एनआरसी प्रक्रिया पर मीडिया की खबरें परेशान करने वाली: न्यायालय

पूर्व सैन्य अधिकारी को असम में न्यायाधिकरण द्वारा विदेशी घोषित किये जाने की खबर की पृष्ठभूमि में उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को एनआरसी के राज्य समन्वयक से यह सुनिश्चित करने को कहा कि मसौदा राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) में शामिल करने के लिए आने वाले दावों और आपत्तियों के निस्तारण के लिये निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाई जाए।

नयी दिल्ली: पूर्व सैन्य अधिकारी को असम में न्यायाधिकरण द्वारा विदेशी घोषित किये जाने की खबर की पृष्ठभूमि में उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को एनआरसी के राज्य समन्वयक से यह सुनिश्चित करने को कहा कि मसौदा राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) में शामिल करने के लिए आने वाले दावों और आपत्तियों के निस्तारण के लिये निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाई जाए।

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न्यायमूर्ति रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की एक अवकाशकालीन पीठ ने किसी खास मामले का संदर्भ दिये बिना कहा कि दावों और आपत्तियों से निपटने के लिये अपनाई गई प्रक्रियाओं को लेकर मीडिया में “परेशान” करने वाली खबरें आई हैं।

असम पुलिस के मुताबिक विदेशी न्यायाधिकरण द्वारा ‘विदेशी’ घोषित किये जाने के बाद राष्ट्रपति पदक जीत चुके पूर्व सैन्य अधिकारी मोहम्मद सनाउल्लाह को बुधवार को पकड़ लिया गया और हिरासत शिविर में भेज दिया गया।

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कामरुप जिले में कोलोहिकाश गांव के रहने वाले सनाउल्लाह के परिजनों ने कहा कि वे अधिकरण के फैसले के खिलाफ गुवाहाटी उच्च न्यायालय में अपील दायर करेंगे।

सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने राज्य एनआरसी समन्वयक प्रतीक हाजेला से कहा, “मीडिया में काफी परेशान करने वाली खबरें हैं। मीडिया हमेशा सही नहीं होता लेकिन कई बार मीडिया सही भी होता है।”

उच्चतम न्यायालय असम एनआरसी मामले में सुनवाई कर रहा था।