा। नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू ने शनिवार को कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जेवर हवाईअड्डे के पहले चरण को मंजूरी दे दी गई है।

नागरिक उड्डयन मंत्री के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा के जेवर में हवाईअड्डे के पहले चरण के लिए साइट की मंजूरी पांच साल में पूरी की जानी है।

यहां राजीव गांधी भवन में प्रेस वार्ता में राजू ने कहा, "एनसीआर में विमान सेवाओं की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से हमने जेवर (ग्रेटर नोएडा) में एक ग्रीनफील्ड हवाईअड्डे के निर्माण को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।" राजीव गांधी भवन में ही नागरिक उड्डय मंत्रालय का मुख्यालय है।

उन्होंने कहा, "नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा अगले 10-15 वर्षो में सालाना 3-5 करोड़ लोगों को सेवा प्रदान करेगा।"

परियोजना का विवरण देते हुए नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने कहा कि नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे के पहले चरण पर 10,000 करोड़ रुपये की लागत आने की संभावना है।

राज्य सरकार यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के माध्यम से भूमि अधिग्रहण का काम पूरा कर सकती है और एक साल के भीतर एक तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता अध्ययन करेगी।

उल्लेखनीय है कि अप्रैल महीने में सिन्हा ने कहा था कि उत्तर प्रदेश सरकार को जेवर में एक ग्रीनफील्ड हवाईअड्डा स्थापित करने के लिए एक ताजा प्रौद्योगिकी आकलन करने के लिए कहा गया है।

सिन्हा ने कहा कि जेवर में प्रस्तावित स्थल का प्रौद्योगिकी आकलन पहले ही कर लिया गया था, लेकिन अवधि समाप्त हो जाने के कारण ताजा अध्ययन करने की जरूरत पड़ गई।

--आईएएनएस

tiwarishalini

tiwarishalini

Excellent communication and writing skills on various topics. Presently working as Sub-editor at newstrack.com. Ability to work in team and as well as individual.

Next Story