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हाई अलर्ट: यमुना का जलस्तर बढ़ने से दिल्ली परेशान, केजरीवाल ने बुलाई बैठक

हिमाचल प्रदेश में 70 सालों में सबसे भीषण बारिश हुई है। जिसके चलते कईयों की जिंदगी जा चुकी है। वहीं उत्तराखण्ड के उत्तराकाशी में बादल फटने से हर तरफ तबाही मची हुई है।

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ShreyaBy Shreya

Published on 19 Aug 2019 5:08 AM GMT

हाई अलर्ट: यमुना का जलस्तर बढ़ने से दिल्ली परेशान, केजरीवाल ने बुलाई बैठक
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हाई अलर्ट: यमुना का जलस्तर बढ़ने से दिल्ली परेशान, केजरीवाल ने बुलाई बैठक
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नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश में 70 सालों में सबसे भीषण बारिश हुई है। जिसके चलते कईयों की जिंदगी जा चुकी है। वहीं उत्तराखण्ड के उत्तराकाशी में बादल फटने से हर तरफ तबाही मची हुई है। राज्य में इस वजह से 10 लोगों की जान चली गई, जबकि 17 लोग लापता हैं। अगर दोनों राज्यों में बारिश से हुई मौत की बात करें तो अब तक कम से कम 31 मौते हो चुकी हैं।

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अब बारिश को देखते हुए दिल्ली को भी अलर्ट पर रखा गया है। बता दें कि हरियाणा के बैराज से 8.42 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पानी छोड़ने की वजह से यमुना खतरे के निशान पर है। जिसके चलते दिल्ली को अलर्ट पर रखा गया है और निचले इलाकों से लोगों को हटवाया जा रहा है। इसको देखते हुए अरविंद केजरीवाल ने एक मीटिंग बुलवाई है।

इन इलाकों को खाली करने का आदेश-

प्रशासन ने अलर्ट के बाद से ही यमुना किनारे के निचले इलाकों में रह रहे लोगों को खाली करवाने करवाने का आदेश दिया है। इन इलाकों में गीता कॉलोनी, सोनिया बाजार, यमुना बाजार, मयूर विहार, डीएनडी, लोहे का पुल, कश्मीरी गेट, वजीराबाद, आईटीओ, जामिया, जैसे इलाके शामिल हैं। यमुना के किनारे लगे 1100 टेंटो में इन लोगों को शिफ्ट किया जाएगा। इन टेंटो में करीब 5 हजार लोगों को शिफ्ट किया जाएगा। इन टेंटो में हर तरह की सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। टेंटो में लोगों के लिए खान-पीना वॉशरुम जैसी सुविधा उपलब्ध है। साथ ही डॉक्टर की टीम भी मौजूद रहेगी।

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अगर इसके अलावा कोई डूबता है तो उसके लिए 44 नावों और 27 गोताखोरों की टीमों की तैनाती की गई है। बताय जा रहा है कि सोमवार सुबह से अधिकारी यमुना किनारे इंस्पेक्शन के लिए जाएंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अलर्ट के बाद भी वहां कोई मौजूद तो नहीं है।

बताया जा रहा है कि यमुना का जलस्तर 207.32 मीटर तक पहुंच सकता है। यमुना का जलस्तर पहले से ही खतरे के निशान को पार कर चुकी है और अब इसके और अधिक बढ़ने की संभावना है।

1978 में आई थी सबसे बड़ी बाढ़-

इससे पहले 1978 में यमुना में सबसे बड़ी बाढ़ आई थी , जब यमुना की जलस्तर 207.49 मीटर तक पहुंच गई थी। अब 41 साल बाद ऐसा हुआ है कि यमुना का जलस्तर इतना बड़ गया है।

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