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जयेंद्र सरस्वती की महासमाधि, विजयेंद्र सरस्वती होंगे नए शंकराचार्य

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amanBy aman

Published on 1 March 2018 3:24 AM GMT

जयेंद्र सरस्वती की महासमाधि, विजयेंद्र सरस्वती होंगे नए शंकराचार्य
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जयेंद्र सरस्वती की समाधि प्रक्रिया शुरू, विजयेंद्र सरस्वती होंगे नए शंकराचार्य
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कांचीपुरम: कांची कामकोटि पीठ के प्रमुख शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती को गुरुवार (01 मार्च) को समाधि दी गई। शंकराचार्य के अंतिम संस्कार में तमिलनाडु के सीएम ई. पलानीस्वामी सहित दक्षिण की कई बड़ी हस्तियां शामिल हो रही है। जयेंद्र सरस्वती के शिष्य विजयेंद्र सरस्वती कांची पीठ के नए शंकराचार्य होंगे।

पीएम नरेंद्र मोदी खुद अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाएंगे। उनकी ओर से केंद्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा शामिल होंगे। बता दें, कि शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती का बुधवार को निधन हो गया था। जयेंद्र सरस्वती को सांस लेने में आ रही दिक्कत के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया था। अस्पताल में ही उन्होंने अंतिम सांसें ली। बुधवार से अब तक करीब एक लाख से भी अधिक लोग उनके अंतिम दर्शन कर चुके हैं।

जयेंद्र सरस्वती का जन्म 18 जुलाई 1935 को हुआ था। वह कांची मठ के 69वें शंकराचार्य थे। वे 1954 में शंकराचार्य बने थे। कांची मठ कई स्कूल और आंखों के अस्पताल चलाता है। इस मठ की स्थापना खुद आदि शंकराचार्य ने की थी। जयेंद्र सरस्वती को 22 मार्च, 1954 को सरस्वती स्वामिगल का उत्तराधिकारी घोषित किया गया था। उनके निधन के बाद उनके शिष्य विजयेंद्र सरस्वती कांची पीठ के नए शंकराचार्य होंगे।



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अमन कुमार, सात सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं। New Delhi Ymca में जर्नलिज्म की पढ़ाई के दौरान ही ये 'कृषि जागरण' पत्रिका से जुड़े। इस दौरान इनके कई लेख राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और कृषि से जुड़े मुद्दों पर छप चुके हैं। बाद में ये आकाशवाणी दिल्ली से जुड़े। इस दौरान ये फीचर यूनिट का हिस्सा बने और कई रेडियो फीचर पर टीम वर्क किया। फिर इन्होंने नई पारी की शुरुआत 'इंडिया न्यूज़' ग्रुप से की। यहां इन्होंने दैनिक समाचार पत्र 'आज समाज' के लिए हरियाणा, दिल्ली और जनरल डेस्क पर काम किया। इस दौरान इनके कई व्यंग्यात्मक लेख संपादकीय पन्ने पर छपते रहे। करीब दो सालों से वेब पोर्टल से जुड़े हैं।

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