यहाँ इस मंदिर में जिंदा मगरमच्छ की हो रही पूजा, वजह जान हो जाएंगे परेशान

 गुजरात के एक मंदिर से चौंका देने वाली खबर आई है। यह मामला रविवार का है। यहां ग्रामीणों ने वन अधिकारियों ने एक मगरमच्छ को पकड़ने से रोक दिया।

गुजरात: गुजरात के एक मंदिर से चौंका देने वाली खबर आई है। यह मामला रविवार का है। यहां ग्रामीणों ने वन अधिकारियों ने एक मगरमच्छ को पकड़ने से रोक दिया।

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गुजरात के महीसागर में एक स्‍थानीय खोडियार माता मंदिर है। गुजरात और राजस्‍थान में खोडियार माता मंदिर काफी प्रसिद्ध है। कई स्‍थानों पर यह मंदिर है।

इसी तरह गुजरात के महीसागर में भी यहां स्‍थानीय खोडियार माता मंदिर है। इस मंदिर में एक मुर्ति मगरमच्छ की सवारी करती हुई देवी की थी।

लेकिन अचानक इस मंदिर में कोलाहल का महौल बन गया जब रविवार को यहां एक जिंदा मगरमच्छ आ गया। लेकिन सबसे बड़ी चौंकाने वाली खबर मंदिर में मगरमच्छ को पकड़ने वाले वन्य अधिकारियों ने दी।

अधिकारियों ने बताया कि गांव के लोगों के चलते मगरमच्छ को पकड़ने वाले ऑपरेशन में दे हुई। असल में लोग मंदिर में मगरमच्छ के दर्शन के लिए पहुंच रहे थे और उसकी पूजा शुरू कर चुके थे।

लोगों की मान्यता थी कि चूंकि माता मगरमच्छ की सवारी करती हैं, इसलिए मगरमच्छ का यहां आना कोई आम बात नहीं है। यह कोई दैवीय शक्ति के चलते हुआ है। लोगों ने इस मगरमच्छ की पूजा शुरू कर दी थी।

ऐसे में मगरमच्छ को वहां से निकालने में वन विभाग को खासी मशक्कत करनी पड़ी। क्योंकि लोगों ने इसे धर्म का ममला बना लिया था और वे वन विभाग की टीम को बिल्कुल भी सहयोग नहीं दे रहे थे। बल्कि कुछ लोगों मगरमच्छ के पकड़ने का विरोध भी किया था।

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इसके अलावा गुजरात के ही गुजरात के वड़ोदरा से लगभग 80 किलोमीटर दूर गढ़िया गांव में एक और मगरमच्छ को तालाब से पकड़ा गया। वन्य अधिकारियों के अनुसार यह मगरमच्छ 400 किलो का था और इसकी लंबाई 13 फीट थी।