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केरल बाढ़: 5 दिन में सांप काटने के 53 मामले, 100 स्नेक रेस्क्यूअर्स की लगाई गई ड्यूटी

Aditya Mishra

Aditya MishraBy Aditya Mishra

Published on 25 Aug 2018 8:54 AM GMT

केरल बाढ़: 5 दिन में सांप काटने के 53 मामले, 100 स्नेक रेस्क्यूअर्स की लगाई गई ड्यूटी
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तिरुवनंतपुर: केरल में अब बाढ़ का प्रकोप धीरे-धीरे कम हो रहा है। बाढ़ के कम होते पानी के साथ ही सभी लोग अपने घरों में वापस लौट रहे हैं, जहां पर उन्हें अब सांप का डर सता रहा है। पिछले पांच दिनों से राज्य के अलग-अलग हिस्सों से सांप काटने की कई घटनाएं सामने आ चुकी है। इस स्थिति से निपटने के लिए वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (WTI) ने केरल सहित देश भर से स्नेक रेस्क्यू वॉलंटिअर्स की टीम को बुलाया है। इस मुहिम में केरल का वन विभाग भी शामिल है।

5 दिन में सांप काटने के 53 मामले

अंगमाली के एक प्राइवेट हॉस्पिटल के डाक्टरों ने बताया कि बाढ़ का पानी कम होने के बाद नाग, करैत आदि जहरीले सांप बाढ़ के पानी के साथ जंगल से बहकर लोगों के घरों में आ गये है। उन्होंने वीरान घरों में घरों में अपना डेरा जमा लिया है। जैसे ही उस घर में कोई आदमी वापस वापस लौटता है। ये जहरीले सांप उसे अपना निशाना बना लेते है। 15 से 20 अगस्त के दौरान सांप काटने के 53 मामले सामने आ चुके है। राज्य सरकार के जनसंपर्क विभाग ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर अभियान चलाया है।

सांप पकड़ने वाले एक्सपर्ट को बुलाया गया

WTI के अधिकारी जोस लुईस ने बताया, 'केरल की रेस्क्यू टीम के साथ ही चेन्नै, मुंबई, दिल्ली से भी टीमें आकर ग्राउंड पर अपने काम में लग गई हैं। मदद के लिए बहुत सारी जगहों से बुलावा आ रहा है। सांप घर की दीवारों, फर्नीचर्स, पाइपों में से निकल रहे हैं। मॉनसून का यह सीजन वैसे भी सांपों के लिए प्रजनन का समय होता है और बाढ़ के पानी में बड़ी तादाद में छोटे सांपों को देखा जा रहा है।'

ब्रैंड न्यू कार के अंदर से मिला अजगर

मलप्पुरम में बसे एक स्नेक रेस्क्यूअर रहमान उप्पूडान ने बताया, 'बहुत अजीब जगहों से सांपों के मिलने की सूचना मिल रही है। सोमवार को एक गाड़ी की शोरुम खुलने पर उसमें से एक ब्रैंड न्यू कार के अंदर से अजगर निकला। उसी दिन एक रेस्त्रां के वर्कर्स को किनारे में कहीं कोबरा दिखा। लोग डर कर बाहर निकल गए और मुझे सूचना मिली तो मैं वहां पहुंचा।'

100 स्नेक रेस्क्यूअर्स ग्राउंड पर काम कर रहे हैं काम

जोस लुइस ने बताया, 'अभी फिलहाल ऐसे 100 स्नेक रेस्क्यूअर्स ग्राउंड पर काम कर रहे हैं, जो कि पूरी तरह से ट्रेन्ड हैं। सांपों को निकालने के बाद उन्हें वन विभाग को सौंप दिया जा रहा है या फिर किसी उपयुक्त जगह पर छोड़ दिया जा रहा है। इसके साथ ही हमने सांपों के मिलने पर लोगों से संयम बरतने तथा नहीं घबराने की अपील की है। हमने वेबसाइट तथा वॉट्सऐप ग्रुप नंबर जारी किए हैं, जिस पर लोग सांप की फोटो भेज सकते हैं, इससे हमारे लिए सुविधा हो जाएगी और हम यह बता सकेंगे कि सांप कितना खतरनाक है।'

स्नेक रेस्क्यूअर्स के लिए आधिकारिक तौर पर जारी की गई वेबसाइट-

Snakebiteinitiative.in/kerala

वॉट्सऐप नंबर-

8383947126

7000891715

9447133366

9319165075

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