चीन के सैन्य शक्ति प्रदर्शन के बाद भारत में शुरू युद्ध की तैयारियां

चीन की सैन्य शक्ति के प्रदर्शन के बाद अब भारत ने भी युध्द अभ्यास की पहल शुरू कर दी है। भारत ने युध्द अभ्यास के लिए नए इंटिग्रेटड बैटल ग्रुप्स (आईबीजी) का परीक्षण करने के लिए अरुणाचल प्रदेश में इसकी तैयारियां कर ली हैं।

Published by Vidushi Mishra Published: October 2, 2019 | 11:17 am
Modified: October 2, 2019 | 11:20 am

नई दिल्ली : चीन की सैन्य शक्ति के प्रदर्शन के बाद अब भारत ने भी युध्द अभ्यास की पहल शुरू कर दी है। भारत ने युध्द अभ्यास के लिए नए इंटिग्रेटड बैटल ग्रुप्स (आईबीजी) का परीक्षण करने के लिए अरुणाचल प्रदेश में इसकी तैयारियां कर ली हैं। इससे पहले चीन ने 70वें वार्षिक परेड में विस्फोटक, खतरनाक ड्रोन, फाइटर और दुनिया की सबसे लंबी दूरी के इंटर कॉन्टिनेंटल बलिस्टिक मिसाइल से अपनी सैन्य शक्ति का परेड के दौरान प्रदर्शन किया।

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‘हिम विजय’ अभियान

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक चीन से लगे बॉर्डर पर करीब एक महीने से ‘हिम विजय’ अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में नए 17वें ब्रह्मास्त्र कॉर्प्स को अटैक करने वाले एक सर्वश्रेष्ठ फोर्स में परिवर्तित किया जाएगा।

नए 17वें ब्रह्मास्त्र कॉर्प्स के 3 आईबीजी में 5000 जवान, कई टैंक, लाइट आर्टिलरी, एयर डिफेंस यूनिट, सिग्नल और अन्य उपकरण शामिल हैं। यह आईएएफ सी-17 ग्लोबमास्टर-3, सी-130 जे सुपर हर्कुलस और एएन-32 एयरक्राफ्ट के साथ अभ्यास करेगा। इसमें जवानों को एयर लिफ्ट करने के लिए हेलिकॉप्टर्स और अन्य उपकरणों को भी शामिल किया गया है।

इस ‘हिम विजय’ अभियान का अभ्यास उस समय बहुत तेजी से चल रहा था जब चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग महीने के अंतिम में पीएम मोदी के साथ चेन्नई में बैठक के लिए भारत का दौरा कर रहे थे।

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गौरतलब है कि इससे पहले पाकिस्तान को देखते हुए बनाए गए आईबीजी ने इसी तरह अप्रैल-मई में पश्चिमी कमांड स्थित चंडीमंदिर में सैन्य अभ्यास किया था।

फ़ाइल फोटो

सूत्रों से मिली जानकारी बताया, ‘हर आईबीजी में 3 चीजों पर आधारित होंगी। पहली चीज ये है कि इलाके में खतरे की प्रकृति, दूसरी चीज ये है कि इलाका किस प्रकार का है और तीसरा ये है कि अभ्यास में दिया जाने वाला टास्क।’

सही मायने में पाकिस्तान के लिए तैयार आईबीजी में ज्यादातर टैंक और भारी आर्टिलरी पर ध्यान दिया जाएगा। जबकि चीन में ज्यादा इन्फेंट्री और लाइट आर्टिलरी शामिल होगी। इसके साथ ही आईबीजी इस बात पर ध्यान दे रहे है कि सैन्य अभ्यास मेें ऐसा फोर्स तैयार हो जो बहुत तेजी से काम को पूरा कर अपने लक्ष्य तक पहुंच सके।

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