बीजेपी को तगड़ा झटका, दिल्ली इलेक्शन से पहले चुनाव आयोग ने लिया ये बड़ा फैसला

दिल्ली के शाहीन बाग को मिनी पाकिस्तान बताने वाले बयान पर मॉडल टाउन विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी कपिल मिश्रा की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

Published by Deepak Raj Published: January 25, 2020 | 4:24 pm
Modified: January 25, 2020 | 4:26 pm

नई दिल्ली।  दिल्ली के शाहीन बाग को मिनी पाकिस्तान बताने वाले बयान पर मॉडल टाउन विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी कपिल मिश्रा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस बयान को लेकर चुनाव आयोग ने बीजेपी प्रत्याशी कपिल मिश्रा के चुनाव प्रचार करने पर 48 घंटे के लिए रोक लगा दी है।

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दिल्ली के मॉडल टाउन से बीजेपी प्रत्याशी कपिल मिश्रा ने शाहीन बाग को मिनी पाकिस्तान कहा था। इसके अलावा कपिल मिश्रा ने यह भी ट्वीट कर कहा था कि आठ फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव में दिल्ली की सड़कों पर ‘हिंदुस्तान और पाकिस्तान’ का मुकाबला होगा।

चुनाव आयोग ने कपिल मिश्रा को नोटिस भेजा था

इस मामले में चुनाव आयोग ने कपिल मिश्रा को नोटिस भेजा था। कपिल मिश्रा ने नोटिस का जवाब भी दिया था। इसके बाद चुनाव आयोग ने कपिल मिश्रा पर एक्शन लिया है। इस मामले को लेकर दिल्ली पुलिस ने कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर चुकी है।

कपिल मिश्रा

कपिल मिश्रा पर चुनाव आयोग  FIR दर्ज करने का निर्देश दिया

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रणबीर सिंह ने दिल्ली पुलिस को कपिल मिश्रा के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके अलावा चुनाव आयोग ने कपिल मिश्रा को मिनी पाकिस्तान वाले पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। गुरुवार को चुनाव अधिकारी बनवारी लाल ने कपिल मिश्रा को जारी की है।

 

शाहीन बाग पर  बयान को लेकर मीडिया पर कई खबरे आई थी

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नोटिस में कहा था कि शाहीन बाग पर आपके बयान को लेकर मीडिया पर कई खबरे हैं, जैसे कि दिल्ली में छोटे-छोटे शाहीन बाग बन गए हैं, शाहीन बाग में PAK की एंट्री और आठ फरवरी को दिल्ली में भारत बनाम पाकिस्तान और आठ फरवरी को दिल्ली की सड़कों पर हिंदुस्तान बनाम पाकिस्तान मुकाबला होगा।

चुनाव अधिकारी ने कहा था कि आचार संहिता और जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत किसी भी पार्टी या उम्मीदवार का ऐसी गतिविधियों में शामिल होना प्रतिबंधित है, जो आपस में नफरत को बढ़ा सकता है या विभिन्न जाति, समुदाय, धर्म या भाषा के बीच तनाव या नफरत पैदा करता है। लिहाजा इन बयानों को लेकर आपके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए?