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मोदी सरकार ने 26 साल पुराना नियम बदल कर दी बीजेपी के वोटों की जुगाड़

देश में आम चुनाव होने वाले हैं ऐसे में जहां विपक्ष केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को घेरने में लगी है, वहीं सरकार अपने पक्ष में वोटरों को लामबंद करने के लिए तोहफों की बारिश कर रही है। जहां पहले बजट में नौकरीपेशा, किसानों और मजदूरों को राहत देने की कोशिश हुई, वहीं अब सरकार ने ग्रुप ए और बी में आने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए 26 साल पुराने नियम को बदल दिया है।

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RishiBy Rishi

Published on 10 Feb 2019 5:29 AM GMT

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नई दिल्ली : देश में आम चुनाव होने वाले हैं ऐसे में जहां विपक्ष केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को घेरने में लगी है, वहीं सरकार अपने पक्ष में वोटरों को लामबंद करने के लिए तोहफों की बारिश कर रही है। जहां पहले बजट में नौकरीपेशा, किसानों और मजदूरों को राहत देने की कोशिश हुई, वहीं अब सरकार ने ग्रुप ए और बी में आने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए 26 साल पुराने नियम को बदल दिया है।

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जानिए क्या था नियम क्या हुए बदलाव

अभीतक ग्रुप ए और बी में आने वाले सरकारी कर्मचारी शेयर बाजार, डिबेंचर या म्युचल फंड में सिर्फ 50 हजार तक का ही निवेश कर सकते थे। यदि इससे ज्यादा का निवेश वो करते तो उन्हें केंद्र सरकार को इस बारे में जानकारी देनी होती है। लेकिन नए नियम के मुताबिक अब कर्मचारी 6 महीने की बेसिक पे शेयर बाजार या म्युचल फंड में निवेश कर सकते हैं।

वहीं ग्रुप सी और डी के कर्मचारियों के लिए यह सीमा 25 हजार है। लेकिन कर्मचारियों को निवेश किए गए पैसे की जानकारी सरकार को देनी होगी।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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