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बांदा जेल में मुख्तार अंसारी की जान को खतरा, सुप्रीम कोर्ट में यूपी सरकार ने कहा- 'डरें नहीं...तो बढ़ा देंगे सुरक्षा'

Mukhtar Ansari Case In Supreme Court: उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के एम नटराज ने आश्वासन दिया कि, 'आवश्यकता पड़ने पर अंसारी की सुरक्षा में वृद्धि की जाएगी।'

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Published on: 15 Dec 2023 1:27 PM GMT (Updated on: 15 Dec 2023 1:32 PM GMT)
Mukhtar Ansari Case In Supreme Court
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योगी आदित्यनाथ और मुख़्तार अंसारी (Social Media) 

Mukhtar Ansari Case In Supreme Court: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने शुक्रवार (15 दिसंबर) को सर्वोच्च न्यायालय को माफिया मुख्तार अंसारी की सुरक्षा (Security of Mafia Mukhtar Ansari) बढ़ाने का आश्वासन दिया है। योगी सरकार ने कहा कि, यदि जरूरत पड़ी तो वह बांदा जेल (Banda Jail) के भीतर मुख्तार अंसारी की सुरक्षा और कड़ी कर देगी। उन्हें कोई नुकसान न हो।' इस मामले की अगली सुनवाई अब 16 जनवरी, 2024 को होगी।

जस्टिस हृषिकेश रॉय (Justice Hrishikesh Roy) और जस्टिस संजय करोल (Justice Sanjay Karol) की पीठ ने आज मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी (Omar Ansari) की याचिका पर सुनवाई की। इसमें उमर ने अपने पिता को यूपी के बाहर किसी भी जेल में स्थानांतरित करने का निर्देश देने की मांग की थी। याचिका में मुख्तार अंसारी की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की गई थी।

'जरूरत पड़ी तो बढ़ेगी मुख्तार की सुरक्षा'

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के एम नटराज (Additional Solicitor General KM Nataraj) ने आश्वासन दिया कि, 'आवश्यकता पड़ने पर अंसारी की सुरक्षा में वृद्धि की जाएगी। ताकि, ये सुनिश्चित की जा सके कि उन्हें (मुख्तार) कोई नुकसान न हो।'

कपिल सिब्बल- मुख़्तार अंसारी की जान को खतरा'

उमर अंसारी की ओर से कोर्ट में वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) पेश हुए। उन्होंने कहा कि, 'याचिकाकर्ता के पिता को भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के मामले (Krishnanand Rai murder case) में दोषी ठहराया गया था। 8 आरोपियों में से 4 को पहले ही मारा जा चुका है। ऐसे में उनकी जान को भी खतरा है।' सिब्बल ने अदालत को ये भी बताया कि, 'एक आरोपी की कोर्ट रूम में पेशी के दौरान ही गोली मारकर हत्या की गई थी। इस पर अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने विरोध जताया। उन्होंने कहा कि, उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बांदा जेल भेजा गया था।'

उमर ने कहा- परिवार को बनाया जा रहा टारगेट'

मुख़्तार के बेटे उमर अंसारी ने अपनी याचिका में कहा है कि, 'चूंकि मुख्तार अंसारी एक ऐसे राजनीतिक दल से हैं, जो राजनीतिक और वैचारिक रूप से राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी का विरोध करता है, इसलिए उनके परिवार को भी निशाना बनाकर प्रताड़ित किया जा रहा है।'

याचिका में अतीक की हत्या का भी जिक्र

आपको बता दें, मुख़्तार की तरफ से दायर याचिका में ये भी कहा गया कि, 'हाई कोर्ट ने इस साल मई में उनकी सुरक्षा को बढ़ाने का आदेश दिया था। बावजूद 18 मई को कुछ अज्ञात और संदिग्ध लोगों ने याचिकाकर्ता के पिता की जेल बैरक का दौरा किया था। इसमें अतीक अहमद की हत्या का भी जिक्र किया गया है। पिटीशन में कहा गया है कि, हाल ही में पुलिस सुरक्षा में अतीक अहमद और उनके भाई की हत्या कर दी गई थी। इसलिए याचिकाकर्ता को अपने पिता की जान को भी खतरा है।'

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अमन कुमार - बिहार से हूं। दिल्ली में पत्रकारिता की पढ़ाई और आकशवाणी से शुरू हुआ सफर जारी है। राजनीति, अर्थव्यवस्था और कोर्ट की ख़बरों में बेहद रुचि। दिल्ली के रास्ते लखनऊ में कदम आज भी बढ़ रहे। बिहार, यूपी, दिल्ली, हरियाणा सहित कई राज्यों के लिए डेस्क का अनुभव। प्रिंट, रेडियो, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया चारों प्लेटफॉर्म पर काम। फिल्म और फीचर लेखन के साथ फोटोग्राफी का शौक।

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