Jharkhand Land Scam Case: 40 घंटे बाद नजर आए सीएम हेमंत सोरेन, ईडी कर सकती है गिरफ्तार !

Jharkhand Land Scam Case: 29 जनवरी को प्रवर्तन निदेशालय साउथ दिल्ली स्थित उनके निजी आवास और झारखंड भवन पहुंची लेकिन हेमंत सोरेन वहां भी नहीं मिले थे।

Krishna Chaudhary
Published on: 30 Jan 2024 3:21 AM GMT (Updated on: 30 Jan 2024 8:55 AM GMT)
CM Hemant Soren
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CM Hemant Soren   (photo: social media )

Jharkhand Land Scam Case: झारखंड के मुख्यमंत्री और झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन पर ईडी का शिकंजा कसने के बाद राज्य की राजनीति में एकबार फिर हलचल पैदा हो गई है। 40 घंटों तक लापता रहे सीएम सोरेन अब जाकर सार्वजनिक रूप से नजर आए हैं। उनका काफिला आज दोपहर सीधे रांची स्थित मुख्यमंत्री निवास पहुंचा। इस दौरान उन्होंने मीडिया से कोई बात नहीं की, बस कार के अंदर से हाथ हिलाकर अभिवादन किया। ऐसी चर्चा है कि ईडी उन्हें कभी भी अरेस्ट कर सकती है।

दरअसल, 27 जनवरी को रात रांची से दिल्ली के लिए रवाना हुए सोरेन कहां है, इसकी किसी को जानकारी नहीं थी। 29 जनवरी को प्रवर्तन निदेशालय साउथ दिल्ली स्थित उनके निजी आवास और झारखंड भवन पहुंची लेकिन झारखंड सीएम वहां भी नहीं मिले। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईडी ने सोमवार को दिल्ली में सीएम सोरेन के तीन ठिकानों पर सुबह सात बजे छापा मारा, जो देर रात तक चली। इस दौरान अटकलें लगने लगी कि उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। एजेंसी ने उनके आवास से हरियाणा नंबर की BMW कार को जब्त कर अपने साथ ले गई। ईडी को झारखंड सीएम के देश से बाहर जाने का भी शक था, इसलिए एयरपोर्ट को भी अलर्ट भेजा गया था।

हेमंत सोरेन ने ईडी को भेजा ईमेल

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से प्रवर्तन निदेशालय को एक ईमेल किया गया था। उसमें उन्होंने एजेंसी पर राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित होकर काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि 31 जनवरी या उससे पहले उनका बयान दोबारा दर्ज कराने की जिद से ईडी की दुर्भावना झलक रही है। एजेंसी के 10वें समन को सीएम सोरेन ने पूरे तरह से अफसोसजनक और कानून द्वारा दी गई शक्तियों का दुरूपयोग बताया। उन्होंने आगे बताया कि वह 31 जनवरी को रांची स्थित सीएम हाउस में पूछताछ के लिए मौजूद होंगे।

दरअसल, 20 जनवरी की पूछताछ के बाद ईडी ने सीएम हेमंत सोरेन को एक नया समन जारी कर 29 से 31 जनवरी के बीच एक दिन पूछताछ के लिए उपलब्ध रहने को कहा था। समन में 28 जनवरी तक इसकी जानकारी देने की बात कही गई थी। सीएम कार्यालय ने एजेंसी को इसका जवाब देते हुए कहा था कि हेमंत सोरेन फिलहाल व्यस्त हैं और बाद में समय बताएंगें। इसके बाद 27 जनवरी की रात सीएम सोरेन दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

रांची में तेज हुई सियासी हलचल

इन घटनाक्रमों ने एकबार फिर झारखंड की राजनीति में भूचाल ला दिया है। लापता रहने के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायकों को सामान लेकर रांची में एक जगह इकट्ठा होने को कहा था। अब रांची पहुंचते ही सीेएम सोरेन एक्शन में नजर आ रहे हैं। सीएम हाउस पर सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायकों के साथ उन्होंने मीटिंग की। खास बात ये है कि इस दौरान उनकी पत्नी कल्पना सोरेन भी साथ मौजूद रहीं।

बीजेपी के गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे का कहना है कि हेमंत सोरेन ये सारी कवायद अपनी पत्नी कल्पना सोरेन को मुख्यमंत्री बनाने के लिए कर रहे हैं। झारखंड बीजेपी अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सीएम हेमंत सोरेन ईडी की कार्रवाई की डर से फरार चल रहे हैं। इससे राज्य की विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा दांव पर है। उन्होंने राज्यपाल से मामले का संज्ञान लेने का आग्रह किया है।

बता दें कि जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी सीएम हेमंत सोरेन के पीछे पड़ी हुई है। आरोप है कि 4.55 एकड़ आर्मी की जमीन के मालिकाना हक में बदलाव करके उसे हड़प लिया गया। ईडी ने अब तक इस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 2011 बैच के आईएएस अधिकारी छवि रंजन भी शामिल हैं, जो राज्य समाज कल्याण विभाग के निदेशक और रांची के उपायुक्त का पद संभाल चुके हैं।

Monika

Monika

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पत्रकारिता के क्षेत्र में मुझे 4 सालों का अनुभव हैं. जिसमें मैंने मनोरंजन, लाइफस्टाइल से लेकर नेशनल और इंटरनेशनल ख़बरें लिखी. साथ ही साथ वायस ओवर का भी काम किया. मैंने बीए जर्नलिज्म के बाद MJMC किया है

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