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कश्मीरः अलगाववादियों ने किया घोटाला, पैसा न मिलने से पत्थरबाज खफा

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Published on 19 Aug 2016 9:44 PM GMT

कश्मीरः अलगाववादियों ने किया घोटाला, पैसा न मिलने से पत्थरबाज खफा
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नई दिल्लीः सरकारी दफ्तरों में तो आपने घोटाले होते सुने होंगे, लेकिन घोटाले की एक हैरतअंगेज खबर जम्मू-कश्मीर से आई है। यहां अलगाववादी नेताओं ने बड़ा घोटाला कर दिया है। इस घोटाले की जद में पत्थरबाज आए हैं और वे अब अलगाववादी नेताओं और उनके ठेकेदारों की लानत-मलामत कर रहे हैं।

क्या है मामला?

खुफिया विभाग ने इस घोटाले की जानकारी केंद्र सरकार को दी है। बताया जा रहा है कि कश्मीर घाटी में हिंसा भड़काने के लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने हवाला के जरिए अलगाववादी नेताओं को 70 करोड़ रुपए भेजे थे। इस रकम में से बड़ा हिस्सा ये लोग डकार गए। पत्थरबाजी करने वालों के लिए ये रकम आई थी। इसमें से हर रोज हर एक पत्थरबाज को 500 से 700 रुपए मिलने थे। अलगाववादी नेताओं के ठेकेदारों ने पथराव करने वालों को तय रकम से काफी कम रकम दी। बहुतों से उधार में भी पत्थरबाजी करा ली गई।

पत्थरबाज पथराव करते कश्मीर युवाओं की फाइल फोटो

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पत्थरबाजी बंद करने की धमकी

अब पत्थरबाज अलगाववादी नेताओं के ठेकेदारों से बकाया मांग रहे हैं। पैसा न मिलने पर पत्थरबाजी बंद करने की धमकी भी उन्होंने दी है। अलगाववादी नेता परेशान हैं कि जो रकम डकार गए, उसे आखिर दें तो कैसे। उधर, आईएसआई भी पूरी रकम का हिसाब मांग सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में कश्मीर घाटी में पत्थरबाजी की घटनाएं कम होने के आसार दिखने लगे हैं।

सरकार भी कस रही शिकंजा

अलगाववादी नेता अब तक हिंसा के दौरान घरों में नजरबंद किए जाते रहे हैं। उन पर शांति भंग की धाराएं लगती रही हैं, लेकिन उनके लिए एक नई मुश्किल भी सामने खड़ी होने जा रही है। सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार अब इस पर विचार कर रही है कि युवाओं को भटकाने और भड़काने वाले अलगाववादियों पर आतंकवाद निरोधक कानून के तहत कार्रवाई की जाए। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को कश्मीर के हालात सुधारने की जिम्मेदारी दी गई है। अगर आतंकवाद निरोधक कानून अलगाववादियों पर लगता है, तो घरों में नजरबंदी के बजाय ये सभी जेलों में बंद दिखेंगे। ऐसे में उनका बाहरी दुनिया से संपर्क कट जाएगा। माना जा रहा है कि डोभाल ने ये रणनीति इन नेताओं को घाटी से अलग-थलग करने के तहत बनाई है।

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