EMISAT और 28 विदेशी सैटलाइट लॉन्च कर रच दिया अंतरिक्ष में इतिहास

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान ने पीएसएलवी C-45 रॉकेट को अंतरिक्ष में भेजा है। इसरो ने सोमवार सुबह ठीक 9:27 बजे इसे भेजा। यह इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस सैटलाइट और 28 विदेशी सैटलाइट्स को कक्षा में स्थापित करेगा। इनमें 24 अमेरिकी सैटलाइट्स भी शामिल हैं।

नई दिल्ली : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान ने पीएसएलवी C-45 रॉकेट को अंतरिक्ष में भेजा है। इसरो ने सोमवार सुबह ठीक 9:27 बजे इसे भेजा। यह इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस सैटलाइट और 28 विदेशी सैटलाइट्स को कक्षा में स्थापित करेगा। इनमें 24 अमेरिकी सैटलाइट्स भी शामिल हैं।

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पीएसएलवी C45 ने इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस सैटलाइट (EMISAT) को सन सिंक्रोनस पोलर ऑर्बिट में सफलतापूर्वक प्रक्षेपित कर दिया है। अब पीएसएलवी C45 अन्य 28 सैटलाइट्स को प्रक्षेपित करने के लिए आगे बढ़ चुका है।

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मिशन की खास बात   

तीन अलग-अलग कक्षाओं में सैटलाइट्स स्थापित करेगा।

इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस सैटलाइट डीआरडीओ को डिफेंस रिसर्च में मदद करेगा।

28 सैटलाइट्स स्थापित करेगा।

अमेरिका के 24, लिथुआनिया का 1, स्पेन का 1 और स्विट्जरलैंड का 1 सैटलाइट।

मिशन में 3 घंटे का समय लगेगा।

इसरो का 47वां पीएसएलवी प्रोग्राम है।

इसके जरिए इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस सैटलाइट को लॉन्च किया गया।

रॉकेट 749 किमी की कक्षा में इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस सैटलाइट को स्थापित करेगा।

504 किमी ऑर्बिट पर 28 अन्य सैटलाइट्स को लॉन्च करेगा।

इस मिशन में इसरो और डीआरडीओ ने साथ में काम किया है।

इसरो के इस मिशन को देखने के लिए गैलरी में 5,000 आम लोग बैठे हैं।

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