ममता का करीबी ऑफिसर कभी भी हो सकता है गिरफ्तार, जानिए क्या है पूरा मामला

कोलकाता के पूर्व पुलिस क​मिश्नर राजीव कुमार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गिरफ्तारी से रोक हटते ही सीबीआई ने राजीव कुमार को शारदा चिटफंड घोटाले के सिलसिले में पूछताछ के लिए शनिवार को पेश होने के लिए समन भेजा है।

Published by Dharmendra kumar Published: September 14, 2019 | 12:47 pm
Modified: September 14, 2019 | 1:07 pm

कोलकाता: कोलकाता के पूर्व पुलिस क​मिश्नर राजीव कुमार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गिरफ्तारी से रोक हटते ही सीबीआई ने राजीव कुमार को शारदा चिटफंड घोटाले के सिलसिले में पूछताछ के लिए शनिवार को पेश होने के लिए समन भेजा है।

बता दें कि कोलकाता हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी से संरक्षण देने संबंधी राजीव कुमार की याचिका को खारिज कर दिया है जिसके बाद राजीव कुमार की गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है। अब सीबीआई पूर्व पुलिस क​मिश्नर राजीव कुमार को कभी भी गिरफ्तार कर सकती है।

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हाईकोर्ट ने राजीव कुमार के इस तर्क को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि जानबूझ कर उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। राजीव कुमार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी करीबी माना जाता है।

क्या है मामला

राजीव कुमार पर सीबीआई ने आरोप लगाया है कि चिटफंड घोटाला मामले में राजीव कुमार ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ की। राजीव कुमार घोटाले की जांच कर रही एसआईटी के प्रमुख थे।

आरोप में कहा गया है कि राजीव कुमार ने कुछ आरोपियों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDRs) सीबीआई को हैंडओवर नहीं किए और बाद में जो रिकॉर्ड्स हैंडओवर किए उनसे छेड़छाड़ की थी।

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सीबीआई ने दावा किया है कि कोलकाता के पूर्व पुलिस क​मिश्नर की ओर से सौंपे गए सीडीआर को जब मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर द्वारा उपलब्ध कराए गए सीडीआर से मैच कराया गया तो वे मैच नहीं हुए।

आरोप है कि उन्होंने सीडीआर को बदलने का काम तृणमूल कांग्रेस के उन नेताओं को बचान के लिए किया जिनके तार चिट फंड घोटाले के प्रमोटर्स से जुड़े थे।

इसके अलावा बतौर एसआईटी हेड राजीव कुमार ने घोटाले के मुख्य आरोपी सुदीप्तो सेन (शारदा चिट फंड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर) को लैपटॉप समेत इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मुहैया कराए। उस समय आरोपी एसआईटी की हिरासत में था।

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सीबीआई के मुताबिक, शारदा चिंट फंड घोटाले में निवेशकों का (1983 करोड़ का) बड़ा नुकसान होने के बावजूद राजीव कुमार ने रोज वैली जैसा दूसरा पोंजी चिट फंड घोटाला होने दिया।

सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला

यह मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुचा। इसके बाद सीबीआई ने इन आरोपों को देश की सर्वोच्च अदालत में भी पेश किया था। सुप्रीम कोर्ट ने किसी ऐसी जगह पूछताछ का निर्देश दिया जहां पर कोई दबाव न डाला जा सके। इसके बाद राजीव कुमार से शिलांग में 5 बार पूछताछ हो चुकी है।

सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि​ राजीव कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की जरूरत है। सीबीआई की एक टीम जब राजीव कुमार के आवास पर समन लेकर गई थी तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी धरने पर बैठ गई थीं।

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