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बुलंदशहर हिंसा: PM रिपोर्ट से खुलासा,गोली लगने से हुई थी इंस्पेक्टर सुबोध की मौत

बुलंदशहर हिंसा में शहीद हुए स्याना के थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट(पीएम) आ चुकी है। पीएम रिपोर्ट में बताया गया है कि उनकी मौत गोली लगने की वजह से ही हुई थी। 

Aditya Mishra

Aditya MishraBy Aditya Mishra

Published on 5 Dec 2018 2:32 PM GMT

बुलंदशहर हिंसा: PM रिपोर्ट से खुलासा,गोली लगने से हुई थी इंस्पेक्टर सुबोध की मौत
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लखनऊ: बुलंदशहर हिंसा में शहीद हुए स्याना के थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट(पीएम) आ चुकी है। पीएम रिपोर्ट में बताया गया है कि उनकी मौत गोली लगने की वजह से ही हुई थी।

बुधवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक इंस्पेक्टर सुबोध की लेफ्ट आई ब्रो के पास से गोली लगी थी। जो अंदर घुस गई थी। डॉक्टरों ने रिपोर्ट में लिखा है कि गोली उनके सिर के पीछे के हिस्से में जाकर फंस गई थी।

पीएम रिपोर्ट के अनुसार इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह को प्वाइंट ब्लैंक रेंज से नहीं बल्कि 6 से 8 फीट की दूरी से गोली मारी गई थी। साथ ही उनके ऊपर ब्लंट ऑब्जेक्ट यानी किसी नुकीले हथियार से 4 से 6 बार हमला किया गया था।

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ये है उस दिन का पूरा घटनाक्रम

सोमवार यानी 3 दिसंबर 2018 को बुलंदशहर के गांव महाव में गोकशी की सूचना मिलने पर स्याना थाने के प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह अपने साथ करीब 9 लोगों की टीम लेकर सरकारी टाटा सूमो यूपी13 एजी 0452 से मौके पर पहुंचे।

वहां गोकशी के शक में भीड़ जमा थी। भीड़ का नेतृत्व बजरंग दल का जिला संयोजक योगेश राज कर रहा था। भीड़ ने जाम लगा रखा था।इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह ने उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन भीड़ नहीं मानी और पुलिस पर हमला कर दिया।

पुलिस के वाहनों में आग लगा दी। इंस्पेक्टर सुबोध की पिस्टल और मोबाइल लूट लिए गए और उन्हें गोली मार दी गई। जिससे उनकी मौत हो गई। इल्जाम योगेश राज पर है और वो फरार है। हालांकि उसने एक वीडियो मैसेज जारी कर सफाई पेश की है।

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गौरतलब है कि घटनास्थल पर उस वक्त जो फोर्स मौजूद थी, वो इस नाजुक हालात से निपटने के लिहाज से बेहद कम थी। इसी का फायदा दक्षिणपंथी भीड़ ने उठाया। मौके पर अचानक अफवाह फैलाई गई।लोगों को उकसाया गया। दंगा भड़काया गया।

भीड़ पुलिसवालों को मारने पर उतारू थी। ये सब होते-होते भीड़ ने जब पुलिस चौकी पर हमला बोला तब तक तीन गांवों के करीब 400 लोग जमा हो चुके थे। तलवार, लाठी, डंडे और देसी कट्टे से लैस भीड़ ने पहले पुलिस पर हमला किया, फिर चौकी पर, फिर गाड़ियों को आग के हवाले किया और आखिर में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की गोली मार कर हत्या कर दी। हालांकि जिस जगह भीड़ ने ये तमाम हंगामा किया।

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Aditya Mishra

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