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कश्मीर में सबसे बड़ा आतंकी हमला, 42 जवान शहीद

जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों ने एक बार फिर सुरक्षाबलों पर हमला किया है। पुलवामा में अवंतीपोरा के गोरीपोरा इलाके में सुरक्षाबलों के काफिले पर जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन ने हमला किया। हमले के दौरान आईईडी धमाका हुआ।

Dharmendra kumar

Dharmendra kumarBy Dharmendra kumar

Published on 14 Feb 2019 10:59 AM GMT

कश्मीर में सबसे बड़ा आतंकी हमला, 42 जवान शहीद
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श्रीनगर: जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुलवामा के अवंतीपोर के पास गोरीपोरा में जैश-ए-मोहम्मद के फिदायीन हमले में सीआरपीएफ के 42 जवान शहीद हो गए और 28 जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले में एक स्थानीय आत्मघाती हमलावर आदिल अहमद उर्फ वकास ने कार बम से सीआरपीएफ के काफिले में शामिल बस को उड़ा दिया। विस्फोट में तीन अन्य वाहनों को भी क्षति पहुंची है। आतंकी हमले का निशाना बनी बस सीआरपीएफ की 54वीं वाहिनी की है। इसे कश्मीर का सबसे बड़ा आतंकी हमला बताया जा रहा है।

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पुलवामा हमले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके लिखा कि वीर जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। पूरा देश शहीद जवानों के परिजनों के साथ खड़ा है। पीएम मोदी ने बताया कि पुलवामा में हमले के मद्देनजर स्थिति को लेकर मैंने गृह मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य शीर्ष अधिकारियों से बात की है।

आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। हमले के बाद सुरक्षाबलों ने विस्फोटस्थल के आसपास के इलाके को घेरते हुए तलाशी अभियान छेड़ दिया। धमाके के बाद अवंतीपोरा से लेकर बीजबेहाडा तक हाईवे पर आम वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। यह हमला जैश-ए-मोहम्मद द्वारा बनाए गए अफजल गुरु स्कवाड ने किया है। हमले से कुछ समय पहले का आदिल का वीडियो अफजल गुरु स्कवाड के मीडिया ने जारी किया है।

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आतंकी ने कार से बस को मारी टक्कर

आतंकी हमले का निशाना बना सीआरपीएफ वाहन जम्मू से श्रीनगर की तरफ आ रहे सीआरपीएफ के जवानों के काफिले का हिस्सा था। काफिले में करीब 70 वाहन थे। अपराह्न करीब सवा तीन बजे जब यह काफिला दक्षिण कश्मीर में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गोरीपोरा अवंतीपोर के पास पहुंचा तो अचानक एक कार तेजी से काफिले में घुस गई। इसके बाद कार चालक ने सीआरपीएफ जवानों की एक बस को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही जोरदार धमाका हुआ और सीआरपीएफ के वाहन की धज्जियां उड़ गईं। धमाके के बाद कार सडक़ पर धू-धू कर सडक़ पर जलने लगी और बस के एक हिस्से में भी आग की लपटें निकलने लगीं।

धमाके से दहल गया इलाका

धमाका इतना जोरदार था कि पूरा इलाका दहल गया और आसमान में काले धुुएं के गुबार दिखा और रोने-चीखने की आवाजें आने लगीं। यह आतंकी हमला इतना जबर्दस्त था कि कई जवानों के शरीर के चीथड़े उड़ गए। धमाका होते ही काफिले में शामिल अन्य वाहन तुरंत रुक गए और उनमें सवार जवानों ने सडक़ पर उतरकर पोजीशन ले ली। सूत्रों के मुताबिक विस्फोट स्थल पर ही आतंकी एक जगह पोजीशन लिए हुए थे और उन्होंने जवानों पर फायरिंग भी की। आतंकी फायरिंग के बाद जवानों ने भी जवाबी फायरिंग कर आतंकियों को जवाब दिया। जवानों के फायरिंग शुरू करने के बाद आतंकी मौके से भाग निकले।

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विस्फोट में आदिल भी मारा गया

आतंकियों के वहां से भाग निकलने के बाद जवानों ने पूरे इलाके को घेर लिया। जवानों ने विस्फोट से तबाह हुई बस में पड़े जख्मी और मृत जवानों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाना शुरू कर दिया। विस्फोट स्थल पर काफी हृदयविदारक नजारा था। शहीद हुए जवानों के शव इधर-उधर बिखरे पड़े हुए थे। धमाके में इस्तेमाल कार में सवार आत्मघाती आतंकी आदिल अहमद के भी मारे जाने का दावा किया जा रहा है। इससे पहले आतंकियों ने उरी में जबर्दस्त हमला किया था। उरी में 18 सितंबर 2016 को हुए आतंकी हमले में 19 जवान शहीद हो गए थे। पुलवामा में हमले के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सतपाल मलिक, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल व सीआरपीएफ के डीजी से बात की। उन्होंने घायल जवानों को हर संभव मदद पहुंचाने को कहा।

जाकिर मूसा से प्रभावित था आदिल

कश्मीर में अब तक के सबसे बड़े आत्मघाती हमले को अंजाम देने वाला आत्मघाती आतंकी आदिल अहमद उर्फ कमांडो उर्फ वकास दक्षिण कश्मीर के गुंडीबाग, काकपोरा, पुलवामा का रहने वाला था। वह बीते साल अप्रैल माह के दौरान ही आतंकी संगठन में सक्रिय हुआ था। 21 वर्षीय आदिल 10वीं पास था और सुरक्षाबलों ने उसे सी-श्रेणी के आतंकियों में सूचीबद्ध कर रखा था। उसके ऊपर तीन लाख का इनाम था। आतंकी आदिल अहमद कश्मीर में अल-कायदा का पर्याय बने जाकिर मूसा से बहुत प्रभावित था। आतंकी संगठन में सक्रिय होने के कुछ समय बाद तक वह जाकिर मूसा के साथ ही रहा था, लेकिन बाद में वह जैश-ए-मोहम्मद में चला गया था। आत्मघाती हमले को अंजाम देने से पहले रिकार्ड किया गया उसका करीब सवा दस मिनट का एक वीडियो भी जारी हुआ है। इसमें वह गजवा उल हिंद का समर्थन कर रहा है।

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सभी ने शहादत को किया सलाम

हमारे जवानों के खून के हर कतरे का बदला लिया जाएगा। एक सैनिक और भारत का नागरिक होने के नाते इन कायरतापूर्ण हमलों को लेकर मेरा खून खौल रहा है। सीआरपीएफ के बहादुर जवानों ने पुलवामा में अपनी जान कुर्बान कर दी। मैं वादा करता हूं कि हमारे जवानों के खून के हर कतरे का बदला लिया जाएगा। जय हिंद।

- जनरल वीके सिंह, पूर्व सेना प्रमुख और केंद्रीय मंत्री

पुलवामा में सीआरपीएफ पर हमला आतंकियों का कायराना और निंदनीय कृत्य है। देश शहीदों को सलाम करता है और हम शहीदों के परिवारों के साथ खड़े हैं। हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं। आतंकियों को उनके इस घृणित कृत्य के लिए कभी न भूलने वाला सबक सिखाया जाएगा।

- अरुण जेटली

मैं सीआरपीएफ काफिले पर कायराना हमले की निन्दा करता हूं। शहीदों के परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करता हूं।

- राहुल गांधी

पुलवामा में आतंकी हमले से पूरे देश को दुख पहुंचा है। दुख की इस घड़ी में पूरा देश शहीद जवानों के परिजनों के साथ खड़ा है। हम शहीद जवानों की शहादत को सलाम करते हैं।

-प्रियंका गांधी

पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुआ आतंकी हमला अत्यंत कायराना एवं निन्दनीय है। हम हादसे में शहीद हुए जवानों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हैं। इस दु:ख की घड़ी में भारत को एकता दिखाने की आवश्यकता है।

- योगी आदित्यनाथ,मुख्यमंत्री

पुलवामा जिले में आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को आत्मिक नमन। जम्मू-कश्मीर में जिस प्रकार हालात बेकाबू हो रहे हैं, उससे पूरे देश में आक्रोश पैदा हो रहा है। भाजपा सरकार को चुनावी राजनीति छोडक़र देशहित में सक्रिय होना चाहिए।

- अखिलेश यादव, पूर्व मुख्यमंत्री

आतंकी वारदात में बड़ी संख्या में जवानों के हताहत होने की घटना अति दुखद अति निन्दनीय व गंभीर चिन्ता का विषय है। कश्मीर में अमन बहाल हो तथा वह स्वर्ग बना रहे, इसकी कामना व ईमानदार प्रयास दोनों ही जारी रखने की सख्त जरूरत है।

- मायावती,पूर्व मुख्यमंत्री

हम पुलवामा में कायराना आतंकी हमले की निंदा करते हैं। उरी, पठानकोट और अब पुलवामा। मोदी सरकार द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया जाना लगातार जारी है।

- रणदीप सुरजेवाला, कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता

कोई भी शब्द इस भीषण आतंकी हमले की निंदा करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

- महबूबा मुफ्ती, पूर्व मुख्यमंत्री

हमारे जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। इस घटना का जोरदार जवाब दिया जाएगा।

-सतपाल मलिक, जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल

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