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मेघालय : मतदाताओं को लुभाने के लिए राजनीतिक दल खुल कर बांट रहे पैसा

raghvendra

raghvendraBy raghvendra

Published on 17 Feb 2018 8:46 AM GMT

मेघालय : मतदाताओं को लुभाने के लिए राजनीतिक दल खुल कर बांट रहे पैसा
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शिलांग। मेघालय के विधानसभा चुनाव में मतदाताओं को लुभाने के लिए राजनीतिक दल पैसा, शराब और अन्य सामान खुल कर बांट रहे हैं। इसके अलावा राज्य की 75 प्रतिशत ईसाई आबादी का साथ पाने के लिए पार्टियां कुछ भी कर गुजरने को बेकरार हैं। कांग्रेस ने भाजपा की ईसाई विरोधी छवि का फायदा उठाने के लिए दक्षिण भारत से कई ईसाई नेताओं को बुलाया है। जबकि भाजपा ने अपनी ओर से केन्द्रीय पर्यटन मंत्री के अल्फोंस को उतारा है। दोनो पार्टियों को जोर आजमाइश के बीच कांग्रेस ने भाजपा पर चर्चों को घूस देने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।

चुनाव में अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए मेघालय के अधिकारियों ने छह लोगों से 17 लाख रुपये से अधिक नकद जब्त किया है। गारो हिल्स क्षेत्र में 4.62 लाख रुपये और बाकी धन शिलांग में एक वाहन से जब्त किया गया। मुख्य चुनावी अधिकारी (सीईओ) एफआर खार्कोंगोर ने कहा है कि 50,000 रुपये से ज्यादा नकद लेकर चलना मेघालय में निषिद्ध है।

पश्चिम गिरो हिल्स के डिप्टी कमिश्नर राम सिंह ने बताया, टिक्रककिला निर्वाचन क्षेत्र के रोनिपारा गांव में पांच लोगों से नकद लेने वाले 4.62 लाख रुपये का जब्त किया गया। शिलांग में तैनात अधिकारियों ने निजी वाहन से नकद 13 लाख रुपये जब्त किये हैं। राज्य के निवासियों का मानना है कि चुनाव से पहले राजनीतिक दलों ने मतदाताओं के बीच पैसा और शराब जमकर बांटी है।

इसी तरह चर्चों को लुभाने के दावों प्रतिदावों के बीच चर्चों ने कहा है कि हमारा काम दीनों की सेवा करना है हमारा राजनीति या राजनीतिक दलों से कोई लेना देना नहीं है। दोनो प्रमुख पार्टियां इस मुद्दे पर आपस में भिड़ी हुई हैं कि मेघालय की संस्कृति परंपरा का ध्वजवाहक कौन।

60 सदस्यीय मेघालय विधानसभा में कांग्रेस की मेघालय संयुक्त गठबंधन सरकार पिछले आठ वर्षों से सत्ता में है, इससे पहले कि मेघालय में बहुत सी राजनीतिक अस्थिरता दिखाई दी लेकिन दो बार से मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने कांग्रेस की सरकार को अस्थिर नहीं होने दिया है।

वहीं बीजेपी केंद्र में अपने गठबंधन सहयोगी और मणिपुर राष्ट्रीय लोक पार्टी के साथ सत्ता में आने के लिए जी तोड़ कोशिश कर रही है। उधर कांग्रेस के विधायकों और पूर्व मंत्री के एनपीपी, बीजेपी और अन्य स्थानीय पार्टियों में शामिल होने की घटना ने कांग्रेस के लिए मुकाबला कठिन कर दिया है। शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) भी मैदान में है।

मेघालय में 27 फरवरी को विधानसभा चुनाव है लेकिन भाजपा के लिए राह आसान नहीं है। मेघालय के मुख्यमंत्री मुकुल संगमा लगातार चार बार से विधायक हैं। हालांकि वो इस बार दो सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। यानी कि उन्हें भी नकारे जाने खतरा लगने लगा है। मेघालय में ईसाई जनसंख्या की अधिकता के मद्देनजऱ कांग्रेस ने ईसाई नेताओं को चुनाव प्रचार के लिए चुना है। इनमें दो बार केरल के मुख्यमंत्री रह चुके कांग्रेस के ओमान चांडी, वरिष्ठ विधायक के.सी जोसफ, लोकसभा सदस्य एंटो एंटनी और विधायक डॉमिनीक प्रेजेंटेशन शामिल हैं।

भाजपा पूर्वोत्तर इलाके के इस महत्वपूर्ण राज्य में केसरिया झंडा फहराने की पूरी तैयारी में है। मेघालय, भाजपा के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले 15 साल से कांग्रेस का रथ निर्बाध दौड़ता रहा है। भाजपा जहां एक तरफ सोशल मीडिया के माध्यम से मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, वहीं जमीन पर एक एक मतदाताओं को कांग्रेस के कुशासन के बारे में बताया जा रहा है।

भाजपा प्रभारी नलिन कोहली कहते हैं कि उन्होंने राज्य में कांग्रेस सरकार के कुशासन को खत्म करने की शपथ ली है। डोर टू डोर अभियान के दौरान मतदाताओं से सवाल किये जा रहे हैं कि आखिर आप लोग खुद बताएं कि कांग्रेस ने 15 साल के शासन में राज्य का कितना विकास किया है। नलिन कोहली का दावा है कि सीएम मुकुल संगमा अमपति और सोंसैक दोनों विधानसभाओं में हार का सामना करेंगे।

जंग का बड़ा हथियार बना सोशल मीडिया

सोशल मीडिया पर प्रचार अभियान अब जोर पकड़ चुका है। भाजपा इसके जरिए मतदाताओं के बीच पैठ बनाने में जुटी है। यह काम भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की रणनीति के तहत किया जा रहा है। शाह ने पिछले माह कहा था कि हर एक जिले में पार्टी का दफ्तर होगा जिसमें अलग से सोशल मीडिया रूम भी होगा। पार्टी ने इस संबंध में अपने कार्यकर्ताओं को बाकायदा प्रशिक्षित भी किया है।

चुनाव में कुल 374 उम्मीदवारों में से महज 33 महिलाएं हैं। जब भाजपा राष्ट्री य महिला मोर्चा की अध्यवक्ष विजया रहाटकर ने पिछले साल राज्य का दौरा किया था तब उन्हों ने कहा था महाराष्ट्रा और हरियाणा की तरह पार्टी को अधिक महिला उम्मीादवारों को शामिल करने की कोशिश करनी होगी।

मेघालय की राजनीति में महिलाओं के बारे में पूछे जाने पर प्रदेश के भाजपा अध्यगक्ष शिबुन लिंगदोह ने कहा, ‘पार्टी के तौर पर हम महिलाओं के आरक्षण का समर्थन करते हैं। अपने कैंपेन के दौरान कांग्रेस ने भी ‘जेंडर’ मुद्दे को उठाया था। कांग्रेस ने महिलाओं को हतोत्साहित करने के लिए संघ-भाजपा पर हमला किया था। पार्टी अध्य क्ष राहुल गांधी ने कहा कांग्रेस को चुनाव में पुरुषों व महिलाओं की संख्याघ के बीच संतुलन बनाने की जरूरत है।

मेघालय विधानसभा में वर्तमान स्थिति

  • कांग्रेस 24
  • यूडीपी ०7
  • एचएसपीडीपी ०4
  • बीजेपी ०2
  • एनसीपी ०2
  • एनपीपी ०2
  • एनईएसडीपी ०1
  • निर्दलीय ०9
  • खाली ०9

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राघवेंद्र प्रसाद मिश्र जो पत्रकारिता में डिप्लोमा करने के बाद एक छोटे से संस्थान से अपने कॅरियर की शुरुआत की और बाद में रायपुर से प्रकाशित दैनिक हरिभूमि व भाष्कर जैसे अखबारों में काम करने का मौका मिला। राघवेंद्र को रिपोर्टिंग व एडिटिंग का 10 साल का अनुभव है। इस दौरान इनकी कई स्टोरी व लेख छोटे बड़े अखबार व पोर्टलों में छपी, जिसकी काफी चर्चा भी हुई।

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