हर तरफ लाशें: बर्बाद हो गया काजीरंगा पार्क, मर रहे जंगली जानवर

काजीरंगा नेशनल पार्क और पोबितोरा वाइल्डलाइफ सेंक्चुरी की हालत बेहद खराब हो गई है। एक सींग वाला गैंडा, हिरण और हाथी भागकर ऊंचाई वाली जगहों पर चले गए हैं।

असम: काजीरंगा नेशनल पार्क तहस-नहस हो गया है। पार्क में जंगली जानवर मर रहे हैं पार्क का 90 फीसदी हिस्सा पानी में डूब गया है। अब तक 47 जानवरों की मौत हो चुकी है। दर्जनों जानवर लापता हो गए हैं। इसके अलावा जंगल से भागे बाघ पार्क के आसपास के गांवों में देखे गए हैं। ये सब इसलिए हो रहा है कि इस क्षेत्र में भयानक बाढ़ आ गयी है जिसके कारण लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

कई जीव तो ऊंचाई वाली जगहों पर छिपे हुए हैं

काजीरंगा नेशनल पार्क और पोबितोरा वाइल्डलाइफ सेंक्चुरी की हालत बेहद खराब हो गई है। एक सींग वाला गैंडा, हिरण और हाथी भागकर ऊंचाई वाली जगहों पर चले गए हैं। कई जीव तो ऊंचाई वाली जगहों पर बनाए गए शेल्टर में छिपे हुए हैं।

ज्यादातर जानवर कार्बी आंगलोंग हिल्स की तरफ भागे हैं। राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने पार्क के बगल से निकल रहे हाइवे-37 पर गाड़ियों की स्पीड को कम करने का निर्देश जारी किया है। इसका सख्ती से पालन कराया जा रहा है। क्योंकि इसी सड़क को पार करके जानवर ऊंचाई वाली जगह पर जा रहे हैं।

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पार्क का 90 प्रतिशत इलाका बाढ़ के पानी में डूब गया

काजीरंगा नेशनल पार्क अथॉरिटी के अनुसार पूरे नेशनल पार्क का 90 प्रतिशत इलाका बाढ़ के पानी में डूब गया है। पार्क के अंदर बनाए गए 223 शिकार-रोधी कैंप्स में से 166 कैंप्स पानी के अंदर चले गए हैं। इसके अलावा पार्क के कर्मचारियों ने सात शिकार-रोधी कैंप्स को छोड़ दिया है।

पार्क अथॉरिटी ने बताया कि करीब 47 जानवर मारे गए हैं। इनमें एक गैंडा, 41 हॉग डियर, तीन जंगली सुअर शामिल है। इन सबकी मौत पानी में डूबने की वजह से हुई है। सोमवार को ही काजीरंगा नेशनल पार्क के पास स्थित एक गांव में बाघ देखा गया है। वन कर्मचारियों ने बताया कि बाढ़ के पानी से बचने के लिए टाइगर रिहायशी इलाकों में छिपने के लिए गया होगा। या फिर वह ऊंची जगह की तलाश में है।

वाइल्डलाइफ सेंक्चुरी का 80 फीसदी हिस्सा भी पानी में डूब गया

काजीरंगा नेशनल पार्क के पास स्थित कंडोलीमारी गांव में एक बकरियों की शेड के अंदर यह कम उम्र का बाघ देखा गया था। वह उसके अंदर छिपकर बैठा हुआ था। वन विभाग के कर्मचारी बाघ को बचाने के लिए उस जगह गए थे। उसे सुरक्षित बचा लिया गया। ठीक इसी तरह, मोरीगांव जिले में स्थित पोबितोरा वाइल्डलाइफ सेंक्चुरी का 80 फीसदी हिस्सा भी पानी में डूब गया है। यह सेंक्चुरी तो पिछले दो महीनों में तीसरी बार बाढ़ में डूबी है। 24 शिकार रोधी कैंप्स में से 12 कैंप्स पानी के अंदर समा गए हैं।

अब तक एक गैंडे के मारे जाने की खबर

पोबितोरी सेंक्चुरी के रेंजर मुकुल तामुलि ने बताया कि 29 जून को आई बाढ़ के बाद से अब तक एक गैंडे के मारे जाने की खबर मिली है। 29 जून को दूसरी बार बाढ़ आई थी। हम अभी हुए नुकसान के आकलन का प्रयास कर रहे हैं।

आपको बता दें कि एक सींग वाले गैंडे की सबसे ज्यादा आबादी काजीरंगा नेशनल पार्क में है। यहां पर 2600 से ज्यादा एक सींग वाले गैंडे मौजूद हैं। 2018 की रिपोर्ट के अनुसार काजीरंगा पार्क में 2413 गैंडे और पोबितोरा में 102 एक सींग वाले गैंडे पाए गए थे। (फोटोः AFP)

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