ऐतिहासिक फैसला: सुप्रीम कोर्ट पहली बार हाई कोर्ट जज के खिलाफ अवमानना के मामले पर करेगा सुनवाई

Published by sujeetkumar Published: February 8, 2017 | 1:53 pm
Modified: February 8, 2017 | 5:57 pm
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नई दिल्ली: चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस जेएस खेहर ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। जिसमें उन्होंने कलकत्ता हाई कोर्ट के वर्तमान जज सीएस कर्णन के खिलाफ अवमानना का मामला चलाने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने यह कार्रवाई मद्रास हाई के चीफ जस्टिस और दूसरे जजों के खिलाफ कर्णन की ओर से लगातार आरोप लगाए जाने के बाद की है।

बुधवार से शुरू होगी सुनवाई
इस मामले पर सुनवाई बुधवार से शुरू होगी। चीफ जस्टिस और छह अन्य सीनियर जज-जस्टिस दीपक मिश्रा, जे चेलामेश्वर, रंजन गोगोई, मदन बी लोकुर, पीसी घोष और कुरियन जोसफ की बेंच इस केस पर सुनवाई करेगी। ऐसा पहली बार हुआ जब किसी अदालत ने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जज के खिलाफ अवमानना के मामले पर सुनवाई शुरू की हो। वर्तमान जज के खिलाफ जांच रिपोर्ट मिलने के बाद चीफ जस्टिस ने संसद से सिफारिश की कि वह आरोपी जज को पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू करे।

क्या था मामला?
जस्टिस कर्णन ने 15 दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र लिखकर न्‍यायपालिका में भ्रष्‍टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था। 23 जनवरी को लिखे गए पत्र में जज ने भ्रष्‍टाचारी जजों की शुरुआती सूची भी बनाई जिसमें सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के 20 जजों के नाम शामिल थे।

इससे पहले भी आ चुके है विवादों में
जस्टिस कर्णन मद्रास हाई कोर्ट जज के अपने पिछले कार्यकाल में विवादों घिरे थे। पिछले साल जब उन्‍होंने शीर्ष अदालत के कोलेजियम द्वारा अपने ट्रांसफर को रोक दिया था, तो शीर्ष अदालत को दखल देनी पड़ी थी, जिसके बाद हाई कोर्ट चीफ जस्टिस के खिलाफ भी कार्रवाई की गई थी। जिसमें जज ने भारत के मुख्‍य न्‍यायाधीश से उन्‍हें स्‍थानांतरित करने पर सफाई भी मांगी थी। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उनके कोई न्‍यायिक आदेश जारी करने पर रोक लगा दी थी।

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