गंगा एक्ट मसौदे की समीक्षा, उमा भारती को राज्यों से राजनीति न करने की उम्मीद

उमा भारती ने कहा कि हम सभी आवश्यक शोध कार्य को पूरा कर रहे हैं..इसलिए मुझे लगता है कि इसके संरक्षण के लिए एक्ट जरूरी है और यह सबसे बड़ा समाधान होगा। एक्ट का एक मसौदा हमारे मंत्रालय के पास है। हम उसकी समीक्षा कर रहे हैं।

Published by zafar Published: May 28, 2017 | 6:23 am
Modified: May 28, 2017 | 11:49 am

कोलकाता: केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने शनिवार को कहा कि उनका मंत्रालय गंगा एक्ट मसौदे की समीक्षा कर रहा है और उम्मीद है कि तटवर्ती राज्य नदी पर राजनीति में संलिप्त नहीं होंगे।

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ऐक्ट जरूरी
दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर में एक सार्वजनिक बैठक में उमा भारती ने कहा, “अगर हम एक्ट के माध्यम से साबित कर सकते हैं कि गंगा भारत की अनोखी नदी है और अगर हम गंगा के अनोखी होने को वैज्ञानिक तौर पर साबित कर सकते हैं और हम सभी आवश्यक शोध कार्य को पूरा कर रहे हैं। इसलिए मुझे लगता है कि इसके संरक्षण के लिए एक्ट जरूरी है और यह सबसे बड़ा समाधान होगा। एक्ट का एक मसौदा हमारे मंत्रालय के पास है। हम उसकी समीक्षा कर रहे हैं।”

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मसौदा एक्ट गंगा से संबंधित गंभीर मुद्दों-स्वच्छता तथा अविरल प्रवाह का सुनिश्चित करता है और संबंधित प्रावधान प्रदान करता है। उन्होंने राज्य से गंगा संरक्षण को अपनी प्राथमिकता बनाने का अनुरोध किया। मंत्री ने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि सरकार गंगा पर राजनीति नहीं करती है और इसका संरक्षण उसकी प्राथमिकता में है।”

–आईएएनएस