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Waqf Bill: वक्फ संशोधन बिल पारित कराकर मोदी सरकार ने दिखाई ताकत, BJP ने एक तीर से साध लिए कई निशाने
Waqf Bill: भाजपा के सहयोगी दलों के वक्ताओं ने भी बिल के समर्थन में मजबूत तर्क देकर सरकार की राह आसान कर दी। वक्फ संशोधन बिल का पारित होना अनुच्छेद 370 की तरह मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
वक्फ संशोधन बिल पारित कराकर मोदी सरकार ने दिखाई ताकत (photo: social media )
Waqf Bill: वक्फ संशोधन बिल को बुधवार की देर रात लोकसभा में पारित कर दिया। इस बिल के समर्थन में 288 और विरोध में 232 वोट पड़े। एनडीए में शामिल सभी सहयोगी दलों के एकजुट हो जाने के कारण पहले ही इस बिल का पारित होना तय माना जा रहा था। मोदी सरकार ने अपने तीसरे कार्यकाल के सबसे अहम बिल को पारित कराकर अपनी ताकत दिखाई है। इसके साथ ही भाजपा ने एक तीर से कई निशाने साधने में भी कामयाबी हासिल की है।
लोकसभा में बुधवार को दिनभर चली बहस के दौरान भाजपा की ओर से आक्रामक रणनीति अपनाई गई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और संसदीय एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू सहित भाजपा के लगभग सभी वक्ताओं ने तीखे तेवर के साथ बिल का विरोध करने वालों की बखिया उधेड़ी। भाजपा के सहयोगी दलों के वक्ताओं ने भी बिल के समर्थन में मजबूत तर्क देकर सरकार की राह आसान कर दी। वक्फ संशोधन बिल का पारित होना अनुच्छेद 370 की तरह मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
सहयोगी दलों को साधने में कामयाब रही भाजपा
पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा सिर्फ 240 सीटों पर जीत हासिल कर सकी थी और पार्टी को सरकार बनाने के लिए सहयोगी दलों पर निर्भर होना पड़ा था। ऐसे में माना जा रहा था कि भाजपा के पास पूर्ण बहुमत न होने के कारण मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के दौरान पार्टी अपने एजेंडे पर आगे नहीं बढ़ पाएगी। शुरुआत में वक्फ संशोधन बिल के मुद्दे पर टीडीपी और जदयू को साधना मुश्किल माना जा रहा था मगर भाजपा के रणनीतिकारों ने इन दोनों दलों को समर्थन के लिए तैयार करके एक बार फिर अपनी सियासी बाजीगरी दिखा दी है।
लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान टीडीपी और जदयू समेत अन्य सहयोगी दलों के वक्ताओं ने विपक्ष पर जमकर हमले किए और वक्फ संशोधन विधेयक को जरूरी बताकर एनडीए की एकजुटता का परिचय दिया। बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं मगर बिहार में एनडीए के सहयोगी दल भी पूरी तरह भाजपा के साथ एकजुट नजर आए।
और मजबूत बनकर उभरी मोदी सरकार
शुरुआती ना-नुकुर के बाद जदयू और टीडीपी ने भी वक्फ संशोधन बिल को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। नीतीश कुमार, चंद्रबाबू नायडू, एचडी देवगौड़ा, चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और जयंत चौधरी ने वक्फ संशोधन बिल का समर्थन करके मोदी सरकार और भाजपा दोनों को बड़ी ताकत दी है। इस बिल के पारित होने से मोदी सरकार और मजबूत बनकर उभरी है और इसके बाद यह माना जाने लगा है कि आने वाले दिनों में सरकार और भी बड़े फैसले ले सकती है।
2019 की तरह इस बार भी पहले ही वर्ष बड़ी उपलब्धि
2019 का चुनाव जीतने के बाद मोदी सरकार ने पहले ही वर्ष में अनुच्छेद 370 को खत्म करने का बड़ा फैसला लिया था। इसी तरह 2024 का चुनाव जीतने के बाद एक बार फिर मोदी सरकार ने पहले ही वर्ष में वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में पारित कराकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को खत्म करना इतना बड़ा फैसला था जिसके बारे में आम लोग सोच भी नहीं सकते थे। अयोध्या में राम मंदिर के बनने के बारे में तो लोग एक बार सोच भी लेते थे मगर अनुच्छेद 370 का हटना लोगों की सोच से परे था मगर मोदी सरकार ने वह काम कर दिखाया था।
अब वक्फ संशोधन बिल को लेकर भी मोदी सरकार ने ऐसी कामयाबी हासिल की है जिसे हासिल करना लगभग नामुमकिन माना जा रहा था। वक्फ बोर्ड अधिनियम के बारे में ठीक से जानकारी रखने वालों को यह बात बखूबी पता है कि इसमें संशोधन किया जाना कितना जरूरी था। विपक्षी दलों की ओर से इसका विरोध किया जाना उनकी सियासी मजबूरी हो सकता है मगर मोदी सरकार ने विपक्ष के सारे रणनीतिक दावों को फेल करते हुए यह बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है।
भाजपा ने एक तीर से साध लिए कई निशाने
इस बिल को पारित कराने के साथ ही भाजपा ने एक तीर से कई निशाने साथ लिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साबित कर दिया है कि चंद्रबाबू नायडू और नीतीश कुमार के समर्थन से चलने वाली उनकी सरकार को कमजोर समझना भारी भूल होगी। इसके साथ ही भाजपा ने यह भी साबित कर दिया है कि पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान विपक्ष की सीटों की संख्या भले ही बढ़ गई हो मगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फैसला लेने की ताकत पर अभी भी कोई असर नहीं पड़ा है। अपने तीसरे कार्यकाल के दौरान भी वे बड़े फैसले लेने में पूरी तरह सक्षम हैं।
लोकसभा में बुधवार को भाजपा वक्ताओं ने जिस आक्रामक रणनीति के साथ बैटिंग की है,उससे साफ हो गया है कि अब विपक्ष के मन मुताबिक धर्मनिरपेक्षता की परिभाषा नहीं चलने वाली है। इसके साथ ही मुसलमानों से जुड़े हर मुद्दे को मुस्लिम विरोध के कठघरे में खड़ा नहीं किया जा सकता। मुस्लिमों से जुड़े हर मुद्दे को विपक्ष मुस्लिमों के लिए खतरा बताकर अभी तक सियासी रोटियां सकता रहा है मगर अब यह राजनीति आगे नहीं चलने वाली।
सभी को मानना पड़ेगा देश का कानून
इस बिल पर चर्चा के दौरान भाजपा ने यह संदेश भी दे दिया है कि मुसलमानों से जुड़े मुद्दे पर देशव्यापी विरोध और प्रदर्शन की धमकी से सरकार नहीं डरने वाली। गृह मंत्री अमित शाह ने संशोधित वक्फ कानून को नहीं मानने का ऐलान करने वालों को कड़ी चेतावनी के अंदाज में कहा कि यह देश की संसद की ओर से बनाया गया भारत का कानून है और इसे सभी को मनाना ही पड़ेगा।
वक्फ संपत्तियों में भारी गड़बड़ी का ब्योरा देते हुए शाह ने कहा कि अब यह चोरी नहीं चलने वाली है। देश में कानून का राज चलेगा और कोई यह नहीं कह सकता कि हम इस कानून को नहीं मानेंगे।
मोदी सरकार ने पूरी की लालू की इच्छा
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने यहां तक कहा कि यदि तुष्टीकरण के लिए कांग्रेस ने 2013 में वक्फ कानून को अति कठोर नहीं बनाया होता तो आज संशोधन लाने की जरूरत ही नहीं पड़ती। उन्होंने कहा कि राजद मुखिया लालू प्रसाद यादव समेत कई सदस्यों ने वक्फ संपत्तियों में भारी लूट का मुद्दा उठाया था और ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कड़े कानून की जरूरत बताई थी। शाह ने कहा कि लालू यादव की इच्छा अब मोदी सरकार पूरा कर रही है।