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Maharashtra News: शिवाजी पार्क में दशहरा रैली को लेकर उद्धव और शिंदे गुट आमने-सामने,असमंजस में बीएमसी

Maharashtra News: शिवाजी पार्क में दशहरा रैली को लेकर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और शिंदे गुट के बीच जंग लगातार तीखी होती जा रही है। दोनों गुट इसी मैदान पर दशहरा रैली पर अड़े हैं।

Anshuman Tiwari
Written By Anshuman Tiwari
Updated on: 18 Sep 2022 7:19 AM GMT
Eknath Shinde (Social Media)
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नई दिल्ली: शिवाजी पार्क में होने वाली दशहरा रैली को लेकर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और शिंदे गुट के बीच जंग लगातार तीखी होती जा रही है। दोनों गुट इसी मैदान पर दशहरा रैली करने के लिए अड़े हुए हैं। दोनों गुटों ने दशहरा के दिन इस मैदान पर रैली करने के लिए बीएमसी के पास आवेदन दे रखा है मगर बीएमसी अभी तक इन आवेदनों पर कोई फैसला नहीं ले सकी है। असमंजस में फंसी बीएमसी ने इस मुद्दे पर कानूनी जानकारों से सलाह मशवरा करना शुरू कर दिया है। बीएमसी को इस बात की बखूबी जानकारी है कि किसी भी गुट का आवेदन खारिज किए जाने के बाद हंगामा होना तय है। दोनों गुटों की ओर से असली शिवसेना होने का दावा किया जा रहा है और इस कारण असमंजस और बढ़ गया है।

इस बीच शिंदे गुटको वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स के एमएमआरडीए ग्राउंड की इजाजत दे दी गई है। उद्धव गुट की ओर से भी वैकल्पिक व्यवस्था के लिए इस ग्राउंड की इजाजत मांगी गई थी मगर शिंदे गुट को इजाजत दिए जाने के बाद घमासान होना तय है। वैकल्पिक व्यवस्था के लिए आवेदन इस कारण किया गया था कि ताकि शिवाजी पार्क न मिलने पर राज्य भर से आने वाले कार्यकर्ताओं को वापस न लौटना पड़े। शिवाजी पार्क को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं किया गया है।

दोनों गुटों के बीच असली शिवसेना की जंग

उधर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने दशहरा रैली के संबंध में पार्टी पदाधिकारियों की बड़ी बैठक की है। इस बैठक में उन्होंने असली शिवसेना का प्रमुख होने का दावा करते हुए कहां कि शिवसेना की दशहरा रैली शिवाजी पार्क में ही होगी और पार्टी पदाधिकारियों को इस आयोजन को भव्य बनाने के लिए अभी से ही जुट जाना चाहिए।

दूसरी ओर शिंदे गुट शिवसेना में बगावत के बाद खुद को असली शिवसेना बता रहा है। शिंदे गुट की ओर से भी दशहरा रैली की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस कारण दोनों गुटों के बीच तकरार और जुबानी जंग लगातार तीखी होती जा रही है।

पारंपरिक स्थान पर ही रैली का ऐलान

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शिवसेना भवन में हुई पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में कहा कि पार्टी को तोड़ने की कोशिश में पहले भी की गई थीं मगर ये कोशिशें विफल साबित हुई थीं। इस बार भी पार्टी को तोड़ने की साजिश कामयाब नहीं होगी। उन्होंने पार्टी के पदाधिकारियों से जमीनी स्तर पर सक्रिय होने और संगठन को मजबूत बनाने के लिए जुटने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से वार्षिक दशहरा रैली का आयोजन शिवाजी पार्क के पारंपरिक स्थान पर ही होगा। पार्टी पदाधिकारियों को इस रैली की तैयारियों के सिलसिले में कार्यकर्ताओं से संपर्क बनाना शुरु कर देना चाहिए। शिवसेना से बगावत करने वालों को ठग बताते हुए उन्होंने कहा कि कई पीढ़ियों के समर्पण से शिवसेना खड़ी हुई है और वे इन मुसीबतों का सामना करने में सक्षम हैं।

शिंदे गुट भी झुकने को तैयार नहीं

दूसरी ओर शिंदे गुट भी दशहरा रैली के मुद्दे पर झुकने को तैयार नहीं है। शिंदे गुट की ओर से खुद को असली शिवसेना बताते हुए शिवाजी पार्क में दशहरा रैली के आयोजन के लिए दावा ठोका गया है। शिंदे गुट की ओर से भी इस बाबत बीएमसी में आवेदन दिया गया है। शिंदे गुट के नेताओं का कहना है कि जब उद्धव ठाकरे के साथ सांसद, विधायक और कार्यकर्ता नहीं है तो वे असली शिवसेना का दावा कैसे कर रहे हैं।

शिंदे गुट की ओर से भी दशहरा रैली को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। दोनों गुटों की ओर से किए गए आवेदनों के बाद अब बीएमसी के सामने मुसीबत पैदा हो गई है। बीएमसी का मानना है कि किसी भी गुट का आवेदन खारिज होने के बाद हंगामा होना तय है। ऐसे में बीएमसी की ओर से इस मुद्दे पर कानून के जानकारों से सलाह ली जा रही है।

नारायण राणे का उद्धव पर हमला

इस बीच केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने भी शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे गुट की ओर से शिवाजी पार्क पर दशहरा रैली के लिए दावा किए जाने का कोई आधार नहीं है क्योंकि शिंदे गुट ही असली शिवसेना है। उन्होंने कहा कि शिंदे गुट को ही शिवाजी पार्क में रैली का मौका मिलेगा और आने वाले दिनों में पार्टी का चुनाव चिह्न धनुष-बाण भी शिंदे गुट का ही होगा।

किसी जमाने में शिवसेना के प्रमुख नेता रहे नारायण राणे ने कहा कि मेरे पार्टी छोड़ने के बाद अब उद्धव गुट इस स्थिति में पहुंच गया है कि उसे रैली के लिए मैदान तक नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जब शिवसेना के लोग ही उद्धव के साथ नहीं है तो उन्हें रैली का सपना छोड़ देना चाहिए।

Ramkrishna Vajpei

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