यहां के बाजार में उंची कीमत पर बिक रहे 500-1000 के नोट, पढ़ें क्यों हो रहा ऐसा?

Published by sujeetkumar Published: December 27, 2016 | 1:41 pm
Modified: December 27, 2016 | 2:25 pm

कोलकाता: देश में नोटबंदी का दौर बस कुछ दिनों में ही खत्म होने के कगार पर है। जिसके चलते देश की जनता अब बैंक में बचे-खुचे पुराने नोटों को जमा करने में लगी है। लेकिन वहीं एक जगह ऐसी भी है, जहां पुराने 500- 1000 के नोटों को ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। ये जगह है कोलकाता का व्यापारिक केंद्र बुर्राबाजार। इस बाजार में 500-1000 रुपए के पुराने नोट पर 550 रुपए और 1100 रुपए दिए जा रहे हैं।

जानें क्या है कारण?
-एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक सोमवार को नई करेंसी नोटों के साथ एक शख्स दुकान पर बैठा था।
-जो एक माह पहले 1000 रुपए के पुराने नोट के बदले केवल 800 से 850 रुपए के बीच दे रहा था।
-इसके पीछे बड़ा कारण शेल कंपनियों को माना जा रहा है।
-जिन्हें अपनी बैलेंसशीट में ‘कैश इन हैंड’ दिखाना होता है, जिनमें बड़ी मात्रा में पेपर ट्रांजेक्शन दर्ज होता है।
-31 दिसंबर को खत्म हो रही तीसरी तिमाही से पहले कंपनियों द्वारा किए पेपर ट्रांजेक्शन को सही साबित करने की कोशिश मान रही है।
-बैलेंस शीट में ‘कैश इन हैंड’ के जरिए कंपनियों द्वारा नोट या सिक्कों के रूप में ली गई रकम को दिखाना है।

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क्या होता है ‘कैश इन हैंड’
-ये वो नकदी होती है, जो छोटे खर्चों के काम में लाई जाती है।
-लेकिन इसे बैंक में जमा नहीं किया जाता है।
-8 नवंबर को नोटबंदी के फैसले के बाद शहर में व्यापार समुदाय ने हर तरीके को आजमाया है।
-तीसरी तिमाही में उनके पास ‘कैश इन हैंड’ दिखाने के लिए काफी कम कैश बचा हैं।
-इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का सामना अनेकों ऐसी कंपनियों के साथ हुआ जिन्होंने बैलेंस शीट में ‘कैश इन हैंड’ में बड़ी रकम दिखायी लेकिन बैलेंस शीट पर कैश काफी कम था।

आरबीआई के अनुसार
-यदि ये कंपनियां लंबे समय से ‘कैश इन हैंड’ दिखाती आ रही है।
-तो इनके पास 500 और 1000 रुपए के पुराने नोटों की बड़ी रकम होनी चाहिए।
-लेकिन आरबीआई गाइडलाइंस के अनुसार, ये पुराने नोट इस साल 30 दिसंबर तक बैंकों में जमा होने है।

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