Heat wave Alert: मार्च में ही सताने लगी भीषण गर्मी, देश के कई राज्यों में हीटवेव का दौर, पारा चढ़ने से लोग बेहाल

Heat wave Alert: मौसम विभाग की ओर से हीटवेव को लेकर चेतावनी जारी की गई है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भी भीषण गर्मी महसूस की जा रही है।

Anshuman Tiwari
Published on: 18 March 2025 12:49 PM IST
Heat wave Alert: मार्च में ही सताने लगी भीषण गर्मी, देश के कई राज्यों में हीटवेव का दौर, पारा चढ़ने से लोग बेहाल
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Heat wave Alert   (photo: Ashutosh tripathi, Newstrack )

Heat wave Alert: देश के कई राज्यों में मार्च के तीसरे हफ्ते में ही भीषण गर्मी लोगों को बेहाल करने लगी है। शुरुआत में ही भीषण गर्मी के कहर से लोग जेठ की दोपहर को लेकर चिंतित दिखने लगे हैं। पश्चिम बंगाल, झारखंड, कर्नाटक, ओडिशा और महाराष्ट्र में भीषण गर्मी ने अभी से ही कहर बरपाना शुरू कर दिया है।

इन इलाकों में तापमान सामान्य से ऊपर पहुंच गया है और कई इलाकों में पारा 40 डिग्री से ऊपर पहुंचने के कारण लोग परेशान दिखने लगे हैं। मौसम विभाग की ओर से हीटवेव को लेकर चेतावनी जारी की गई है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भी भीषण गर्मी महसूस की जा रही है।

मार्च में ही पड़ने लगी तन झुलसाने वाली गर्मी

देश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में मार्च महीने के दौरान ही तन झुलसाने वाली गर्मी पड़ने लगी है। मौसम विभाग की ओर से हीटवेव की चेतावनी जारी कर दी गई है। यदि पिछले साल से तुलना की जाए तो पिछले साल हीटवेव की शुरुआत अप्रैल महीने के दौरान हुई थी मगर इस बार मार्च शुरुआत से ही गर्मी ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है।

मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि इस बार हीटवेव की शुरुआत काफी जल्दी हो गई है। कभी-कभी ऐसा होता है कि मार्च महीने के दौरान ही इस तरह की स्थिति बन जाती है। वैसे आम तौर पर इतनी गर्मी अप्रैल महीने के दौरान ही पड़ती है। विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, कच्छ, तेलंगाना, सौराष्ट्र और रायलसीमा में हीट वेव की शुरुआत हो गई है। शनिवार को ओडिशा के बौध में सबसे ज्यादा तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।


कई राज्यों में दिखने लगा हीटवेव का असर

मौसम विभाग के अधिकारी का कहना है कि मध्य भारत के ऊपर उच्च दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसकी वजह से गर्म हवा बहने लगी है। इसके साथ ही आसमान साफ होने के कारण सूर्य का रेडिएशन भी ज्यादा है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में इस कारण ही हीटवेव का असर दिखने लगा है। वैसे इस साल जनवरी और फरवरी महीने के दौरान भी बढ़ते तापमान ने रिकॉर्ड तोड़ दिया था।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 1901 के बाद फरवरी महीने के दौरान सबसे अधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया था। अब मार्च महीने के दौरान विदर्भ और मध्य महाराष्ट्र में अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री के बीच पहुंच गया है। तेलंगाना,कच्छ और सौराष्ट्र में भी तापमान 38 से 40 डिग्री के बीच बना हुआ है। इस कारण लोग गर्मी से बेहाल दिखने लगे हैं।


भीषण गर्मी और उमस से लोग बेहाल

पश्चिम बंगाल में भी भीषण गर्मी का प्रकोप दिख रहा है जबकि झारखंड के सात जिलों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर पहुंच गया है। उत्तरी कर्नाटक में भी भीषण गर्मी पड़ रही है और कलबुर्गी के एक इलाके में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के ऊपर दर्ज किया गया। उत्तर भारत में तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस ऊपर बना हुआ है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री अधिक दर्ज किया गया। पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और मध्य महाराष्ट्र में लोग गर्मी और उमस से बेहाल होने लगे हैं।

वैसे पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की वजह से तापमान सामान्य से कम बना हुआ है। भीषण गर्मी वाले इलाकों में लोग इस बात को लेकर चिंतित दिख रहे हैं कि अभी आने वाले अप्रैल, मई और जून महीने में गर्मी कितना कहर बरपाएगी।



Anshuman Tiwari
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Anshuman Tiwari

न्यूजट्रैक ग्रुप की कोर टीम के सदस्य हूँ। मीडिया में 35 वर्षों से अधिक का करियर है। प्रमुख हिंदी अखबारों में वरिष्ठ पदों पर काम किया है। देश के प्रतिष्ठित संस्थान Indian Institute of Mass Communication से शिक्षा लेने के बाद दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी में हिंदुस्तान, अमर उजाला, राष्ट्रीय सहारा और दैनिक जागरण जैसे विभिन्न प्रमुख समाचार पत्रों में काम किया।

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